सभी योजनाओं में महिलाओं के लिए 30 फीसद राशि

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राज्य के कृषि मंत्री महिलाएं कृषि व्यवस्था की रीढ होती हैं। महिलाएं घरेलू अर्थव्यवस्था की सबसे अहम कड़ी होती हैं। जब तक हम कृषि क्षेत्र में महिलाओं को सुदृढ नहीं करेंगे तब तक कृषि के विकास की बात अधूरी रहेगी। खेती किसानी को व्यवसाय के तौर पर अपनाने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित करना होगा। कृषि मंत्री डॉ. कुमार आज बामेती के सभागार में एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यक्रम का उद्घाटन के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य की सरकार कृषि क्षेत्र में महिलाओं के सुदृढ़ीकरण एवं कृषि व्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए लिए सभी योजनाओं में 30 प्रतिशत राशि का महिलाओं के लिए प्रावधान करती है। यह महिलाओं तक वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए किया गया है। इससे महिलाओं को फायदा भी हो रहा है। परन्तु महिलाओं तक वित्तीय सहायता पहुंचाने तथा उससे महिलाओं को स्थाई रूप से फायदा पहुंचे इसके लिए यह जरूरी है कि देश में महिला सहकारिता को मजबूत बनाया जाय। हमारे देश में महिला सहकारिता में प्रगति और सफलता की असीम सम्भावनाएं मौजूद है। देश की जनसंख्या का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है। महिलाएं फसल बुआई से लेकर फसल कटाई तथा इसके बाद की गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कृषि व्यवस्था में विशेषकर खाद्य प्रसंस्करण में कुछ क्षेत्र तो ऐसे हैं जिसमें महिलाओं की ही विशेष भूमिका होती है जैसे अचार, जैम, जैली, पापड़ आदि का निर्माण। इन कायरे में ग्रामीण महिलाओं का समूह बनाकर उन्हे प्रोत्साहित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त पशु पालन, मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन आदि कायरे में भी महिलाएं सक्रिय भागीदारी निभाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकती है। सरकार इस प्रकार के कार्यक्रमों के लिए कई प्रकार की योजनाएं भी चला रही है। उन्होंने कहा कि पीएम ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हमसब मिलकर इस लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त करेंगे परन्तु इसके लिए कृषि की व्यवस्था में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। हमारी सरकार महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगारोन्मुख करने के लिए महत्वपूर्ण योजना पर कार्य कर रही है। कृषि की लगभग 23 पाठयक्रमों जैसे बागवानी, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, वर्मी कम्पोस्ट, मशरूम उत्पादन, मत्स्यपालन, डेयरी, खाद्य पंसंस्करण आदि में कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इसमें महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करायी जाएगी। सरकार महिला समूहों के लिए बैंकों से बहुत ही कम ब्याज दर पर ऋण का प्रावधान करायेगी ताकि आपको किसी प्रकार की आर्थिक समस्या का सामना नहीं करना पड़े।

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