सड़कें बनीं झील, जाम में रेंगते रहे वाहन

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JP GOLAMBER GANDHI MAIDAN

तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलधार बारिश ने नगर निगम के सभी दावे धो डाले। शहर के प्रमुख इलाके गांधी मैदान, राजेन्द्र नगर, कदमकुआं, करबिगहिया आदि की सड़कें बारिश के पानी में डूब गई। झील बनी सड़क किनारे की दुकानों में भी पानी घुसने के कारण कारोबार चौपट हो गया। मानसून के पहले से नगर निगम के अधिकारी दावा कर रहे थे कि इस बार बरसात में पिछली बार जैसी स्थिति नहीं होगी। नालों की उड़ाही अच्छी तरह कराई जा रही है। चारों अंचलों में उड़ाही पर छह करोड़ रपए खर्च होंगे, लेकिन तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने निगम के सभी दावों की हकीकत सामने लाकर रख दी। कल तक जहां जल जमाव था, वहां से जल निकासी की बात तो दूर बल्कि जलस्तर कुछ और बढ़ गया। अगर उड़ाही हुई तो पानी कहां रुका? इसका सटीक जवाब निगम के पास नहीं है। होल्डिंग टैक्स के नाम पर सौ करोड़ से ज्यादा की उगाही करने वाला निगम इस वर्ष भी नागरिकों को जल जमाव की समस्या से निजात नहीं दिला सका। कदमकुआं आयुव्रेदिक कॉलेज में घुसा पानीशहर के व्यस्त इलाके कदमकुआं की सड़कें डूब गई। यहां के आयुव्रेदिक कॉलेज कैंपस में पानी भर जाने के कारण मरीजों के साथ छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी से गुजराना पड़ा। बुद्धमूर्ति और इसके आसपास से भी पानी की निकासी बाधित रही। कांग्रेस मैदान इलाके में जलजमाव के कारण कुछ दुकानों के शटर गिरा दिए गए। गांधी मैदान का बाहरी एवं भीतरी क्षेत्र पूरी तरह डूब गया। जेपी गोलंबर एवं इसके करीबी क्षेत्रों के नाले जाम रहने के कारण जल निकासी नहीं हुई। दावा था कि इस इलाके के बड़े नाले की उड़ाही कराई गई है, लेकिन दावे के पलट पानी की निकासी नहीं हुई। इस इलाके के कारोबारियों समेत वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को फजीहत झेलनी पड़ी।

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राजेन्द्र नगर की सड़कें जलमग्न, मरीजों की फजीहतशहर के वीआईपी एरिया राजेन्द्र नगर की अधिकांश मुख्य सड़कों से पानी नहीं निकला। सड़क के किनारे दुकानों और घरों में भी पानी घुसा। ऐसी स्थिति में यहां की दुकानें बंद करने की नौबत उत्पन्न हो गई। इस क्षेत्र में कई बड़े निजी नर्सिग होम और डॉक्टरों की क्लिनिक है। नतीजतन मरीजों को भी फजीहत झेलनी पड़ी। करबिगहिया से नहीं निकला पानीसिपारा बस स्टैंड और करबिगहिया रोड में बारिश का पानी भर जाने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बस स्टैंड और करबिगहिया रेलवे स्टेशन पर उतरे यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए वाहन भी मुश्किल से मिले। बारिश के कारण सड़क जाम की समस्या ने भी लोगों को परेशान किया। बाकरंगज, खेतान मार्केट, काजीपुर, सालिमपुर समेत शहर के अन्य निचले इलाकों में तीन दिनों की बारिश ने आफत मचा दिया। इन इलाकों के नाले के भी जाम रहने के कारण पानी नहीं निकला।

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बारिश से लौटी किसानों की मुस्कान: राजधानी समेत राज्यभर में इन दिनों अच्छी बारिश हो रही है। मानसून के सक्रिय रहने से किसानों के चेहरे की मुस्कान लौटने लगी है। पिछले सप्ताह तक सूबे में भीषण सुखाड़ की स्थिति थी तथा यहां सामान्य से भी 49 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। परिणामस्वरूप खेतों में दरारें पड़ गई थीं और किसान धान का बिचड़ा बचाने के लिए जद्दोजहद में जुटे हुए थे। इस बीच शनिवार से मानसून सक्रिय होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। मानसून की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन दिनों में यहां 150 मिलीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को केवल राजधानी में 55.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस बीच लगातार बारिश से मौसम भी सुहाना हो गया तथा सामान्य से भी कम तापमान दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि अगले एक सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहेगा तथा राज्यभर में अच्छी बारिश होगी। विशेषकर ग्यारह से तेरह जुलाई तक सूबे में भीषण व राज्य व्यापी बारिश का अनुमान है।मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री कम है जबकि न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भागलपुर का अधिकतम 32.4 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 26.3 डिग्री सेल्सियस जबकि गया का अधिकतम 31.2 डिग्री तथा न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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