श्रमिकों को आवंटित होगा विशिष्ट पहचान नम्बर :गंगवार

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ESIC Hospital, Bihar inauguration BIHTA

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष कुमार गंगवार और राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को बिहटा के सकिंदरपुर में पहले चरण में निर्मित 100 बेड वाले ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन किया। उसके बाद केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष कुमार गंगवार,उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव, श्रम संसाधन मंत्री बिहार सरकार विजय कुमार सिन्हा, स्वास्थ मंत्री बिहार सरकार मंगल पाण्डेय,स्थानीय विधायक भाई विरेन्द्र, दानापुर की विधायक आशा सिन्हा, प्रखण्ड प्रमुख मानती देवी, महाराष्ट्र प्रभारी अतुल कुमार ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम शुरुआत की।

मौके पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि ईएसआईसी अस्पताल बिहारवासियों के लिए वरदान साबित होगा। नरेंद्र मोदी सरकार श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक बेहतरी के लिए और उनके जीवन को खुशहाल बनाने के लिए वचनबद्ध है। केंद्र और राज्य सरकार ने श्रमिकों के कल्याण के लिए श्रम विभाग के माध्यम से कई योजनाओं की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। देश में छह करोड़ संगठित मजदूर हैं, तो वहीं 40 करोड़ से ज्यादा असंगठित मजदूर भी हैं। श्रम कानूनों में सुधार के लिए सभी 44 श्रम कानूनों में से प्रासंगिकता खो चुके चार कानूनों को समाप्त कर दिया गया है। अब शेष 40 कानूनों में से 36 कानूनों को भी समाप्त करने का कार्य शुरू हो गया है। बहुत जल्द श्रम कानूनों में सुधार किए जाने का आश्वासन देते हुय कहा कि संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को एक विशिष्ट पहचान नम्बर भी आवंटित होगा। जिससे असंगठित मजदूरों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के मामले में काफी लाभ मिलेगा।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अस्पताल में लाखों बीमित श्रमिकों के अलावा जिले के गैर बीमित सामान्य लोगों को भी चिकित्सीय व इमरजेंसी की सुविधा मिलेगी। 2009 में ईएसआईसी की ओर से बिहटा में 650 करोड़ की लागत से 500 बेड के अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया गया था। जिसके लिए बिहार सरकार ने 27 एकड़ जमीन उपलब्ध करायी थी। लेकिन पिछली सरकार की उदासीनता के कारण अस्पताल बनने में काफी विलंब हुआ था। केंद्र और राज्य सरकार ने सत्ता में आते ही काफी तन्मयता से इस अस्पताल को बनवाया। पहले चरण में 100 बेड की व्यवस्था की गयी है। बाद में 100, 300 और 500 बेडों के अस्पताल की सेवा शुरू की जायेगी। उन्होंने बताया कि 300 बेडों की शुरुआत के बाद यहां मेडिकल कॉलेज की मान्यता की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। 2018-19 में केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर बिहार में स्वास्थ के क्षेत्र में 7793 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है।

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प्रदेश के सात जिलों और 17 अनुमंडलों में आईटीआई की पढ़ाई चल रही है। प्रदेश के सभी 101 अनुमंडलों में आईटीआई खोलने की योजना है। महिलाओं के लिए अलग से आईटीआई खोला जाएगा। प्रखंड स्तर पर कौशल विकास केन्द्र की स्थापना की जानी है। प्रदेश में 936 जगहों पर स्किल डेवलपमेंट का कार्य शुरू कर दिया गया है। राज्य में जीएनएम पद पर मात्र 28 सौ और एएनएम पद पर 18500 लोग पदस्थापित हैं। इसके बाद भी जेएमएम पद- 8700 और एएनएम पद- 40 हजार पद रिक्त हैं। पिछले चालीस सालों में मात्र छह मेडिकल कॉलेज खोले गए थे। नरेंद्र मोदी सरकार की देन है कि तीन नये मेडिकल कॉलेज का शुभारम्भ हो गया है ,छह और खुलने हैं।

केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव ने अपने क्षेत्र के किसानों को जमीन देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज किसानों की ही देन है कि बिहटा बिहार का ‘‘ग्रेटर नोयडा’ बन रहा है। किसानों के योगदान को हम लोग भुला नहीं सकते हैं। उनकी भी कुछ समस्याएं हैं बहुत जल्द उसका निदान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज बिहार की जनता के लिए एक बड़ी सौगात ह। इससे बिहार की जनता को काफी फायदा पहुंचेगा। अथक प्रयास के बाद फुलवारीशरीफ में भी बहुत जल्द 50 बेड के ईएसआईसी अस्पताल का शुभारंभ होगा। मोदी सरकार केसत्ता में आते ही श्रमिकों के जीवन में खुशहाली आयी है। पहले श्रमिक मजूदरी के लिए दूसरे से तीसरे राज्यों में पलायन करते थे लेकिन अब सभी श्रमिकों को अपने ही राज्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर मौजूद हैं।

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वहीं स्वास्थ मंत्री बिहार सरकार के मंगल पांडेय ने कहा कि कांग्रेस के बाद जब केंद्र की सत्ता की बागडोर नरेन्द्र मोदी ने संभाली तो कई चुनौतियां सामने थीं। मगर उन्होंने अपनी दक्षता से चुनौतियों का सामना करते हुए हर क्षेत्र का चहुमुंखी विकास किया है । उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य में चरणबद्ध तरीके से 534 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं । इसके लिए 334 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्य केंद्रों का चयन किया गया है। जिन स्वास्य उपकेन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर के रूप में विकसित किया जाएगा, वहां प्रशिक्षित टीम के द्वारा प्राथमिक स्वास्य सेवा उपलब्ध करायी जाएगी। हर सेंटर पर एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती होगी। शुरू में प्रयास हो रहा है कि हर प्रखंड में एक-एक खुले। इसके बाद इसकी संख्या बढ़ेगी। सेंटर पर जो प्रशिक्षित टीम रहेगी, उनमें दो एएनएम एवं आशा भी होंगी। यहां पर 16 प्रकार की वृहद प्राथमिक स्वास्य सेवाएं जैसे मातृ स्वास्य देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्य देखभाल, बचपन एवं किशोर स्वास्य देखभाल, गर्भनिरोधक सेवाएं, प्रजनन स्वास्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। वैसे अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्य केन्द्र जो कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किये जायेंगे, उसमें एक या दो एमबीबीएस चिकित्सक, तीन स्टाफ नर्स, एक एएनएम, एक लैब तकनीशियन, एक फार्मासिस्ट रहेंगे।

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वहीं श्रम एवं रोजगार मंत्री बिहार सरकार विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि श्रमिक मजदूर देश के निर्माणकर्ता हैं। आज बहुत खुशी की बात है कि बिहटा की धरती पर कैलाशपति मिश्र ने रेफरल अस्पताल का उद्घाटन किया था। आज एक बार फिर मोदी सरकार में साढ़े छह करोड़ की लागत से ईएसआईसी अस्पताल का शुभारम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 100 बेड का जी प्लस री अस्पताल बनकर तैयार कर है। मेडिकल इक्यूपमेंट, जनरल ओपीडी, आईसीयू , इमरजेंसी, डॉक्टर्स रूम, नर्स रूम, एक्स-रे रूम और रिसेप्शन सभी बनकर तैयार हो गए हैं । मरीजों की संख्या अच्छी रही तो जल्द ही 300 बेड का अस्पताल बनाते हुए मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए 300 बेड का अस्पताल होना जरूरी है। 2018-19 में यहां खुलेंगे आईटीआई- महिला आईटीआई नालंदा, रोहतास, कैमूर, खगड़िया, लखीसराय, शेखपुरा, समस्तीपुर, गोपालगंज। सामान्य आईटीआई- मंझौल, बखरी, मोहनिया, मधुबनी सदर, अरेराज, रक्सौल, पटना सिटी, बाढ़, मसौढ़ी, दलसिंहसराय, बेलसंड, सीवान सदर निर्मली, महनार, सासाराम।

वहीं स्थानीय विधायक भाई वीरेन्द्र ने अधिकारियों पर प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मेरा विधानसभा क्षेत्र है और यहां आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में मेरा होर्डिग बैनर ना लगाकर अपमानित किया गया है।

हीरा लाल सावरिया प्रधान सचिव केंद्र सरकार, दीपक कुमार सिंह, बिहार सरकार प्रधान सचिव ने बताया कि उनका विभाग इस प्रयास में है कि अगले वित्तीय वर्ष में जहां आईटीआई खुलना है उसके लिए पहले से जमीन विभाग को मिल जाए। ताकि भवन निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ सके। इस मौके पर इंटक प्रदेश अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सिंह ,भाजपा महाराष्ट्र प्रभारी अतुल कुमार, दानापुर विधायक आशा सिन्हा ,प्रखंड प्रमुख मानती देवी ,ग्रामीण जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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