श्रीपालपुर महादलित टोले के वयोवृद्ध सूरज मांझी ने मुख्यमंत्री के समक्ष किया झंडोत्तोलन

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज स्वाधीनता दिवस के मौके पर मसौढ़ी अनुमंडल अंतर्गत पुनपुन प्रखंड के लखनपार पंचायत स्थित ठीकापर मुसहरी (श्रीपालपुर) महादलित टोले में आयोजित झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ठीकापर मुसहरी के वयोवृद्ध सूरज मांझी ने झंडोत्तोलन कर तिरंगे को सलामी दी। झंडोत्तोलन कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने राष्ट्रगान गाया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं निवासियों ने मुख्यमंत्री को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। झंडोत्तोलन कार्यक्रम में पुनपुन पहुॅचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले एस०एम०डी० महाविद्यालय के प्रांगण में वृक्षारोपण किया। रिमोट के माध्यम से मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का शिलान्यास किया। सतत जीविकोपार्जन योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से संबंधित लाभुकां को मुख्यमंत्री ने देय लाभ प्रदान किया। अंधापन निवारण कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने चश्मा भी पहनाया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री सूरज मांझी जी ने आज यहाँ झंडोत्तोलन किया है। इस अवसर पर मैं उन्हें विशेष बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2011 से यह कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें यह तय किया गया है कि 15 अगस्त और 26 जनवरी को बड़े पैमाने पर बिहार के सभी महादलित टोलों में झंडोत्तोलन किया जाएगा। 15 अगस्त को पटना के गाँधी मैदान में झंडोत्तोलन के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के बाद महादलित टोले में आयोजित इस कार्यक्रम में मैं खुद शामिल होता रहा हूँ। इसके अलावा पूरे बिहार के महादलित टोले में आयोजित झंडोत्तोलन कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे यहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर काफी प्रसन्नता हो रही है। यह हमारे लिए पुरानी जगह है। हम यहाँ के लोगों को कभी नहीं भूलेंगे जिन्होंने 5 बार मुझे सांसद बनाकर भेजा और आज हम आप सबके आशीर्वाद से बिहार की सेवा कर रहे हैं। हमारा संकल्प है न्याय के साथ विकास का जिसके माध्यम से हर तबके और हर इलाके का विकास बिना किसी भेदभाव के निरंतर जारी है। जो लोग हाशिये पर हैं, उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किये गये हैं। महादलित समुदाय के लोगों को प्रतिष्ठा दिलाने के लिए ही इस कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। बिहार के हर गाँव और टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है। यहाँ के लोगों की मांग और पितृपक्ष मेले को ध्यान में रखते हुए पुनपुन नदी पर लक्ष्मण झूला (केबुल सस्पेंशन ब्रिज) का शिलान्यास किया जा चुका है। यह लक्ष्मण झूला बिना पिलर का होगा। उन्होंने कहा कि आज के दिन मैं तमाम शहीदों को नमन करता हूँ। पटना के सचिवालय पर झंडा फहराने वाले सात शहीदों में यहाँ के भी दो लोग थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित बिहार के सात निश्चय का क्रियान्वयन पूरे राज्य में किया जा रहा है। राज्य की सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब बिहार पुलिस में महिलाओं की जितनी संख्या है, उतनी संख्या देश के किसी भी राज्य की पुलिस में नहीं है। उन्होंने कहा कि कन्या उत्थान योजना के तहत घर में बेटी पैदा होने पर 2000 रुपए, एक साल होने पर आधार से लिंक कराने पर 1 हजार और संपूर्ण टीकाकरण कराने पर 2 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। लड़कियों के लिए पोशाक राशि, सेनेटरी नैपकिन की राशि, साइकिल की राशि बढ़ा दी गई है। 12वीं कक्षा पास करने वाली अविवाहित लड़कियों को 10 हजार रुपए तथा विवाहित हो या अविवाहित स्नातक पास करने वाली लड़कियों को 25 हजार रुपए दिए जा रहे हैं ताकि बेटी पैदा होने पर लोगों को खुशी हो। अब प्रत्येक लड़की के जन्म से लेकर उसके ग्रेजुएशन करने तक राज्य सरकार 54 हजार 100 रुपये खर्च कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में राज्य में बिजली आपूर्ति 700 मेगावाट थी, अब यह बढ़कर 5590 मेगावाट हो गई है। हर घर बिजली निश्चय के अन्तर्गत राज्य के सभी घरों में दिसम्बर 2018 तक बिजली पहुॅचाने का लक्ष्य निर्धारित था जिसे दो माह पूर्व ही पूर्ण कर लिया गया और सभी इच्छुक परिवारों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गया है। इसके अलावा दिसम्बर 2019 तक सभी पुराने बिजली के जर्जर तारों को बदलने का लक्ष्य प्रगति पर है। साथ ही राज्य में कृषि कार्य हेतु पृथक फीडरों का निर्माण किया जा रहा है। सभी इच्छुक किसानों को इस साल के अंत तक कृषि फीडर से बिजली का कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। ’आर्थिक हल, युवाओं को बल’ निश्चय के तहत आज युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्टूडेन्ट क्रेडिट कार्ड योजना, रोजगार तलाशने में सहायता हेतु स्वयं सहायता भत्ता योजना तथा कुशल युवा कार्यक्रम का लाभ उठा रहे हैं। सात निश्चय योजना के तहत सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज, महिला आई0टी0आई0, पॉलिटेक्निक कॉलेज, जी0एन0एम0 संस्थान खोले जा रहे हैं। साथ ही सभी अनुमंडल में आई0टी0आई0 एवं ए0एन0एम0 संस्थान खोले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर खुले में शौच से मुक्ति और पीने का स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो जाए तो 90 प्रतिशत बीमारियों से छुटकारा मिल जाएगा। लोगों से आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने घरों में बने शौचालय में जाइए और खुले में शौच से मुक्ति पाइए। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू कर सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद रखी गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 को आधार बनाते हुए डब्ल्यू0एच0ओ0 द्वारा वर्ष 2018 में शराब के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की रिपोर्ट जारी की गयी। इसमें बताया गया कि 30 लाख लोगों की मृत्यु में से 5.3 प्रतिशत मृत्यु शराब पीने के कारण हुई। जिसमें 20 से 39 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में 13.5 प्रतिशत मृत्यु शराब पीने के कारण हुई। शराब पीने से टी0बी0, एच0आई0वी0, एड्स, कैंसर, लीवर संबंधी, मधुमेह जैसी करीब 200 बीमारियों के होने के खतरे पाए जाते हैं। शराब पीने से 18 प्रतिशत आत्महत्या, 18 प्रतिशत आपसी झगड़े, 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटना और 13 प्रतिशत मिर्गी के शिकार पाए गए। शराब पीने के कारण लीवर की गंभीर बीमारी 48 प्रतिशत, माउथ कैंसर 28 प्रतिशत, पैंक्रियाज 26 प्रतिशत, टी0बी0 20 प्रतिशत, आंत का केस 11 प्रतिशत, लीवर पैंक्रियाज 5 प्रतिशत, हाईपर टेंशन 7 प्रतिषत के केस पाए जाते हैं। इस संबंध में लोगों को जागरुक करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में एक साथ बाढ़ और सुखाड़ का प्रमुख कारण जलवायु परिवर्तन है जिसका प्रतिकार अब अत्यंत आवश्यक हो गया है। हाल ही में नेपाल से सटे बिहार के उत्तरी भागों में फ्लैश फ्लड से बाढ़ की स्थिति बनी। पिछले वर्ष 25 जिलों के 280 प्रखंड सुखाड़ घोषित किए गए थे। उन्हें कृषि अनुदान एवं फसल सहायता योजना के साथ-साथ अन्य राहत दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बाढ़ पीड़ितों को सहायता दी गयी है और सुखाड़ पीड़ितों को भी मदद मुहैया करायी जायेगी, इसके लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जलवायु परिवर्तन के कारण राज्य में औसत वर्षापात पहले जहां 1200 से 1500 मि0मी0 हुआ करता था, वह घटकर विगत 13 वर्षों से 900 मिलीमीटर पर पहुँच गई है। पिछले वर्ष 771 मि0मी0 औसत वर्षा हुई थी। बिहार और झारखंड के बंटवारे के बाद राज्य का हरित आवरण क्षेत्र 9 प्रतिशत था जिसको देखते हुए मिशन मोड में पौधे लगाए गये, जिसके कारण बिहार का ग्रीन कवर अब बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। अब हमलोग 17 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कुप्रभावों को दृष्टिगत रखते हुये जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरूआत की जा रही है। जल-जीवन-हरियाली अभियान को चलाकर हमलोग पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करेंगे। जल-जीवन-हरियाली का मतलब है जब तक जल और हरियाली है तभी तक चाहे मनुष्य हों या जीव जन्तु, पशु-पक्षी, सबका जीवन सुरक्षित है इसलिए पर्यावरण के प्रति हमें सजग रहना होगा। लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी का दुरूपयोग मत करिये उसे सुरक्षित रखिये। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव एवं भाईचारे का वातावरण कायम रहे और पर्यावरण का संरक्षण हो ताकि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीमित किया जा सके। उन्होंने कहा कि बिहार का अतीत गौरवशाली और यहॉ की विरासत समृद्ध है। हम उसी ऊँचाई को फिर से प्राप्त करना चाहते हैं। जल-जीवन-हरियाली अभियान की कार्ययोजना को लागू करने के लिए आप सभी का सहयोग और समर्थन चाहिए। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे के धर्म का आदर और सम्मान करेंगे तो समाज में और तेजी से विकास होगा। पर्यावरण को संतुलित करने के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान की जो शुरुआत हुई है, उसमें आप सभी भरपूर सहयोग करें ताकि पर्यावरण संतुलित हो सके। जब पर्यावरण संतुलित होगा तभी जीवन और बेहतर होगा।
समारोह को सांसद रामकृपाल यादव, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती अंजू देवी, स्थानीय मुखिया नागाराम जी, झंडोत्तोलनकर्ता वयोवृद्ध सूरज मांझी एवं जिलाधिकारी कुमार रवि ने भी संबोधित किया।

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