सत्तर साल बाद बृहस्पतिवार को बदल जायेगा मुख्यमंत्री का कक्ष

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PATNA BIHAR VIDHAN MANDAL KE VISTARIT BHVAN AND PAREESAR KA MOYNA KERTE C M NITISH KUMAR

सत्तर साल बाद बदलेगा मुख्यमंत्री का कक्ष। तीन दिन बाद विधान मंडल के नये भवन में मिलेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। अब नये भवन में नयी राजनीति के साथ मुखर होंगे मुख्यमंत्री। यहीं से शुरू होंगे राजनीति के तमाम खेल जहां राजग एवं महागठबंधन के नेता एक दूसरे के विधायकों एवं विधान पार्षदों पर डोरे डालेंगे। बिहार विधान मंडल के नये भवन से राज्यसभा एवं विधान परिषद चुनाव में जीत की रणनीति बनायी जाएगी। संसद भवन के सेन्ट्रल हाल की तर्ज पर बनाया गया विधान मंडल का सेन्ट्रल हाल भी लगभग बनकर तैयार हो गया है। इस भवन में सभी नेताओं के कक्ष का आवंटन हो गया है। इसके बावजूद बहुत कम लोग नये भवन में जाते हैं, जिसके कारण यह भवन विरान दिखता है। तीन दिन बाद मुख्यमंत्री जब नये भवन में बैठने लगेंगे तो विधान सभाध्यक्ष एवं विधान परिषद के सभापति भी नये भवन में विराजेंगे। इनके साथ नेता विरोधी दल राज्य के सभी मंत्री विभिन्न समितियों के सभापति भी बिहार विधान मंडल के नये भवन में बैठेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान सभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के साथ नये भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने विधान सभाध्यक्ष से आग्रह किया कि इतना अच्छा भवन बनकर तैयार है, लेकिन इसका उपयोग नहीं हो रहा है। आप इस भवन में बैठने लगेंगे तो हमलोग भी बैठने लगेंगे। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि सबकुछ तैयार हो गया है। शुभ दिन देखकर वृहस्पतिवार या शुक्रवार से नये भवन में बैठने लगेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सब दिन अच्छा होता है। आपका भवन है आप बैठने लगेंगे तो हमलोग भी बैठने लगेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दोपहर बाद अपने कक्ष से निकलकर विधान सभाध्यक्ष के कक्ष में गये। वहां से अध्यक्ष के साथ नये भवन के निरीक्षण में निकले। सबसे पहले विधान सभा के पुराने भवन से नये भवन में पहुंचने वाले रास्ते के पास पहुंचे तो वहां लगे ग्रील को देखकर उसे हटाने की बात कही। इसके बाद वे उस हाल में गये जहां पहले कैंटीन हुआ करता था। उन्होंने कहा कि इस दीवार को हटाकर चौड़ा कर दीजिए। बैंक को भी यहां शिफ्ट कर सकते हैं, काफी जगह है। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि बैंक को आपके कक्ष के उपर शिफ्ट कर रहे हैं, वहीं पर रेलवे टिकट काउंटर भी शिफ्ट कर रहे हैं। विधायकों का एक ही जगह सबकुछ हो जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री विधान परिषद वाले रास्ते पर गये। अभियंता को बुलाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गलियारा खुला हुआ है। इसमें दोनों तरफ से रेलिंग लगाइए। सीढ़ी को स्लोप वाला बनाइए। उन्होंने विधान परिषद के सचिव को बुलवाकर कहा कि रास्ते में यह सब लगा है। सबको हटाकर रास्ता बनवाएं। वहां से निकलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि नया कैन्टीन कहां पर है। उन्हें बताया गया कि वह दूसरे भवन में है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नये भवन में एक मिनी कैन्टीन भी होना चाहिए। इस पर उनके प्रधान सचिव ने कहा कि नये भवन में मिनी कै न्टीन है। इसका बाद मुख्यमंत्री अपने कक्ष में गये। वहां पर उन्होंने कहा कि टीबी में विधान सभा एवं विधान परिषद का प्रसारण वाला लगायें। दोनो जगह का प्रसारण दिखना चाहिए। इसके बाद उन्होंने कहा विधान सभा से अच्छा तो विधान परिषद के रास्ते से प्रवेश वाला रास्ता है। विधान सभा के तरफ से भी देखिए चौड़ा रास्ता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेन्ट्रल हाल को भी शुरू कीजिए।मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने कहा कि संसद भवन के जैसा ही सेन्ट्रल हाल बना है।

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