सभी घरों में अगले साल 15 अगस्त तक लगायें प्रीपेड मीटर:मुख्यमंत्री

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राज्य के सभी घरों में अगले साल 15 अगस्त, 2020 तक प्रीपेड मीटर काम करने लगेगा. इस साल 31 दिसंबर तक राज्य के सभी जर्जर तार बदल दिये जायेंगे.  राज्य के सभी किसानों को कृषि फीडर से बिजली का कनेक्शन 31 दिसंबर, 2019 तक उपलब्ध करा दिया जायेगा.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिवेशन भवन में मंगलवार को छह अरब 92 करोड़ 74 लाख रुपये की  बिजली की विभिन्न योजनाओं का कार्यारंभ और उद्घाटन करते हुए यह निर्देश बिजली कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया है.   उन्होंने कहा कि अगला लक्ष्य राज्य में सौर ऊर्जा  के क्षेत्र में विकास करना है.
इस अवसर आम लोगों की शिकायत दूर करने के लिए ‘सुविधा’ हेल्प डेस्क भी लांच किया गया.  मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनी के अधिकारियों से कहा कि जिन वार्डों में हर घर नल की योजना चल रही है, वहां के घरों में प्रीपेड मीटर भी लगवा दें. उन्होंने कहा कि न्याय के साथ विकास करना उनका लक्ष्य है. जो कुछ भी कहा उसे पूरा किया. इसी के तहत 25 अक्टूबर, 2018 को हर घर बिजली पहुंच गयी. यह सात निश्चय में शामिल था. बाद में केंद्र ने भी इसी तर्ज पर काम किया. कुछ लोगों की आदत है कि कुछ भी कहते रहते हैं. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान वे 171 जगहों पर गये थे. वे फिर उन जगहों पर जाकर लोगों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास करेंगे
शुरुआत अरवल और शिवहर से 
ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव और बिजली कंपनी के सीएमडी प्रत्यय अमृत ने कहा अगले महीने से अरवल और शिवहर जिले में प्रीपेड मीटर लगाने की शुरुआत होगी. अब तक राज्य में 28874 सर्किट किमी जर्जर तार बदले जा चुके हैं.
पहले 95 पावर सब स्टेशन थे, अब 129 हो गये हैं. इस समय बिजली की अधिकतम मांग 5389 मेगावाट तक पहुंच चुकी है. उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी का अगला कार्यक्रम इसी साल 12 या 13 अगस्त को होगा. उन्होंने बताया कि सुविधा पोर्टल फिलहाल पेसू क्षेत्र के लिए लांच की गयी है.
काम करने से होगा नाम  :विजेंद्र
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिजली अधिकारियों और कर्मियों ने बिहार के साथ ही उड़ीसा जाकर भी वहां के लोगों को तूफान से हुई तबाही से उबारने का काम किया है. काम करने से ही नाम भी होता है.
इस समारोह के दौरान जर्जर तार ठीक करने वाली और उड़ीसा के तूफान में तबाही के बाद वहां कटक और पुरी जाकर बिजली व्यवस्था  ठीक करने वाली टीम के सदस्यों को सम्मानित किया गया.
इस दौरान राज्य के विकास आयुक्त डॉ सुभाष शर्मा, मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित बिजली कंपनी के एमडी और अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे.
प्रीपेड मीटर लगने से बिजली बिल में गड़बड़ी होगी दूर  
प्रीपेड मीटर लगाने का निर्देश देने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बिजली बिल की गड़बड़ी दूर होग व फिजूलखर्ची रुकेगी. लोग जितने रुपये का रिचार्ज करेंगे उतनी कीमत की बिजली का उपयोग कर सकेंगे.
इस समय बिजली बिल पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में हरनौत के पास करीब 14 घंटे बिजली रहती थी. बाद में स्थिति खराब होने लगी थी. वर्ष 2006 से इसमें सुधार शुरू किया.
कृषि फीडर व सुविधा केंद्र से होगा लोगों को लाभ: सीएम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कृषि फीडर और सुविधा केंद्र से लोगों को लाभ होगा. विद्युत उपभोक्ताओं की सहायता के लिए सिंगल विंडो हेल्प डेस्क अंतर्गत सुविधा केंद्र (टोल फ्री 1912) की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से  लोग बिजली के संबंध में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
विभाग इसका  मॉनीटरिंग करेगा और तत्काल उपभोक्ताओं को होनेे वाली समस्याओं का निराकरण  होगा. उन्होंने कहा कि बिजली की बेहतर उपलब्धता हो इसके लिए राज्य सरकार दो  प्रकार का अनुदान देती है. इसमें बिजली की दर और सिस्टम में कमी दूर करने  के लिए डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को अनुदान दिया जाता है. प्रीपेड मीटर लगने  के बाद हमें एक सब्सिडी से मुक्ति मिलेगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जितने कृषि फीडर की जरूरत  होगी, उसे बनाइए, इसके लिए लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं है.
डीजल सिंचाई पर भी राज्य सरकार  किसानों को अनुदान उपलब्ध करा रही है. अभी डीजल से फसल की सिंचाई करने पर  जहां 100 रुपये की लागत आ रही है, वहीं  बिजली से पटवन करने में मात्र पांच रुपये की लागत आयेगी. किसानों को इससे  अच्छी  मदद और क्या हो सकती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रजनन दर को घटाने के लिए बिहार के हर पंचायत में उच्च  माध्यमिक विद्यालय खोले जा रहे हैं क्योंकि यह देखा गया है कि अगर  माता–पिता मैट्रिक पास हैं तो देश और बिहार दोनों का प्रजनन दर एक समान  यानी दो ही है. उन्होंने कहा कि तूफान के कारण उड़ीसा में ध्वस्त विद्युत व्यवस्था को बहाल करने के लिए बिहार की ओर से जिन अभियंताओं एवं अधिकारियों ने काम किया है, वे बधाई के पात्र हैं.
बिजली के कारण मिली बड़ी जीत : मोदी
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में पिछले पांच साल में बिजली पर 55 हजार करोड़ रुपये खर्च किये गये. पिछले वित्तीय वर्ष में बजट आवंटन 10,257 करोड़ रुपये था, लेकिन 12,117 करोड़ रुपये खर्च किये गये.
बिजली में विकास के कारण ही लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल हुुई. उन्होंने कहा कि 2012 के 37 लाख की तुलना में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 2019 में बढ़कर 1 करोड़ 48 लाख हो गयी है. 2018-19 में बिजली उपभोक्ताओं ने 9,072 करोड़ रुपये  बिल के रूप में भुगतान किया है.
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