सामाजिक सुधार को जनमानस तैयार करेगा जदयू

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सूबे में सत्तारूढ़ जदयू संगठन को और धारदार बनाने के उद्देश्य से 15 से 18 नवम्बर के बीच होने वाले पार्टी के जिला स्तरीय सम्मेलन में सामाजिक सुधार के मुद्दे पर जनमानस तैयार करेगा। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य सभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने सोमवार को यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शराबबंदी, दहेज और बाल विवाह बंदी जैसे सामाजिक अभियानों एवं सरकार के ग्रामीण जीवन को सुंदर बनाने के प्रयासों (सात निश्चय की योजनाओं) पर बल देने के लिए पार्टी 15 से 18 नवम्बर तक चार दिवसीय जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करेगी। जिला स्तरीय सम्मेलन का विशेष महत्व है क्योंकि इसका उद्देश्य सामाजिक सुधार के मुद्दे पर जनमानस तैयार करना है। इसके अलावा सम्मेलन के एजेंडे में संगठन का विस्तार, सदस्यता अभियान, बूथ स्तर पर एजेंट बनाना भी प्रमुख मुद्दा है। सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू ने न केवल सुशासन की परिभाषा को बदल दिया है बल्कि उसका दायरा भी कई गुणा बढ़ा दिया है। आम तौर पर सरकार अपने एजेंडे में लोक कल्याण एवं नागरिक सुविधाओं पर ध्यान देती है लेकिन शराबबंदी, दहेजबंदी और बाल विवाह पर रोक जैसी सामाजिक सरोकार एवं समाज सुधार से जुड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने कहा कि राजनीति में यदि सामाजिक सुधार को अहमियत दी जाये तो यह सामाजिक बदलाव का एक बड़ा कदम साबित होगा। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति और समाजनीति कभी न मिलने वाली पटरियों की तरह होती है लेकिन जदयू ने इस धारणा को बदल दिया है। यदि सरकार में इच्छा शक्ति हो तो समाज सुधार को भी नया आयाम दिया जा सकता है। बाल विवाह और दहेज जैसी कुरीतियां न केवल बेटियों के सम्मान पर चोट करती है बल्कि उनके सपनों, संभावनाओं, सुकून, स्वास्य और यहां तक की उनकी सांसों को भी लील लेती है। सिंह ने कहा कि पार्टी ने हाशिये पर फेंक दिये गये इन मुद्दों को अपने कार्यक्रमों के केन्द्र में रखकर विकास की धारा से बाहर खड़े लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया है। सरकार का सात निश्चय कार्यक्रम इसका एक जीता जागता प्रमाण है। उन्होंने कहा कि संगठन का सुदृढ़ीकरण, सदस्यता अभियान में तेजी , बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने की योजना आम तौर पर दलों के कार्यक्रम इन्ही उद्देश्यों तक सीमित रहते हैं। ऐसा नहीं की पार्टी ये सब नहीं चाहती है, लेकिन इसके लिए अलग से रास्ता अपनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के सभी तबकों को जागृत करने के साथ ही उनके बीच अपनी जगह बनाने की कवायद की जा रही है। समता-समानता- समृद्धि के सिद्धांत को मूलमंत्र मानते हुए पार्टी इस पर चल रही है। उन्होंने कहा कि जिस दिन जनता इन बातों को समझ जायेगी और उनके विचारों को बदलने में सफलता मिल जायेगी और तब प्रचार-प्रसार की जरुरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 26 नवम्बर को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी जिसमें सामाजिक सरोकार का यह मुद्दा शामिल रहेगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व में सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दे को लेकर जदयू ने वृक्षारोपण अभियान चलाया था।

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