सारण में एसआईटी पर हमला, दो जवानों की मौत ,एक जवान जख्मी,सदमे में है पुलिस महकमा ,डीजीपी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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बिहार के छपरा में दो पुलिसवालों की हत्या से पूरा पुलिस महकमा बौखलाया है. सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल की हत्या के बाद बुधवार को बिहार पुलिस के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय छपरा पहुंचे और दोनों शहीदों को श्रद्धांजलि दी. पुलिसकर्मियों की शहादत को डीजीपी ने अपराधियों की कायराना हरकत बताया. पांडेय ने कहा कि इस मामले में हर एंगल से जांच होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. डीजीपी से जब इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश करने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस मांग को नकार दिया.

खुद सक्षम है बिहार पुलिस
डीजीपी ने कहा कि बिहार पुलिस इस मामले की जांच करने में खुद सक्षम है. डीजीपी ने जब सीबीआई से जांच की मांग को ठुकराया तो शहीद के परिजन गुस्से में आ गए और उनकी डीजीपी से नोंक-झोंक हो गई. ये वाक्या अंतिम सलामी देते समय हुआ. इस दौरान एसआई मिथिलेश कुमार के परिजन सीबीआई जांच की मांग पर अड़े रहे लेकिन डीजीपी ने उनकी मांग को ठुकरा दिया.

रद्द होंगे लाइसेंस
डीजीपी पांडेय ने कहा कि जितने भी लाइसेंस धारी अपने शस्त्रों का दुरुपयोग करते हैं उनका लाइसेंस रद्द होगा. इससे पहले बुधवार को डीजीपी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने छपरा पहुंचे. गुप्तेश्वर पांडेय ने पुलिस लाइन में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी साथ ही पुलिसकर्मियों के साथ इस मामले को लेकर बैठक भी करेंगे. जानकारी के मुताबिक इस बैठक में सारण के एसपी समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहेंगे.

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सदमे में है पुलिस महकमा
सारण पुलिस दरोगा मिथिलेश कुमार शाह और सिपाही फारूक अहमद की हत्या के बाद सदमे में है लेकिन पुलिस की एक टीम इस मामले के खुलासे में भी जुट गई है. मालूम हो कि मंगलवार की रात अपराधियों के साथ हुई मुठभेड़ में एसआईटी के सब-इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार और सिपाही फारूक अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मुठभेड़ की ये घटना सारण के मढौरा में हुई थी. इस घटना में एक अन्य पुलिसकर्मी भी घायल है जिसका इलाज पटना में हो रहा है.

मढ़ौरा के मुख्य बाजार स्थित बस स्टैंड के पास मंगलवार की देर शाम अपराधियों ने पुलिस के विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) की गाड़ी पर भीषण गोलीबारी की, जिसमें एसआईटी के मिथिलेश कुमार साह और पुलिस बल के ही एक अन्य जवान महम्मद अफिरोज की मौत हो गई। इस हमले में एक हवलदार रजनीश कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गये। उन्हें मढ़ौरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, एसआईटी में पांच जवान थे और वे सफेद रंग की बोलेरे से जा रहे थे। एसआईटी की गाड़ी अभी मढ़ौरा बस स्टैंड के समीप पुरानी स्टेट बैंक के पास से गुजर ही रही थी कि अपराधियों ने गाड़ी को निशाना बनाकर गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से बाजार में अफरातफरी मच गयी। देखते ही देखते दुकानों के शटर गिरने लगे और लोगों ने जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना शुरू कर दिया। इस बीच, गोलीबारी में एसआईटी के दो सदस्यों की मौत हो गयी। सूचना मिलने के बाद पहुंची मढ़ौरा थाने की पुलिस ने दोनों पुलिसकर्मियों के शवों और घायलों को अस्पताल लाया। उधर, घटना के थोड़ी देर के बाद एसपी और तीन थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तहकीकात शुरू की।

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छपरा में मंगलवार की शाम हथियारबंद अपराधियों के साथ मुठभेड़ में भोजपुर का जांबाज सब इन्सपेक्टर मिथिलेश कुमार शहीद हो गए। मिथिलेश कुमार भोजपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र नागोपुर गांव निवासी दशरथ साह के पुत्र थे। उनके पिता दशरथ साह रेलवे के रिटायर सब इंस्पेक्टर थे। उनका परिवार आरा शहर के मझौंवा में रहता है। वहीं मिथिलेश की शहादत की खबर मिलते ही परिवार व गांव में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही गांव के लोग दारोगा के घर पहंच गये। वहीं परिवार के लोग सारण के लिए निकल गये। बताया जाता है कि दारोगा मिथिलेश कुमार कि तीन-चार साल पहले ही शादी हुई थी। अभी उसे कोई औलाद नहीं था।

सारण जिला खासकर तरैया,मशरख व बनियापुर के लोगो के लिए मंगलवार का दिन मनहूस बनकर आया जब कर्मठ एवं अपराधियों से किसी क्षण लोहा लेने वाले पूर्व थानाध्यक्ष सह एसआईटी टीम के हेड मिथलेश कुमार पर मढ़ौरा में अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया। मिथलेश कुमार तरैया में 14 अगस्त 2011 से 22 नवम्बर 2013 तक थानाध्यक्ष थे। उनका कार्यकाल इतना अच्छा रहा कि आज भी तरैया की हर जनता उनके लिए आँसू बहाती है। तरैया में ही उन्होंने सारण जिले का सबसे पहली बार थानाध्यक्ष का कमान संभाला और ईमादार दरोगा के नाम से क्षेत्र में प्रचलित हो गये। लगभग छ: माह में ही अमीर से लेकर गरीब तक के दिलो पर अपना कब्जा जमा लिया। पीड़ित जब फरियाद लेकर उनके पास आते थे तो उन्हें लगता था कि अब उन्हें न्याय मिल जाएगा। अपराधी भी मिथलेश कुमार का नाम सुनकर सिहर जाते है। कभी गरीबो के साथ अन्याय नहीं होने दिया। जिससे तरैया के लोग हमेशा थानाध्यक्ष के रूप में मिथलेश कुमार को ही देखना चाहते थे। तरैया से ट्रांस्फर होकर मिथलेश कुमार मशरख के थानाध्यक्ष बने।

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मशरख में भी उन्होंने अपना अनूठा छाप छोड़ा। फिर मसरख से जनता बाजार थानाध्यक्ष बने वहाँ भी अपनी अमिट छाप छोड़ी। फिर बनियापुर थानाध्यक्ष बने और बनियापुर के लोगो के दिलो पर ऐसा राज किया कि जब 11 फरवरी 2019 को उनका जिला स्थान्तरण हो गया तो बनियापुर की जनता ने दूल्हे की तरह उनका विदाई रथ पर बैठाकर किया और विदाई जुलूस निकाला जिसमे हजारों की संख्या में लोगों शामिल थे और उनकी विदाई पर आँसू बहा रहे थे। फिर ऐसी हुजूम देखकर सारण एसपी भी मिथलेश कुमार पर काफी खुश हुए और उन्हें 12 फरवरी को वेस्ट थानाध्यक्ष अवार्ड से सम्मानित किया।

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