सबके साथ घुलते-मिलते थे श्रीकृष्ण : आचार्य चंद्रभूषण

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Patna-Jan.6,2019-Acharya Dr. Chandrabhushan Jee Mishra is delivering his spiritual lecture during Shrimad Bhagwat Katha Mahayagya at Dadijee Mandir in Patna.

दादीजी सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय भागवत कथा के छठे दिन जयपुर से पधारे पंडित राम निवास वशिष्ठ ने पूजा प्रारंभ कराया। पूजा पर यजमान अमर अग्रवाल, शकुंतला अग्रवाल, ओम पोद्दार और चंदा पोद्दार बैठे। दोपहर बाद भागवत कथा शुरू करते हुए शास्त्रोपासक आचार्य डॉ. चंद्रभूषणजी मिश्र बताया कि भागवत के दशम स्तंभ में सम्पूर्ण श्रीकृष्ण चरित्र का क्रमवद्ध वर्णन किया गया है। पूर्ण ब्रrा भगवान श्रीकृष्ण अपनी भगवत्ता को छिपाकर जन समाज ही नहीं बल्कि सभी अवयव पहाड़, पक्षी, वृक्ष, जल सबके साथ घुलमिल जाते हैं। यही कारण है कि उन्हें जगतगुरु के रूप में स्वीकार किया जाता है। आचार्य श्री ने बताया कि श्रीकृष्ण की मुख्य पत्नी रुक्मणी हैं। इसके अलावे द्वारका के आठ छोटे-छोटे राज्यों की आठ कन्याओं से विवाह कर अपनी सामरिक व्यवस्था मजबूत करते हैं। आचार्य श्री ने बताया कि भागवत में लिखा है कि जब श्रीकृष्ण को अपने घर चलने का निमंतण्रदेने के लिए समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति या कोई दीन हीन व्यक्ति जाता है तो भगवान श्रीकृष्ण साधारण व्यक्ति के घर जाकर साधारण चटाई या जमीन पर बैठ कर उससे मांग-मांग कर खाते-पीते हैं। मौके पर अमर अग्रवाल, ओम पोद्दार, पीके अग्रवाल, रमेश मोदी, जुगल चौधरी, अक्षय अग्रवाल, अनिल सिंघानिया, राजकुमार अग्रवाल, प्रदीप पंसारी, सूर्य नारायण, पवन भगत, निर्मल अग्रवाल एवं शंकर झुनझुनवाला सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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