सीएनटी-एसपीटी एक्ट में नहीं होनी चाहिए छेड़छाड़:नीतीश कुमार

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झारखंड में सीएनटी-एसपीटी एक्ट आदिवासियों का अभिन्न अंग है. इसमें किसी भी कीमत में छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. इन दोनों एक्ट के दायरे में 54 जातियां आती हैं. अगर इन दोनों एक्ट में छेड़छाड़ होती है, तो सीधा असर इन जातियों पर पड़ेगा. आदिवासी-मूलवासी अपनी जमीन से बेदखल होने लगेंगे.

 जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ये बातें कही. वे शनिवार को रांची में आयोजित जदयू के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने चुनावी बिगुल फूंकते हुए कहा कि जनता के बीच कार्यकर्ता पांच निश्चय लेकर जायें. झारखंड के विकास के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लिए विशेष प्राधिकार बनाने की जरूरत है. आमतौर पर हर वर्ष पलामू सूखे की चपेट में आता है. इसके लिए विशेष सोच के साथ काम करना चाहिए.
 अल्पसंख्यक समाज खास कर बुनकरों के लिए विशेष योजना चलायी जानी चाहिए.  जिस  प्रकार एससी-एसटी को उनकी आबादी के अनुसार आरक्षण मिल रहा है, वैसे ही पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए.
शराबबंदी को लेकर चलायें अभियान, जनता का मिलेगा समर्थन : नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार ने शराबबंदी कर सामाजिक बदलाव लाने का काम किया है. इसके लिए सरकार ने पांच हजार करोड़ रुपये के राजस्व की चिंता नहीं की. 2018 में जारी सर्वे के अनुसार, शराब पीने से 30 लाख लोगों की मौत होती है.
यह कुल होने वाली मौत का 5.3% है. झारखंड में भी जदयू कार्यकर्ता शराबबंदी को लेकर अभियान चलायें. यह भी बतायें कि महात्मा गांधी,  जतरा टाना भगत, भगवान बिरसा मुंडा व राम दयाल मुंडा भी शराबंदी के पक्षधर रहे हैं. आपको खुद ही जनता का समर्थन मिलने लगेगा. उन्होंने कहा कि झारखंड व बिहार भाई-भाई हैं. एक जगह शराब बंद है, तो दूसरी तरफ शराब की दुकानें खुलवायी जा रही हैं.
बिहार की योजना को अपना रहा है केंद्र
श्री कुमार ने कहा कि बिहार ने घर-घर बिजली देने की योजना शुरू की थी. इसे केंद्र सरकार ने अपनाया. बिहार ने दिसंबर 2018 तक घर-घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा था, जिसे दो माह पहले अक्तूबर में हासिल कर लिया गया. इसी प्रकार बिहार सरकार ने हर घर नल का जल योजना शुरू की है. इस योजना को केंद्र ने अपनाते हुए बजट में प्रावधान किया है.
जदयू का प्रदेश नेतृत्व सीट तय करने के लिए अधिकृत
कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने प्रदेश नेतृत्व को सीट तय करने के लिए अधिकृत किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व यह तय करे कि वह कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व चुनाव लड़ने में हरसंभव मदद करने को तैयार है.
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