संसद में बिहार में आयी बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग

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बिहार में आयी बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग शुक्रवार को संसद में की गयी. साथ ही बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए नेपाल सरकार से बातचीत कर हाइडैम बनाने की मांग की गयी. राज्यसभा में जदयू सांसद रामनाथ ठाकुर ने यह मामला उठाते हुए कहा कि बिहार में हर साल बाढ़ आती है और इससे जान-माल की हानि होती है. इस साल आयी बाढ़ से राज्य के 12 जिले पीड़ित हैं और कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है. ऐसे में राज्य के लोगों की तकलीफ को देखते हुए केंद्र   सरकार को तय सीमा में बात कर वहां से बहने वाली नदियों पर हाइडैम बनाना चाहिए. वहीं, भाजपा सांसद सीपी ठाकुर ने कहा कि बाढ़ और बारिश के कारण लोगों को जीवन दूभर हो गया है. बाढ़ से लगभग 26 लाख लोग पीड़ित हुए हैं और सबसे अधिक कठिनाई गरीब लोगों को हो रही है. यह समस्या नयी नहीं है और इसका समाधान केंद्र सरकार, नेपाल सरकार और बिहार सरकार मिलकर कर सकती है. सीपी ठाकुर ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था कि इस समस्या का समाधान किया जा सकता है. ऐसे में इस दिशा में जल्द कदम उठाया जाना चाहिए. इस मामले में बिहार के लगभग सभी सांसदों ने खुद काे संबद्ध करते हुए सरकार से इस पर विचार करने की मांग की. सदस्यों की  मांग पर सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि जब भी किसी राज्य में प्राकृतिक आपदा आती है तो उसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की जाती है. लेकिन राष्ट्रीय आपदा की कोई व्यवस्था नहीं है. अगर कोई रेयरेस्ट ऑफ रेयर जैसे चक्रवात, बाढ़ या अन्य कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो गृह मंत्रालय के तहत उसके लिए विशेष प्रावधान की व्यवस्था है.

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