समाज सुधार के लिए हमारी सरकार ने शुरू कर दी है पहल :मुख्यमंत्री

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बोधगया। ‘‘बिहार में कई ऐतिहासिक धरोहर हैं। विक्रमशिला, तेल्हारा और नालंदा ज्ञान के प्राचीन केंद्र रहे हैं। गौतम बुद्ध को यहां ज्ञान की प्राप्ति हुई, जिसका प्रकाश पूरे विश्व को आलोकित कर रहा है। इससे हमलोग भी गौरवान्वित महसूस करते हैं। बुद्ध के मध्यम मार्ग का अनुसरण करते हुए हमने न्याय के साथ विकास की यात्रा शुरू की है।’ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को बोधगया के कालचक्र मैदान में कहीं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने धर्मगुरु दलाई लामा से मुलाकात भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय के साथ विकास का हमारा लक्ष्य मानव मात्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पशु, पक्षी और पर्यावरण के प्रति भी है। उन्होंने देश और विदेशों से आये श्रद्धालुओं के सामने सरकार के समाज सुधार कार्यक्रम और समग्र विकास की रूपरेखा को भी प्रस्तुत किया। सीएम ने कहा कि हमने शराबबंदी की शुरुआत की जिसे व्यापक जनसमर्थन मिला। अब इस अभियान को पूर्ण नशाबंदी तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की पहल सरकार ने कर दी है। 21 जनवरी को सूबे में मानव श्रृंखला बनाकर जन जागरण किया जायेगा। मुख्यमंत्रक्ष ने दलाई लामा से कहा कि आपके आने से बिहार के लोगों को प्रेरणा मिलती है और प्रदेश में खुशहाली आती है। आपने मुझे बुलाया यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। हम इसके लिए आपका आभार प्रकट करते हैं। आपके प्रवचन से आंतरिक शुद्धता मिलती है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दलाई लामा द्वारा लिखित चार खंडों वाली पुस्तक ‘‘सायंस ऑफ फिलॉसाफी इन नालंदा ट्रेडिशन’ का विमोचन करते हुए कहा इस पुस्तक में वेद एवं बुद्ध के विचारों का वैज्ञानिक विश्लेषण है, जो कई भाषाओं में प्रकाशित किया जायेगा। उन्होंने इस पुस्तक के हिन्दी में भी प्रकाशन का आग्रह किया।

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महाबोधि मंदिर की रेलिंग का किया उद्घाटन
कालचक्र मैदान में दलाई लामा के साथ मंच साझा करने के बाद सीएम महाबोधि मंदिर पहुंचे और यहां तीन करोड़ 94 लाख की लागत से निर्मित मंदिर परिसर की आउटर रेलिंग का उद्घाटन किया. यह रेलिंग लाल बलुआ पत्थर को तराश कर गया के नवीन कुमार वर्मा के नेतृत्व में ओड़िशा, जयपुर व यूपी के चुनार के 70 कारीगरों ने तैयार किया है.
चार मई 2015 को सीएम नीतीश कुमार ने ही रेलिंग निर्माण का शिलान्यास किया था. इसके बाद मंदिर के गर्भगृह में बुद्ध को नमन किया व पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर स्थित साधना उद्यान व पूर्वी-दक्षिणी चहारदीवारी का जायजा लिया. गेट नंबर पांच को दुरुस्त करने का निर्देश दिया व अन्य स्थानों को खुला छोड़ देने का निर्देश दिया.
सीएम की गया एयरपोर्ट पर आयुक्त जितेंद्र श्रीवास्तव, डीआइजी विनय कुमार, डीएम अभिषेक सिंह, एसएसपी गरिमा मलिक व अन्य पदाधिकारियों ने आगवानी की. एयरपोर्ट पर ही सीएम को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. साढ़े 11 बजे बोधगया पहुंचे सीएम करीब एक बजे पटना के लिए प्रस्थान कर गये. सीएम के आगमन पर महाबोधि मंदिर परिसर की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गयी थी. मंदिर पहुंचने पर बीटीएमसी के सचिव एन दोरजे, भिक्खु चालिंदा व भिक्खु दीनानंद ने खादा भेंट कर स्वागत किया. इस मौके पर बीटीएमसी के सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा, डॉ अरविंद सिंह व पूर्व विधान पार्षद अनुज सिंह व अन्य मौजूद थे.
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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी काम
सीएम ने कहा कि शराबबंदी के खिलाफ भी मानव शृंखला बनायी गयी थी, जिसमें 400 मिलियन से ज्यादा लोग शामिल हुए थे. यह विश्व रिकॉर्ड भी है. सीएम ने कहा कि हम जीव-जंतु के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी काम कर रहे हैं. उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि नालंदा, विक्रमशिला व उदंतपुरी के साथ ही सरकारी स्तर पर की गयी खुदाई में नालंदा के पास तेलहाड़ा में भी प्राचीन विश्वविद्यालय होने का प्रमाण मिला हैं. यह गौरव की बात है.

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