सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार जजों ने की मीडिया से बात , चीफ जस्टिस पर लगाए गंभीर आरोप

0
74
Four senior Supreme Court judges Press conference.

सुप्रीम कोर्ट के न्‍यायाधीश जे चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसफ ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में मीडिया से कहा, ‘जब कोई विकल्‍प नहीं बचा तो हम आपके सामने आए हैं. हमने किसी काम को सही तरीके से करने के लिए कहा था. कुछ महीने पहले हम चारों जजों ने चीफ जस्टिस को एक चिट्ठी लिखी थी. देश का लोकतंत्र खतरे में है’.

सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने शुक्रवार को एेतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। शायद ही इससे पहले कभी सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। ये जज हैं जस्टिस चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगाई, जस्टिस मदन भीमराव और जस्टिस कुरियन जोसेफ। यह प्रेस वार्ता जस्टिस चेलामेश्वर के घर पर हुई। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के बाद नंबर दो की हैसियत रखने वाले जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा कि न्यायपालिका के इतिहास में यह घटना ऐतिहासिक है। पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जजों को सामने आना पड़ा है। चेलामेश्वर ने कहा कि पिछले 2 महीने से सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक से नहीं चल रहा है। चेलामेश्वर ने इस तरह चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के कामकाज पर ही सवाल उठा दिए। इससे न्यायपालिका में बड़ा संकट उभर गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से बातचीत की।

यह भी पढ़े  कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मोदी मैजिक,BJP ऑफिस में जश्न, कांग्रेस में सन्नाटा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेलामेश्वर ने कहा कि कुछ बातों हम लोगों ने पर चीफ जस्टिस से कहा कि चीजें सही से नहीं चल रही हैं और सुधार के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि हम कुछ खास मांगों को लेकर चीफ जस्टिस से मिले थे, लेकिन दुर्भाग्यवश हम यह साबित करने में असफल रहे कि हम सही हैं। इसलिए हमारे पास देश को जानकारी देने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। एेसा इसलिए ताकि इस संस्थान (सुप्रीम कोर्ट) की अहमियत बरकरार रखी जा सके।

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के बाद नंबर दो जस्टिस चेलामेश्वर की अगुआई में उच्चतम न्यायालय के 4 जजों ने बुधवार को ऐतिहासिक कदम उठाया। इन जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चीफ जस्टिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों पर मतभेदों को लेकर चीफ जस्टिस को जानकारी दी गई, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। हालांकि, कानूनी मामलों पर नजर रखने वाले लोग मानते हैं कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस चेलामेश्वर का टकराव नया नहीं है। ताजा मामला पिछले साल नवंबर का है। चीफ जस्टिस की अगुआई वाली बेंच ने जस्टिस चेलामेश्वर की अगुआई वाली दो सदस्यीय बेंच के फैसले को पलट दिया था। चेलामेश्वर की बेंच ने आदेश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में घिरे ओडिशा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज के खिलाफ एसआईटी जांच की याचिका पर सुनवाई के लिए बड़ी बेंच बने। दो सदस्यों की बेंच के इस फैसले को जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पांच सदस्यीय बेंच ने पलट दिया।

यह भी पढ़े  मैं सरकार का विरोधी नहीं और न ही विपक्ष का साथी : हार्दिक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here