हमारी सरकार ने विकास की नई इबारत लिखी : नीतीश

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किशनगंज/ पौआखाली (एसएनबी)।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनायीं। उन्होंने कहा कि मेरे 13 वर्षो के शासनकाल में बिहार ने विकास की नई इबारत लिखी है। गांव-गांव में बिजली पहुंची है। वे पौआखाली में किशनगंज लोक सभा के एनडीए प्रत्यशी सैय्यद महमूद अशरफ के समर्थन में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा 13 वर्षो में मैंने बिहार का विकास कर देश में इतिहास रच डाला है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में शिक्षा का स्तर काफी गिर चुका था। सिर्फ डेढ़ लाख लड़कियां ही स्कूल जाया करती थीं, लेकिन अब यह संख्या नौ लाख के पार पहुंच चुकी है। अब बेटियां आराम से पढ़ाई-लिखाई कर रही हैं। यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। इसके अलावा हमारी सरकार ने सात निश्चय योजना के तहत हर टोले में पक्की सड़कें, हर घर में नल का जल सहित कई जन कल्याणकारी योजनाओं को मूर्त रूप दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार देश का पहला ऐसा राज्य है जहां महिलाओं को हर क्षेत्र में आरक्षण की सुविधा प्रदान की गयी। उन्होंने कहा कि 13 वर्ष पहले बिहार की क्या दुर्गति थी, यह किसी से छुपी नहीं। इसे मैंने विकास और सुशासन के जरिये बेहतर करने का काम किया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोग लालटेन और ढिबरी से काम चलाते थे, लेकिन अब हरेक गांव में इच्छुकों को बिजली दे दी गयी है. अब समाज में लालटेन की कोई जरूरत नहीं है. सेवा मेरा काम है, सेवा मेरा धर्म है और सेवा ही लक्ष्य है, लेकिन कुछ लोगों का लक्ष्य सिर्फ धनार्जन करना है. उन्होंने कहा कि वे 13 वर्षों से सेवा कर रहे हैं. न्याय के साथ विकास मतलब समाज के हर तबके का बिना भेद भाव के साथ विकास किया गया. सूदूर गांवों का तो ज्यादा विकास किया गया.

मुख्यमंत्री ने सात निश्चय योजनाओं का भी विस्तार से जिक्र किया और कहा कि केंद्र की पहल पर हर घर में शौचालय बनवाने का कार्य करवाया जा रहा है. इसी वर्ष दो अक्तूबर गांधी जयंती पर हर घर में शौचालय का लक्ष्य पूरा कर लिया जायेगा. सीएम ने मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि साठ वर्ष के उम्र के लोगों के लिए यह पेंशन योजना अप्रैल माह से ही चालू कर दिया गया है.

विभिन्न तरह की जांच के बाद तीन से चार माह में सबके खाते में पेंशन की रकम आ जायेगी. वहीं, पूर्व शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार ने अंतिम पायदान के लोगों के साथ साथ बिना किसी भेद भाव का विकास किया है.

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सरकार ने 70 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण किया तो शिक्षा के क्षेत्र में कई भी कार्य किये गये हैं. ढाई लाख नयी कक्षाओं का निर्माण किया गया. अब हम शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विरासत नालंदा और विक्रशिला विश्वविद्यालय का गौरव फिर से प्राप्त करने के लिए लालायित हैं और इस दिशा में कार्य भी कर रहे हैं.

श्री चौधरी ने कहा कि 13 वर्ष पहले अपराध और नरसंहार की सरकार थी आज न्याय के साथ समावेशी विकासशील सरकार है. मौके पर जदयू प्रत्याशी अजय कुमार मंडल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में विकास की रफ्तार को बनाये रखने के लिए मोदी जी के हाथों को मजबूत करना आवश्यक है.

कुछ लोगों का लक्ष्य है सिर्फ धनार्जन करना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू-राबड़ी पर निशाना साधते हुए कहा कि 15 साल बिहार पर पति-पत्नी को राज करने का मौका मिला, लेकिन सिर्फ अपने घर को रोशन किया गया था. हमारी सरकार ने हर घर को रोशन किया है. सीएम ने कहा कि राजनीति में विरोध होता है, पर भाषा मर्यादित व शालीन होनी चाहिए. इस समय बहुत से लोग बौखलाहट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेरे खिलाफ गलत शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं. कैसी-कैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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ये वही लोग हैं, जो आप को बरगलाकर मेवा खाना चाहते हैं. मैं तो सेवा करने वाला आपका सेवक हूं. मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में प्रेम का वातावरण बने इसके लिए वे प्रतिबद्ध हैं. सीएम ने कहा कि अपने धर्म के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता स्वभाविक है, लेकिन दूसरे जाति-धर्म के प्रति सम्मान देकर प्रेम का वातावरण स्थापित किया जा सकता है, लेकिन विरोधी समाज में टकराव करवा कर इसे टुकड़ों में बांट रहे हैं और फिर एक टुकड़े की मदद ले रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने विरोधी पार्टी का नाम लिये बगैर कहा कि उनके विरोधियों उनके विरोध में बोलते रहते हैं लेकिन वे कुछ नहीं बोलते हैं. मेरे विरोध में बोलने वाला बोलते-बोलते थक जायेगा और कहां किनारे में फंस जोयगा कोई ठिकाना नहीं है. सीएम कहा कि पहले महिलाएं घर से कहां निकलती थी लेकिन आज बदलाव की बयार बह चली है.

उन्होंने कहा कि आज के समय में जितने लड़के स्कूलों में पढ़ रहे हैं उनती ही लड़कियां भी पढ़ रही हैं.  मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन को शुरू करते ही कहा कि तीनटेंगा से उनका आत्मीय लगाव है. जब वे हेलीकाप्टर से गुजरते हैं तो इस गांव को दूर से ही पहचान लेते हैं.

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