सौ साल की हुई फुलवारी की इमारत-ए-शरिया

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फुलवारीशरीफ – बिहार, उड़ीसा एवं झारखंड के मुसलमानों की सबसे बड़ी एदारा इमारत-ए-शरिया ने अपनी स्थापना के एक सौ साल का सफर पूरा कर लिया। धार्मिक, सामजिक, स्वास्य एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में बढ़ चढ़ कर सेवा देने में लगा इमारत-ए-शरिया का स्थापना दिवस समारोह बुधवार को अल-महदुल आली काजी नगर के सेमिनार हाल में मनाया गया। शरिया के महासचिव मौलाना अनिसुर रहमान कासमी ने इस अवसर पर उलेमाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक मसलों की देखरेख करने वाली संस्था इमारत-ए-शरिया कि स्थापना अल्पसंखयक समुदाय के पिछड़ेपन को देख कर सौ वर्ष पूर्व की गयी थी। शरिया ने अपने सौ साल लंबे सफर में न केवल अल्पसंख्यकों बल्कि मुल्क व सूबा बिहार, उड़ीसा, झारखंड समेत दूसरे राज्यों के वंचित तबकों के उत्थान के लिए अनेकों कार्यक्रम चलाये हैं। शरिया ने धार्मिक, सामाजिक और शिक्षण के क्षेत्र में बहुत सारे कार्य किए हैं जिसका सुनहरा इतिहास है। जब इमारत-ए-शरिया की स्थापना हुई थी तब इसके संस्थापकों के पास कुछ भी नहीं था। मौलाना ने नौजवान लड़कों को अपने सम्बोधन में बताया कि सन् 1957 ई. में इमारत-ए-शरिया के चौथे अमीर शरीयत हजरत मौलाना सैय्यद मिननतुल्लाह रहमानी साहब ने अपने नेतृत्व में नौजवानों की एक टीम तैयार की और उनकी सहायता से शरिया की कार्य पण्राली को आगे बढ़ाया। अभी हाल ही में अमीर शरीयत हजरत मौलाना मो. वली रहमानी के नेतृत्व में गिरिडीह एवं रांची में सीबीएससी स्कूल की स्थापना की गई है। समाज में आपसी सौहार्द बढ़ाने सहित आईटीआई और मौलाना सज्जाद मेमोरियल अस्पताल इमारत शरिया की आम लोगों में पहचान बनाने में काफी कारगर रहा है। इस अवसर से जमीअत उलेमा-ए-बिहार के सचिव हाजी हुस्न अहमद कादरी, राजभाषा उर्दू के निदेशक इम्तियाज अहमद करीमी, मजलिस-उलेमा ए पटना सिटी के सचिव अमानत हुसैन, पत्रकार एवं लेखक खुर्शीद अनवर आरफी, अमीर इमारत अहले हदीस बिहार खुर्शीद आलम मदनी सलफी, मौलाना डॉ. अतिकुर रहमान, बिहार राब्ता कमेटी के सचिव फजल रब, मौलाना सोहेल अहमद नदवी उप-सचिव इमरात-ए शरिया, मुफ्ती सुहैल अहमद कासमी मुफ्ती इमारत-ए शरिया, मौलाना मुफ्ती सनाउल होदा कासमी, मौलाना मो. सोहराब नदवी उप-सचिव इमारत-ए-शरिया, मौलाना मो. शिबली अल-कासमी उप सचिव इमारत-ए-शरिया, मौलाना डॉ. शकील अहमद कासमी, मौलाना मो. आलम कासमी कन्वेनर आइम-ए-मसाजिद बिहार, मौलाना अब्दुस समद इमाम मस्जिद अली नगर इत्यादि जैसे लोगों ने सभा को संबोधित किया।

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