हर जिले में खुलेगा मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल

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केंद्र के सहयोग से राज्य सरकार प्रमंडल मुख्यालयों व सभी जिलों में मोटर ड्राइविंग सिमुलेटर और ट्रेनिंग स्कूल खोलेगी। केंद्र सरकार इसके लिए हर जिले को एक-एक करोड़ रुपये, जबकि राज्य सरकार 1-1 एकड़ जमीन उपलब्ध करायेगी।यह बात उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने बताया कि बिहटा में राज्य सरकार ने तीन एकड़ जमीन की व्यवस्था की है, जहांकेंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले 50 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड व्हेकिल इंस्पेक्शन एंड टेस्टिंग सेंटर स्थापित किया जायेगा। उबर और ओला जैसी टैक्सी परिचालन के लिए राज्य सरकार नीति बनायेगी। उन्होंने बताया कि सुल्तान पैलेस और बांकीपुर बस डिपो की जमीन पर्यटन विभाग को सौंपने पर सरकार विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता और त्वरित कार्य निष्पादन के लिए डीलर प्वायंट रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स का भुगतान व नेशनल परमिट ऑनलाइन जारी करने के लिए वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर का उपयोग होगा। इसके अलावा सारथी 4.0, एम-परिवहन व ई-चालान सॉफ्टवेयर के जरिये ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस का शुल्क, कमर्शियल टैक्स व यातायात नियमों के उल्लंघन पर दंड का भुगतान किया जा सकेगा। वाहनों के पसंदीदा नम्बर के लिए ई-ऑक्शन की व्यवस्था की जायेगी।

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