समय से पूर्व पूरा होगा खुले में शौच से मुक्ति का लक्ष्य : श्रवण कुमार

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ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत सम्पूर्ण देश को दो अक्टूबर तक खुले में शौच से मुक्त करने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया था, उसे समय पूर्व पूरा कर लिया जायेगा। आज बिहार के सभी ग्रामीण सव्रेक्षित परिवार शौचालय से शत प्रतिशत आच्छादित हैं। 31 मार्च तक राज्य में सव्रेक्षित शौचालय विहीन 1,15,17,917 परिवार शौचालय से आच्छादित हो चुके हैं। राज्य के 534 प्रखंडों के कुल 8,395 ग्राम पंचायतों में से शत प्रतिशत आच्छादन के बावजूद अब तक लगभग 250 प्रखंड एवं 6,200 ग्राम पंचायत ही खुले में शौच से मुक्त घोषित हुए हैं। राज्य में कुल 38,759 गांवों में से लगभग 31 हजार खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुके हैं।मंत्री ने मंगलवार को बताया कि राज्य में ग्रामीण परिवारों की सव्रेक्षित संख्या 1,54,29,637 है। सव्रेक्षण में 1,16,734 परिवार छूट गये थे। इस प्रकार कुल 1,55,46,371 ग्रामीण परिवारों में से लगभग 71.65 लाख बीपीएल एवं 43.53 लाख एपीएल परिवार शौचालय रहित थे। राज्य सरकार ने केन्द्र सम्पोषित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं राज्य सम्पोषित लोहिया स्वच्छता योजना को समेकित कर बिहार के विकास के सात निश्चय के अन्तर्गत शौचालय निर्माण घर का सम्मान को मिशन मोड में कार्यान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया और उसमें पूर्ण रूपेण सफल भी हुई। राज्य में शौचालय निर्माण करने वाले लाभुकों को प्रोत्साहन राशि भुगतान करने के पूर्व उनका सत्यापनोपरांत जियो टैगिंग करायी जाती है। इस क्रम में लगभग 2.75 लाख लाभुकों को प्रोत्साहन राशि पाने के आयोग्य चिन्हित किया गया है। प्रतिदिन लगभग 16-17 हजार लाभुकों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जा रहा है। जून महीने में 3.90 लाख लाभुकों को प्रोत्साहन राशि दी गयी है। राज्य के लगभग 15 जिलों में 75 फीसद लाभुकों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जा चुका है। मई तक कैमूर में 83, शिवहर में 80, नालंदा में 80, किशनगंज में 79, कटिहार में 76, बेगूसराय में 75, शेखपुरा में 75, सीतामढ़ी में 73 और रोहतास में 72 फीसद प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है। पटना, बक्सर, बांका, वैशाली, मधुबनी, पूर्णिया, जमुई, सारण, पूर्वी चम्पारण, अरवल एवं मुजफ्फरपुर जिलों में 50 फीसद से कम लाभुकों को प्रोत्साहन राशि दी गई है। संबंधित जिला पदाधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। अबतक 75 फीसद से अधिक लाभुकों के व्यैक्तिक पारिवारिक शौचालय का जियो टैगिंग सम्पन्न हो चुका है तथा लगभग 60 फीसद प्रोत्साहन राशि लाभुकों को भुगतान किया जा चुका है। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि शौचालय निर्माण के साथ-साथ लोगों के शौच व्यवहार में परिवर्तन की दिशा में भी काम चल रहा है। इस कार्य में जीविका के तहत गठित लगभग 7.50 लाख स्वयं सहायता समूहों से सम्बद्ध 50 लाख से अधिक जीविका दीदी प्रयासरत हैं। स्वच्छताग्राही एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से जुड़े लोग भी इस कार्य में लगे हुए हैं । राज्य पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त हो इसके लिए सामुदायिक शौचालय के निर्माण में भी तेजी लाने का निर्देश विभागीय मंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों को दिया है। उन्होंने बताया कि लगभग 4.25 लाख परिवार सामुदायिक एवं अन्य शौचालयों का उपयोग करते हैं। विभागीय मंत्री ने सभी जिलों एवं संबंधित पदाधिकारियों को निदेश दिया गया है कि जिन शौचालय रहित परिवारों को शौचालय निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध नहीं है, उनके लिए सरकारी भूमि पर सामुदायिक वैयक्तिक शौचालय का निर्माण कराया जाय जिससे सबके लिए, सब घर के लिए एक शौचालय का निर्माण पूर्ण हो सके। ग्रामीण हाटों एवं बाजारों को भी खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए श्री कुमार ने उन जगहों पर सामुदायिक शौचालय के निर्माण का निर्देश दिया है। शौचालय से आच्छादित परिवारों का सत्यापन भी कराया जा रहा है तथा ओडीएफ घोषित गांवों, ग्राम पंचायतों के सत्यापन का कार्य भी चल रहा है।

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