शौचालय घोटाले के आरोपित अभियंता लालू के साथ अमेरिका गए थे : मोदी

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पटना। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि शौचालय घोटाले के मुख्य आरोपित विनय कुमार राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साथ अमेरिका गए थे। उन्होंने कहा कि लालू का संबंध अच्छे लोगों के साथ नहीं रहा है। श्री मोदी ने कहा कि जब लालू पहली बार अमेरिका गए थे तो उनके साथ पीएचईडी के आरोपित अभियंता विनय कुमार भी गए थे। यह पूछे जाने पर कि राजद नेता लालू प्रसाद ने तेजस्वी को अगले सीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया है, उन्होंने कहा कि यह आश्र्चय की बात नहीं है। लालू की पार्टी पॉकेट की पार्टी है। वंशवादी पार्टी है। उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय का बचाव किया। उन्होंने कहा कि नित्यानंद ने मुहावरे का प्रयोग किया है। सफाया कर देने संबंधी बयान महज मुहावरा है। 

पटना। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को एक और नया खुलासा करते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके परिवार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू परिवार के कालेधन को सफेद करने के साथ-साथ नोटबंदी के बाद लालू समेत राजद नेताओं के 500 और 1000 रुपये के नोट को एक्सचेंज करने में अनवर अहमद के अवामी को-ऑपरेटिव बैंक का इस्तेमाल किया गया।

मोदी ने सीबीआई और ईडी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।श्री मोदी ने बताया कि अनवर अहमद का प्रवेश लालू प्रसाद के रसोईघर तक था। लम्बे समय तक वे उनके घर का खाना बनाते थे। अनवर अहमद के अवामी कोऑपरेटिव बैंक का इस्तेमाल लालू परिवार के कालेधन को सफेद करने, ऋण प्राप्त करने, नोटबंदी के बाद 500 और 1000 रुपये के नोट को सफेद करने में हुआ।

लालू ने अनवर को राज्यपाल कोटे से एमएलसी बनवाया, ताकि उनके कोऑपरेटिव बैंक का इस्तेमाल कालेधन को सफेद करने के लिए किया जा सके। लालू परिवार की बेनामी सम्पत्ति खरीद में अवामी कोऑपरेटिव बैंक का पूरा इस्तेमाल किया गया। जमीन खरीद के कई मामलों में आवामी बैंक के माध्यम से संदिग्ध राशि का भुगतान दिखाया गया। लालू का सेविंग अकाउंट नंबर-1001 और राबड़ी देवी का सेविंग अकाउंट नंबर-6651 अब भी आवामी को-ऑपरेटिव बैंक में क्रियाशील है।

उन्होंने बताया कि राबड़ी देवी के 18 फ्लैट जिस अरविंद यादव के परिवार की जमीन पर बने हैं, उस परिवार को 12.86 लाख रुपये के पांच अलग-अलग चेक (2.45 लाख के) आवामी कोऑपरेटिव बैंक के नाम निर्गत हैं। उन्होंने कहा कि बैंक के अध्यक्ष अनवर अहमद ने नोटबंदी के बाद 60 मजदूरों के नाम से बैंक खाते खुलवाये और हर अकाउंट में 2.30 लाख रुपये जमा कराये। जिन मजदूरों के नाम से खाते खोलकर पैसा जमा कराये गये, उन्हें इसका पता तक नहीं है। अहमद के ट्रस्ट में छापेमारी के दौरान 10 लाख रुपये के 2000 और 500 के नये नोट बरामद किये गये थे। इन खातों में 11 करोड़ से ज्यादा की रकम जमा करने के तुरंत बाद निकाल ली गई थी।

अनवर ने अपने परिवार के 4 ट्रस्ट का इस्तेमाल नोटबंदी के बाद 500 और 2000 के नोट जमा करने के लिए इस्तेमाल किया। इन सभी ट्रस्ट का खाता अवामी कोऑपरेटिव बैंक में था, जहां दिखाया गया कि चंदे के रूप में यह राशि उन्हें दान स्वरूप मिली है। उन्होंने बताया कि अवामी कोऑपरेटिव बैंक में लालू प्रसाद और उनकी पत्नी के अकाउंट हैं, जिनमें क्रमश: 58 लाख और 15.62 लाख रुपये जमा हैं।

उन्होंने खुलासा किया कि 70 बेनामी खातों से 10-12 करोड़ रुपये के कालेधन को सफेद करने के साक्ष्य मिले हैं। 2.30 लाख जमा करवाये गये तथा 24 हजार रुपये प्रति सप्ताह निकाले गये ताकि आयकर विभाग की निगाह से बचा जा सके।

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