सीएम नीतीश ने किया मलमास मेले का उद्घाटन

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राजगीर का पौराणिक त्रैवार्षिक राजकीय दर्जा प्राप्त मलमास मास मेला 2018 काफी भव्यता के साथ अपने अतिथियों के स्वागत में तैयार खड़ी है। सैरात की भूमि पर लगे तीन थियेटरों के आलीशान व आकर्षक पंडालों ने मेला क्षेत्र में एक अलग झलक की प्रस्तुति कर रही है। जिसमें शोख व चंचल नर्तकियों व कलाकारों के साज और आवाज से महफिल सजेगी।

यहां से नर्तकियों के पाव मे बंधे घुंघरुओं से उठती झंकार व मखमली आवाज राजगीर के पंच पहाडिय़ों को झंकृत करेंगी। साथ ही चार पोल का सर्कस अपने कुशल कलाकारों के हैरत अंगेज कारनामों से दर्शकों को दांतो तले अंगुलियां दबाने को मजबूर करने को तैयार हैं।

दो फीट का बौना व जोकर इस सर्कस के खास आकर्षण होंगे। जबकि सम्मोहन के मायावी दुनिया में ले जाकर लोगों को पल भर में गायब कर देने वाला जादूगर का खेल विस्मित कर देने वाला चमत्कारी खेल मेले का मुख्य आकर्षण होगा।

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इस बार मेले मे पहली बार तीन मौत का कुआं अपने जान की बाजी लगा देने वाले महिला पुरुष कलाकार के साथ लोगों की धड़कन बढाने को आतुर है। 50 फुट ऊंचाई तथा उपरी चौड़ाई 65 व नीचे की चौड़ाई 52 फीट के सर्किल राऊंड मे एक साथ पांच मारुती तथा पांच मोटरसायकिल पर सवार कलाकारों द्वारा काफी खतरनाक कलाबाजियों के साथ दर्शकों की सांसे थमने पर विवश कर देगा।

विभिन्न प्रकार के रंग बिरंगे अत्याधुनिक झूले महिलाओं व बच्चों को आसमान में कई फुट उपर तक हवा मे सैर करायेंगे। इसमें आसमान तारा, टोरा टोरा, ब्रेक डांस, ड्रेगन ट्रेन, हिचकोला नाव आदि अपने विभिन्न आकार प्रकार के साथ मेले मे एक अलग रौनक प्रदान कर रही है।

मीना बाजार भी विभिन्न प्रकार के खिलौनों वस्तुओं से सज चुकी है। कुंड स्नान सह पूजा अर्चना के समय चढाये जाने वाले प्रसाद की तथा चाय, नाश्ते, भोजनालयों की दुकानें भी लग गई है। मेले के दौरान पौराणिक सरस्वती नदी के घाट पर बिहार पर्यटन विभाग व पंडा समिति के संयुक्त तत्वावधान में महामंगल आरती का आयोजन होगा। जो मेले के दौरान 15 दिनों तक होगा।

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मलमास मेला को ले की गई है अतिरिक्त पेयजल व्यवस्था

मलमास मेला में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की प्यास बुझाने की व्यापक व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि मेले में आने वालों के लिए गर्मी की मौसम को देखते हुए पेयजल की सतत आपूर्ति किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन ने राजगीर बस स्टैंड के पास 10 हजार लीटर क्षमता की बोरिंग सहित एक टंकी बिठाया है। वहीं, अन्य 09 जगहों पर भी एक-एक हजार लीटर क्षमता की बोरिंग सहित वाटर टंकी बैठा दिया है।

इसके अलावा मेला क्षेत्र के 13 जगहों पर स्टैंड पोस्ट के माध्यम से रात-दिन पानी आपूर्ती की जाएगी। 20 स्थानों पर भैट्स के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जाएगी। 11 स्थानों पर बड़े तथा 21 जगहों पर छोटे टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने की व्यवस्था की गई है। 13 स्थानों पर वाटर एटीएम तथा कुछ जगहों पर आरओ के माध्यम से पानी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा। मेले के लिए पानी सप्लाई करने वाले पंपों की मरम्मत तथा जनरेटर दुरूस्त करा दिया गया है।

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मेले की साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था कर दी गई है। नगर पंचायत राजगीर द्वारा 22 शैचालय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सौजन्य से 75 प्री फेब्रिकेटेड शौचालय तथा 44 नन फेब्रिकेटेड शौचालय की व्यवस्था मेला को ले की गई है। इसके अलावा डूडा द्वारा सिंगल सीट बोरिंग सहित 14, फोर सीटर 20 शौचालय का निर्माण कराया गया है। लोग इधर-उधर मूत्रदान ने करें इसके लिए 110 मूत्रालय भी बनाए गए हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका पूरा ख्‍याल रखा जा रहा है।

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