सूखा पीड़ित किसानों को हरसंभव मदद:

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Patna-July.23,2018-Bihar Chief Minister Nitish Kumar is inaugurating online transfer of diesel subsidy to the accounts of farmers programme at CM Secretariat in Patna.

पटना – राज्य के खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है। इसलिए सरकार सूखा पीड़ित किसानों को उदारतापूर्वक ज्यादा से ज्यादा सहायता उपलब्ध करायेगी।’ यह बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को सचिवालय स्थित ‘‘संवाद’ में डीजल अनुदान का किसानों के बैंक खाते में ऑनलाइन अंतरण कार्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर कही। उन्होंने कहा,‘‘मैं हमेशा अधिकारियों से कहता हूं कि आपदा की स्थिति में वे उदारतापूर्वक पैसा खर्च करें, खजाने पर संकट नहीं आएगा। उन्हें इसकी चिंता करने की जरुरत नहीं है। राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है।’ उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति पर नजर रखी जा रही है। 31 जुलाई को बैठक कर सारी परिस्थितियों की समीक्षा एक बार फिर से की जाएगी तथा किसानों को और ज्यादा से ज्यादा सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी राज्य में आजीविका के लिए 76 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं। सरकार उनके प्रति संवेदनशील है। आपदा की स्थिति में राज्य सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी, ताकि आपदा से निपटने में सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ काम करे। मुझे पूरी उम्मीद है कि कामयाबी मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 में बाढ़ प्रभावित 22 जिलों के ढाई करोड़ लोगों को प्रति परिवार एक ¨क्वटल अनाज उपलब्ध कराया गया था। वर्ष 2016 में 38 लाख परिवारों को जो बाढ़ से प्रभावित थे, छह हजार प्रति परिवार की दर से 2400 करोड़ रपए की राशि उपलब्ध करायी गई थी। उन्होंने कहा कि आपदाओं के समय किसान संकट से जूझता है इसलिए सरकार किसानों की हरसंभव सहायता के लिए तत्पर है। पहले से ही फसल सहायता योजना के तहत सरकार किसानों को सहायता उपलब्ध करा रही है। आज नई तकनीक का चयन किया गया है जिसके द्वारा रजिस्र्टड किसानों को बैंक खाते में डीजल अनुदान का पैसा हस्तांतरित हो जाएगा। अभी 1100 किसानों के खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने सुझाव दिया है कि किसानों का रजिस्ट्रेशन एक बार हो जाये, ताकि अन्य योजनाओं का भी लाभ उन्हें मिल सके, इससे मैं भी सहमत हूं। पहले किसानों को डीजल अनुदान का लाभ लेने के लिए जहां तीन महीने का समय लगता था, लेकिन अब उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया से अधिक से अधिक 25 दिनों में डीजल अनुदान का पैसा मिल जायेगा। उन्होंने जिलों के कृषि पदाधिकारियों, प्रखंडों के कृषि समन्वयकों और कृषि सलाहकारों को एक अभियान चलाकर प्रत्येक गांव में किसानों के घर-घर पहुंचकर राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के साथ-साथ चलायी जा रही योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों को कहा कि वे किसानों को केंद्र पर ले जाकर रजिस्ट्रेशन कराएं।

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