हंगामे के बीच हुई पीयू सीनेट की बैठक

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Patna-Oct.27,2018-Members of various students organizations are demonstrating outside of Wheeler Senate hall in Patna University during senate meeting

पटना विविद्यालय में शनिवार को सीनेट की वार्षिक बैठक हुई। जिसमें वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 333.52 करोड़ रुपये का घाटे बजट दिखाया गया है। बैठक में सदस्य बात-बात पर आपस उलझते देखे गये। बीच-बीच में हंगामा भी होता रहा।प्रतिकुलपति प्रो डॉली सिन्हा ने सीनेट की बजट प्रतिवेदन रखा। प्रस्तुत किये गये बजट प्रतिवेदन में वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्यय प्राक्लन में उच्च शिक्षा विभाग पर 345. 88 करोड़, दूर शिक्षा निदेशालय पर 3.16 करोड़, स्ववित्तपोषित-व्यावसायिक पाठय़क्रमों पर 13.36 करोड़ तथा विज्ञान व प्रौद्योगिकी के अधी तत्कालीन बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पर 3.54 करोड़ यानी कुल 365.94 करोड़ व्यय राज्य सरकार से अनुमोदन के लिए प्रस्तावित है। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए प्रस्तावित व्यय के विरुद्ध विविद्यालय के सभी आंतरिक स्रेत से अनुमानित आय मात्र 32.42 कारोड़ दिखाया गया है। इस आये को घटाने के बाद कुल रुपये 333.52 करोड़ घाटे का बजट सदन के पटल पर रखा गया। जिसे सर्वसम्मति से सदस्यों ने पारित कर दिया । प्रस्तावित कुल घाटे की रकम में से उच्च शिक्षा 333.52 करोड़ के घाटे का बजट राज्य सरकार के शिक्षा विभाग व विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग को अनुमोदन के लिए भेजा गया। आपस में उलझते रहे सदस्य : बैठक में सदस्य बात-बात पर आपस उलझते देखे गये। बीच-बीच में हंगामा भी होता रहा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे कुलपति सदस्यों को शांत कराते रहे। छात्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज ने छात्र संघ को फंड मुहैया नहीं कराये जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कुलपति से वर्तमान सत्र में छात्र संघ चुनाव कराने की तिथि घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी के छात्रों को छात्रवृत्ति से वंचित किया जा रहा है। छात्र संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि नामांकन के समय छात्रों से दस रुपये छात्र संघ के नाम पर वसूल किये जाते हैं, लेकिन छात्र संघ को फंड मुहैया नहीं कराया जाता है। जवाब में डीन प्रो एनके झा ने अब नये प्रावधान के तहत छात्रों से नामांकन के समय दस रुपये के बदले एक सौ रुपये लिये जाने की घोषणा की। डीन ने कहा कि राशि कम होने के बावजूद बैंक से कर्ज लेकर छात्र संघ को फंड मुहैया कराया गया और संघ कार्यालय में फर्नीचर, कंप्यूटर की व्यवस्था की गयी। सीनेट सदस्य पप्पू वर्मा ने व्हीलर सीनेट हॉल का नाम बदल कर स्वामी विवेकानंद के नाम पर करने का मामला उठाया। इसको लेकर पांच मिनट तक सीनेट में हंगामा होता रहा। बाद में विवेकानंद के नाम ऑडोटोरियम बनाने पर सहमति बनी। सिंडिकेट व सीनेट सदस्य डॉ सुधाकर प्रसाद सिंह ने शोध का स्तर पर सुधारने की बात कही। कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व कर रहे व सीनेट सदस्य सुबोध कुमार ने कर्मचारियों के आवास, प्रोन्नति सहित अन्य सुविधा बहाल करने का मामला उठाया। सीनेट सदस्य अनुप्रिया ने कैंपस में लड़कियों की सुरक्षा प्रदान करने का मामला उठाया।

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पटना। पटना विविद्यालय सीनेट की बैठक में कुलपति प्रो रासबिहारी प्रसाद सिंह अपने अभिभाषण में कहा कि विविद्यालय में डीटीएच चैनल अपनाया जा रहा है। इस दिशा में प्राथमिक प्रशिक्षण कार्य भी कर लिया गया है। रसायनशास्त्र विभाग, पीएमआईआर, इतिहास विभाग, अंग्रेजी और विधि विभाग में कंप्यूटर सेंटर कार्यरत भी हो चुका है। शोध कार्य को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए नयी पहल की गयी है। नये नियमों के अनुसार पीएचडी इंट्रेंस टेस्ट हो चुका है। कुलपति ने कहा कि अगले सत्र की परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में ली जायेगी। यूजीसी को शिक्षक व कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत और नये क्वार्टर के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। पटना वीमेंस कॉलेज और पटना कॉलेज में लड़कियों के लिए डिलक्स स्टैंर्डड वाशरूम का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य सभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह के सहयोग से सीनेट हॉल के पास शताब्दी द्वार का निर्माण कराया जा रहा है। 5.86 करोड़ परीक्षा भवन के निर्माण, 1.38 करोड़ छात्राओं के लिए वाशरूम और 26 लाख रुपये सीसीटीवी और बायोमीट्रिक मशीन लगाने के लिए आवंटित किये गये हैं।कुलपति ने कहा कि उच्चस्तरीय शोध की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख कार्य विविद्यालय में नेशनल डॉलफिन रिसर्च सेंटर की स्थापना किया जाना है। इसी तरह, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ भूकंप से संबंधित आकड़ा संग्रह व शोध कार्य करने के लिए एक केंद्र पटना साइंस कॉलेज में स्थापित किया जायेगा। पटना विविद्यालय और टाटा इंस्टीटय़ूट ऑफ सोशल साइंस के बीच भी एक समझौता हुआ है, जिसके तहत अंग्रेजी विभाग, इतिहास विभाग, भूगोल विभाग मिलकर द रिभर, द टाउन एंड माइग्रेशन पर रिसर्च प्रोजेक्ट पर कार्य करेंगे। द जूलॉजिकल सव्रे ऑफ इंडिया सहित कई अन्य राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थानों से शोध के लिए एमओयू के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। कुलपति ने सत्र 2018-19 में छात्र संघ चुनाव कराने की घोषणा की।11 नये विभागों की मंजूरीपटना विविद्यालय सीनेट की बैठक में 11 नये विभागों को मंजूरी प्रदान की गयी जिनमें कंप्यूटर साइंस, इनवायरन्मेंटल साइंस, बुद्धिस्ट स्टडीज एंड रिसर्च, वीमेंस स्टडीज, फॉरेन लैंग्वेज, इलेक्ट्रॉनिक साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पारा मेडिकल, म्यूजिक सोशल वर्क, मैनेजमेंट, एनर्जी स्टडीज, बायोटेक्नोलॉजी, पत्रकारिता व जनसंचार शामिल हैं। साथ ही मगध महिला कॉलेज, पटना वीमेंस कॉलेज में सांख्यिकी विभाग शुरू करने का प्रस्ताव है। एमए इन रूरल स्टडीज, पीजी डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट, एमए व बीएड सहित कई कोर्स शुरू करने के लिए सहमति प्रदान की गयी। इसके अलावा फाइन आर्ट्स में ब्लॉक पेंटिंग, मधुबनी पेंटिंग, टिकुली आर्ट सहित अन्य आर्ट शुरू करने पर सहमति बनी। वाणिज्य महाविद्यालय में द्वितीय पाली में बीकॉम (ऑनर्स) की पढ़ाई प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की गयी।

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छात्रों ने किया प्रदर्शन सीनेट की बैठक में घुसने की कोशिश की ,छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने भांजी लाठी, कई घायल 

पटना विवि सीनेट की शनिवार को हुई बैठक के दौरान छात्र संगठन एआईएसएफ, छात्र राजद, जन अधिकार छात्र परिषद और छात्र जदयू के छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और सीनेट की बैठक में घुसने की कोशिश की। छात्रों को रोकने के लिए गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों ने लाठीचार्ज किया। इस लाठीचार्ज में कई छात्रों के घायल होने की सूचना है। सीनेट गेट पर एआईएसएफ के छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया। बीएड, एमएड सहित कई वोकेशनल कोर्स में शुल्क वृद्धि की कोशिश, छात्रावासों का शीघ्र आवंटन, पीएचडी की प्रक्रिया में देरी, छात्र संघ भंग होने के बावजूद पूर्व छात्र प्रतिनिधियों को मनमाने तरीके से बुलाने से आक्रोशित के छात्रों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सीनेट गेट के बाहर एक सभा भी हुई। जिसमें एआईएसएफ के जिला सचिव जन्मेजय कुमार ने कहा कि शुल्क वृद्धि कर यूनिवर्सिटी प्रशासन एक बड़े तबके को यूनिवर्सिटी से बाहर करना चाहती है। अध्यक्षता एआईएसएफ के पीयू अध्यक्ष राकेश प्रसाद की।छात्र राजद ने प्रशासन द्वारा आयोजित सीनेट की बैठक का जोरदार रूप से विरोध किया, आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन एवं सीनेट हॉल का घेराव किया। पीयू अध्यक्ष राहुल यादव एवं उपाध्यक्ष सुजीत कुमार ने कहा कि पटना विविद्यालय अपनी शैक्षणिक समृद्धता खो रहा है। जन अधिकार छात्र परिषद के प्रदेश अध्यक्ष गौतम आनंद के नेतृत्व में 10 सूत्री मांगों को लेकर सीनेट की बैठक का घेराव और आक्रोशपूर्ण विरोध किया।

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