स्वास्य के क्षेत्र में बिहार में अच्छा काम हुआ : नड्डा

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PATNA CM SECRETARIAT SANWAD MEIN SWASHTHYA VIBHAG KE KARYA KI SAMIKSHA BAITHAK MEIN KENDRUYA MANTARI SWASHTHYA VIBHAG BHARAT SERKA MR. J P NADDEA KE SATH CM NITISH KUMAR,DY CM SUSHIL KUMAR MO0DI,ASWANI KUMAR CHOBEY AND MANGAL PANDEY

पटना। केन्द्रीय स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा ने बिहार में स्वास्य क्षेत्र में हुए कामों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हेल्थ की दृष्टि से बिहार में बहुत अच्छी प्रगति हुई है। स्वास्य इंडिकेटर में काम, मिशन मोड पर हुआ है और भारत सरकार हरसंभव सहयोग देने के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा कि 10 वषों में मातृ मृत्यु दर 312 से 165 पर पहुँच गया है। शिशु मृत्यु दर 42 से 38 हो गया है। टीनेज प्रिगनेंसी 25 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत पर पहुँच गयी है। टीनेज मैरेज 69 प्रतिशत से 42 प्रतिात पर पहुँच गया है। इस तरह से सूचकांक देखने से पता चलता है कि स्वास्य के क्षेत्र में बिहार में काफी काम हुआ है। श्री नड्डा ने मुख्यमंत्री के साथ पटना में हुई बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रुटीन इम्युनाइजेशन 18 से 85 प्रतिशत पर पहुंच गया है। मिशन इन्द्रधनुष और मेडिकल एजुकेशन में भी अच्छी प्रगति हुई है। काम तीव्र गति से चल रहा है। आयुष्मान भारत के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग भारत सरकार करने के लिए तैयार है। लिम्फेटीक फ्लेरेसिस की दृष्टि से भी अच्छा काम हुआ है, दो जिलों में सुपरविजन भी शुरू हो गया है। आयुष्मान भारत से बिहार में जो भी स्कीमें चल रही हैं, उन्हें जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि आज समीक्षा बैठक में काफी सार्थक र्चचा हुई है।
पटना (एसएनबी)। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभाकक्ष में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में केन्द्रीय स्वास्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में स्वास्य विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में आयुष्मान भारत, मेडिकल एजुकेशन के तहत दरभंगा मेडिकल कालेज, श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज मुजफ्फरपुर, गवर्नमेंट मेडिकल कालेज भागलपुर, गवर्नमेंट मेडिकल कालेज गया में बनने वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की व्यवस्था समेत कई अहम मुद्दों पर र्चचा की गयी। इसके अलावा कालाजार उन्मूलन, नेशनल हेल्थ पालिसी, ग्राम स्वराज अभियान, टूबरक्लोसिस, एमबीबीएस और पीजी की सीटें बढ़ाने सहित पटना एम्स एवं हेल्थ सेक्टर से जुड़े अन्य मुद्दों पर गहन र्चचा की गयी। फेज-1 के तहत पूर्णिया, समस्तीपुर, सारण और फेज-2 के तहत सीतामढ़ी, झंझारपुर, सीवान, बक्सर और जमुई में बनने वाले नये मेडिकल कलेज की मूलभूत संरचना, जमीन सहित अन्य जरूरतों एवं समस्याओं के समाधान पर भी विस्तारपूर्वक र्चचा हुई।समीक्षा बैठक में स्वास्य एवं परिवार कल्याण विभाग भारत सरकार द्वारा हेल्थ सेक्टर में चल रही योजनाओं का प्रेजेंटेशन दिया गया। राज्य सरकार की ओर से स्वास्य विभाग द्वारा समीक्षा बैठक में स्वास्य क्षेत्र में अब तक हुई प्रगति एवं चल रही योजनाओं के संदर्भ में प्रेजेंटेशन दिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, मातृ मृत्यु दर, फर्टिलिटी रेट एवं भ्रूण हत्या को ध्यान में रखकर बिहार में शुरू की गयी मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की र्चचा की। उन्होंने कहा कि जो भी हेल्थ सेक्टर में काम हो रहे हैं, उसकी नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए। हेल्थ सेक्टर में बिहार में मेडिकल के साथ-साथ एजुकेशनल पार्ट पर भी काफी ध्यान दिया गया। अस्पतालों में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड समेत कन्ट्रैक्ट कर्मियों के मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री ने र्चचा की और उन्होंने कहा कि जब तक नई संविदा के तहत कर्मियों की सुनिश्चितता नहीं हो जाती, तब तक पुराने कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की सेवा को एक्सटेंड कर ऑटोमेटिक व्यवस्था सुनिचित कीजिये ताकि काम में रुकावट नहीं आने पाए। केन्द्रीय स्वास्य मंत्री एवं अधिकारियों को इस समीक्षा बैठक के लिए धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समीक्षा बैठक में समस्याओं एवं उनके निदान पर गंभीरता से र्चचा हुई है, इससे हेल्थ सेक्टर में काफी सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कालाजार उन्मूलन के लिए अस्पताल में एडमिट होने वाले मरीजों एवं उनके साथ रहने वाले एक अटेंडेंट को आर्थिक सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली एम्स पर मरीजों का लोड घटे, इसके लिए आवयक है कि पटना एम्स को वाइडेन करने के साथ ही डिपार्टमेंट को भी बढ़ाने की आवश्यकता है। आईजीआईएमएस को इम्प्रूव करने के बाद बिहार से बाहर जाने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि बिहार के जो कालाजार अफेक्टेड एरिया हैं, उन 10 प्रखंडों के कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से जोड़कर पक्का हाउस बनाने की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। कालाजार प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग यदि आर्थिक सामाजिक जनगणना में क्वालीफाई नहीं भी करें तो उनका पक्का घर बनाने की दिशा में ग्रामीण विकास मंत्रालय को काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि टूबरक्लोसिस के लिए प्लस पोलियो की तर्ज पर अभियान के साथ-साथ उसकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी सुनिचित करनी होगी ताकि दवा की जो 9 महीने कीडोज है, वह टीवी से ग्रस्त मरीज ले सकें। समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केन्द्रीय स्वास्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे, स्वास्य मंत्री मंगल पाण्डेय व पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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