हड़ताल पर गए 80 हजार संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा होगी समाप्त

0
12
CONTRACT ANM KA COMMISSNIORY OFFICE ME PARDARSHAN KERTE

पटना – राज्य में संविदा पर बहाल 80 हजार चिकित्साकर्मियों की नौकरी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को हड़ताली संविदाकर्मियों का वर्क कांट्रैक्ट समाप्त करने का फरमान जारी कर दिया। समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा स्थाई करने जैसी मांगों के साथ राज्य के 80 हजार से भी अधिक चिकित्साकर्मी पिछले तीन दिनों से बेमियादी हड़ताल पर डटे हुए हैं।

सेवा स्थायी किए जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर गए संविदा स्वास्यकर्मियों के मामले में सरकार सख्त हो गई है। हड़ताली स्वास्यकर्मियों की सेवा समाप्त की जा सकती है। विभाग ने इस आशय का पत्र सभी सिविल सर्जन को जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दे दिया है।

स्वास्य विभाग के प्रधान सचिव ने पत्र जारी कर सभी सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि हड़ताली संविदाकर्मियों की जगह दूसरे कर्मियों की बहाली करें। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि हड़ताली कर्मचारी दूसरे कर्मियों को काम करने से रोकते हैं तो वैसे कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत ‘‘नो वर्क, नो पे’ के सिद्धांत के आधार पर उक्त अवधि में मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा। अनुशासनिक कार्रवाई के तहत संविदा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़े  भारत बनाम न्यूजीलैंड का मैच हो सकता है रद, हुआ फिक्सिंग का बड़ा खुलासा

उधर, सरकार की इस कार्रवाई से संविदा स्वास्य कर्मियों का आक्रोश भड़क उठा है। इस फैसले के विरोध में हड़ताली कर्मचारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। राज्य संविदा स्वास्य सेवा संघ सचिव ललन कुमार सिंह ने बताया कि पिछले चार दिसम्बर से राज्य के करीब 80 हजार संविदा स्वास्यकर्मी, जिनमें हेल्थ मैनेजर, आयुष चिकित्सक , अनुबंध एमबीबीएस डॉक्टर, पारा मेडिकल कर्मी, संजीवनी डाटा ऑपरेटरों ने स्वास्य व्यवस्था को बाधित कर दिया है। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने बुधवार को राज्य के सभी जिलाधिकारी व सिविल सर्जन को निर्देश जारी किया है कि हड़ताली चिकित्साकर्मियों की जगह संविदा पर नए चिकित्साकर्मियों की बहाली की जाए। साथ ही, कार्य बहिष्कार करने वाले चिकित्साकर्मियों के वेतन भुगतान को रोक दिया जाए।

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने बुधवार को विभाग की एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद सभी जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि इन चिकित्साकर्मियों के वर्क कांट्रैक्ट को तत्काल खत्म कर उनकी जगह नए कर्मियों की संविदा पर नियुक्ति की जाए।

यह भी पढ़े  2019 तक पटना मेट्रो का पहला फेज 6 किलोमीटर चालू होगा : मंत्री सुरेश शर्मा

बता दें कि संविदा पर बहाल चिकित्साकर्मियों में डॉक्टर से लेकर नर्स, एएनएम समेत निचले स्तर के चिकित्साकर्मी भी शामिल हैं। प्रधान सचिव ने डीएम व सिविल सर्जन को यह भी निर्देश दिया है कि कार्य बहिष्कार करने वाले संविदाकर्मियों के वेतन भुगतान पर भी रोक लगा दिया जाए।

दूसरी तरफ, संविदा पर बहाल हड़ताली चिकित्साकर्मियों ने भी सरकार की इस धमकी के आगे नहीं झुकने का निर्णय लिया है। उन्होंने सामूहिक आत्मदाह तक की धमकी दी है।

प्रधान सचिव ने जिलाधिकारियों व सिविल सर्जनों को लिखे अपने पत्र में कहा है कि यदि हड़ताली चिकित्साकर्मी किसी भी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा को प्रभावित करते हैं तो उनके खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here