सदन में सतत विकास पर र्चचा

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हमारी सरकार सतत विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये प्रतिबद्ध है और इस दिशा में ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। नीति आयोग ने सूचित किया है कि सतत विकास लक्ष्य की प्राप्ति के लिये विकसित देशों द्वारा उनके बजट का 0.7 प्रतिशत अंश विकासशील देशों को उपलब्ध कराया जाएगा। केन्द्र सरकार राज्य में शिक्षा, विशेषकर उच्च शिक्षा, शोध, उद्योग, विद्युत उत्पादन, पथ, पुल और शहरी आधारभूत संरचना के लिए अतरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए। मिशन मानव विकास की कार्य योजना 2018-22 बनाई जा रही है। संसाधनों का बेहतर उपयोग तथा नए तरीके भी अपनाए जाएंगे ताकि सतत विकास के लक्ष्य को हासिल किया जा सके । प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहले सभी दलित भाइयों को आवास दिया जाएगा। ये बातें बिहार विधान सभा में पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने मंगलवार को कहीं। सदन में सतत विकास पर हुई र्चचा के बाद जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सतत विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये प्रतिबद्ध है और मजबूती से इस दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राशि के आकलन के उद्देश्य से प्रधान सचिव / सचिव की समिति बनाई जाएगी। अंतर जिला विषमता दूर करने के लिए राशि का आकलन भी समिति के द्वारा किया जाएगा । राज्य में पंचायत स्तर तक नियमित अनुश्रवण की व्यवस्था की जाएगी। सतत विकास का लक्ष्य हासिल करने के लिए गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम चलाए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति भूख का शिकार न हो जाए। गरीबों को सरकार की ओर से सस्ते दाम पर अनाज उपलब्ध कराए जाने की योजना चल रही है ताकि कोई भी भूख का शिकार न हो । संयुक्त राष्ट्रसंघ से सम्बद्ध 193 देशों ने 17 उद्देश्यों की सूची तैयार की है। इनमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरण को बचाये रखने के लिये उचित कदम उठाया जाना महत्वपूर्ण है ताकि आने वाली पीढ़ी को बेहतर महौल मिल सके । उन्होंने कहा कि ऐसे उपाय किये जायेंगे जिससे लोग आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकें। राज्य सरकार की ओर से सात निश्चय के तहत योजनाओं के पूरा होने से सतत विकास के लक्ष्य को हासिल करने में सुविधा होगी। श्री यादव ने कहा कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटि फंड, मिनरल फंड तथा इस प्रकार के वैकल्पिक कोष का उपयोग किया जाएगा। राज्य में पंचायत स्तर तक नियमित अनुश्रवण की व्यवस्था की जाएगी। मिशन मानव विकास की कार्य योजना 2018-22 बनाई जा रही है। सदस्य विधान सभा, विधान परिषद् द्वारा अपने क्षेत्र में सतत विकास लक्ष्यों का प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए। राज्य, जिला, प्रखंड स्तर पर अनुश्रवण के लिए समितियों का गठन किया जाएगा, जिसमें मंत्रियों/विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की राशि का उपयोग सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कर सकते हैं। हम विश्व जनमत के कल्याणकारी कदम का स्वागत करते हैं। विश्व संस्था के इस पहल के प्रति हम पुन: सम्मान व्यक्त करते हैं तथा इसके कार्यान्वयन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता से सदन को आास्त भी करते हैं। राज्य के संसाधन सीमित हैं। लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए केन्द्र सरकार से हम सहयोग की अपेक्षा करते हैं। केन्द्र सरकार नियंतण्र सहयोग उपलब्ध कराएगी, हम इसकी भी अपेक्षा करते हैं। सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पंचायती राज व्यवस्था को शामिल करते हुए कुशलतम व्यवस्था लागू करने के लिए सदन को आास्त भी करते हैं।

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