स्टिंग ऑपरेशन से बिहार क्रिकेट में गोरखधंधे का हुआ खुलासा

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18 साल बाद बीसीसीआइ के मुख्य टूर्नामेंट में बिहार की वापसी के साथ यहां पैसों का खेल भी शुरू हो गया है। टीम में चयन के लिए खिलाडिय़ों से मोटी रकम मांगी जाती है, जिसमें चयनकर्ता और अन्य अधिकारी भी संलिप्त हैं। इसका उजागर न्यूज18 समाचार चैनल के ऑपरेशन क्लीन बोल्ड में बुधवार को हुआ।

न्‍यूज18 इंडिया के ‘ऑपरेशन क्लीन बोल्ड’ से भारतीय क्रिकेट खासकर बिहार और झारखंड में टीम में चयन को लेकर चल रहे भ्रष्‍टाचार का पर्दाफाश हुआ है. इस ऑपरेशन में खुलासा हुआ है कि किस तरह चयनकर्ता या फिर एसोसिएशन के सदस्‍य युवा क्रिकेटर्स को टीम में जगह दिलाने के बहाने क्रिकेट के साथ विश्वासघात कर रहे हैं. वह खिलाड़ियों को खिलाने के लिए 50 हजार से लेकर करोड़ रुपए तक की मांग भी करते हैं.

बिहार सीनियर क्रिकेट टीम के चयनकर्ता नीरज कुमार पूरे गोरखधंधे को अपनी जुबानी सुनाते कैमरे में देखे गए। इस खेल में उन्होंने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह को भी भागीदार बताया है। साथ ही बीसीए स्टेट पैनल के अंपायर देव प्रकाश त्रिपाठी उर्फ डॉ डीपी त्रिपाठी ने भी कैमरे पर महिला टीम में चयन के लिए पैसों की मांग की है।

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आशंका है कि पैसे के खेल के चलते ही बिहार रणजी टीम के पूर्व कप्तान सुनील कुमार को जूनियर चयन समिति का अध्यक्ष पद गंवाना पड़ा था। बिहार जूनियर खिलाडिय़ों के चयन की जिम्मेदारी सुनील को सौंपी गई थी, लेकिन टीम घोषित होने से पहले ही उन्हें हटाकर सीनियर टीम के चयनकर्ता रहे मनोज यादव, नीरज कुमार और राकेश कुमार सिन्हा को जूनियर टीम चयन करने की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।

सत्र 2017-18 में भी अंडर-23 टीम के चयनकर्ता रहे निखिलेश रंजन और सुनील कुमार सिंह ने चयन प्रक्रिया में दखल देने के लिए इस्तीफा दे दिया था और सोशल साइट्स पर अपने द्वारा चयनित टीम की सूची जारी कर दी थी, जिसमें अंतिम चयनित टीम में कई बदलाव थे। उसके बाद से उन्होंने बीसीए के सभी कार्यों से दूरी बना ली।

बिहार के खेल मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा कि इस ऑपरेशन ने खेल के अंदर के गंदे चेहरे को उजागर कर दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार के बच्चों के साथ जो लोग खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी. आज गुरुवार को खेल विभाग ने एक अहम बैठक की है. इसकी जानकारी देते हुए खेल मंत्री ने कहा कि अगर पीड़ित बच्चे इसकी लिखित शिकायत करेंगे तो विभाग इन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. साथ ही बीसीसीआई को पत्र लिखकर सरकार इन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी करेगी.

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त्रिपाठी निलंबित व सीनियर चयन कमेटी भंग
इस खबर के आने के बाद बीसीए अध्यक्ष गोपाल बोहरा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डॉ डीपी त्रिपाठी को निलंबित कर दिया और सीनियर चयन कमेटी को भंग कर दिया है। प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बोहरा ने दोनों पर कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही है।

जांच के लिए सीओए को लिखा पत्र
बीसीए सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पदाधिकारियों और सीओए विनोद राय को पत्र लिखकर एक जांच कमेटी बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

आरोप साबित होने पर सजा के लिए रहूंगा तैयार : रविशंकर प्रसाद
बीसीए सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि आरोप लगाने वाले 45 लाख क्या 75 करोड़ रुपये लेने का भी लगा सकते हैं। मुझ पर यह आरोप साबित होते हैं तो मैं बीसीसीआइ से कोई भी सजा के लिए तैयार रहूंगा।

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कमेटी ऑफ मैनेजमेंट को भंग करने की मांग:

बीसीए लीगल कमेटी के चेयरमैन जगन्नाथ सिंह ने सीओए विनोद राय और बीसीए अध्यक्ष गोपाल बोहरा को पत्र लिखकर तत्काल कमेटी ऑफ मैनेजमेंट भंग करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने पत्र में सभी लोगों पर क्रिमिनल केस चलाने की भी मांग की है।

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