स्वास्य विभाग का मोबाइल ऐप‘‘विास’लॉन्च

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सूबे के स्वास्य मंत्री मंगल पांडेय ने राज्य में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का संचालन कर रही बिहार स्वास्य सुरक्षा समिति द्वारा चिकित्सालयों के चयन की प्रक्रिया को और पारदर्शी एवं त्रुटिहीन बनाए जाने के लिए विकसित विास मोबाइल ऐप को बुधवार को लॉन्च किया। स्वास्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने यहां ऐप की लॉ¨न्चग के बाद बताया कि बिहार स्वास्य सुरक्षा समिति द्वारा विकसित इस ऐप में जिला समिति के सदस्यों द्वारा चिकित्सालयों की जांच की पूरी प्रक्रिया के फोटो ऑनलाइन माध्यम से राज्य और केंद्र को भेजे जा सकते हैं। फोटो में स्थान के अक्षांश और देशांतर की जानकारी और समय एवं तिथि की जानकारी स्वत: रिकॉर्ड हो जाएगी। इस तरह इस प्रक्रिया में किसी तरह के छेड़छाड़ की संभावना को नगण्य किया जा सकता है। इस तरह का ऐप विकसित करने वाला बिहार इस योजना में पूरे भारत का पहला राज्य है।श्री कुमार ने बताया कि शीघ ही राष्ट्रीय स्वास्य प्राधिकरण को इसका विस्तृत प्रस्तुतीकरण देने की तैयारी है। इस ऐप के माध्यम से योजना में निजी चिकित्सालयों के चयन को न केवल पारदर्शी और सुगम बनाया जायेगा बल्कि अधिक से अधिक मानकों के अनुरूप सक्षम अस्पतालों के सम्मिलित होने से योजना को और बल मिलेगा तथा लाभार्थियों को योजना का लाभ और सहजता से मिलेगा।वहीं, बिहार स्वास्य सुरक्षा समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी असंगबा चुबा आओ ने बताया कि इस ऐप में नयी विशेषताओं का विकास किया जा रहा है, जिससे विास ऐप का इस्तेमाल अस्पतालों के चयन के साथ ही योजना के अन्य ¨बदुओं जैसे लाभार्थी ऑडिट, हॉस्पिटल ऑडिट, मेडिकल ऑडिट, रिकॉर्ड की¨पग में भी सफलता पूर्वक किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा सरकारी और निजी चिकित्सालयों में भर्ती होने पर लाभार्थी को दी जाती है। इसके लिए निजी चिकित्सालयों को योजना में सम्मिलित होने के लिए आवेदन करना होता है। इसके बाद चिकित्सालय की जांच जिला और राज्य स्तर पर बनायी गयीं विशेष समितियों के माध्यम से की जाती है। मानकों के अनुरूप पाये जाने पर चिकित्सालय को योजना में सम्मिलित किया जाता है। हालांकि यह प्रक्रिया केंद्र स्तर पर गठित राष्ट्रीय स्वास्य प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। इस प्रक्रिया में अस्पतालों की जांच और अनुशंसा की पूरी प्रक्रिया कागजों और फाइलों के माध्यम से होती है, जिसमें मानवीय त्रुटि और विलम्ब की अत्यधिक संभावना होती है।अक्षत सेवा सदन को क्यूसीआई ने किया प्रमाणितपटना (एसएनबी)। देश में स्वास्य सेवा क्षेत्र में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) ने राजधानी स्थित अक्षत सेवा सदन, यारपुर को प्रमाणित किया है। क्यूसीआई भारतीय उद्योग के साथ साझेदारी में संगठन स्थापित करने में भारत सरकार का एक अग्रणी प्रयोग है जो राष्ट्र और उसके नागरिकों के हितों को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा के लिए सभी क्षेत्रों में गुणवत्ता मानकों के पालन के लिए राष्ट्रव्यापी गुणवत्ता आंदोलन का नेतृत्व करता है।संस्थान के निदेशक डॉ. अमूल्य कुमार सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि देश के इस प्रतिष्ठित संगठन द्वारा प्रमाणित किए जाने से निश्चित रूप से उनका मनोबल बढ़ा है। अक्षत सेवा सदन अस्पताल प्राइवेट लिमिटेड एक निजी स्वास्य देखभाल पण्राली है जिसका उद्घाटन 28 जनवरी 2004 को किया गया था।

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