शिक्षा में सुधार के निर्णय लागू करें कुलपति : राज्यपाल

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राजभवन में मंगलवार को राज्यपाल सह कुलाधिपति सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में राज्य के विविद्यालयों के कुलपतियों की मासिक बैठक सम्पन्न हुई। राज्यपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मार्ग में अगर कठिनाइयां आती हैं तो तुरंत उनका समाधान तलाशा जाना चाहिये। किन्तु किसी प्रकार की बहानेबाजी के विरुद्ध सख्ती से निपटना होगा। सभी विविद्यालयों के कुलपतियों को बैठक में लिए गये निर्णय को कड़ाई से लागू करने की हिदायत दी गयी है। महाविद्यालयों में शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति तथा अकादमिक एवं परीक्षा कैलेंडरों के शत प्रतिशत अनुपालन की दिशा में आश्वयक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक को संबोधित करते हुए कुलाधिपति श्री मलिक ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के सुधार-प्रयासों को सभी आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं इसलिए कुलपतियों को चाहिए कि वे अपनी नेतृत्व क्षमता, कर्त्तव्यनिष्ठा, तत्परता और दूरदर्शिता का पूरा उपयोग करते हुए उच्च शिक्षा के विकास हेतु निर्धारित एजेन्डे पर तेजी से अमल करें। राज्यपाल ने राज्य में छात्रसंघ चुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने पर कुलपतियों एवं स्थानीय प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों का सफर काफी लंबा है, परन्तु दृढ़ निश्चय के साथ प्रतिबद्धतापूर्वक निश्चित समय सीमा में काम करने पर कोई भी लक्ष्य आसान हो जाता है। राज्यपाल ने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि विविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मियों के नियमित एवं बकाया वेतन का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है तथा सेवांत लाभ के मामलों का निस्तारण समय पर नहीं हो पाने के कारण तदविषयक भुगतान में भी अनपेक्षित विलंब हो रहा है। विविद्यालयों में नियमित वेतन भुगतान एवं सेवांत लाभों के मामले में भी ससमय भुगतान की कार्रवाई होनी चाहिए। बीएड में नामांकन के लिए आयोजित होनेवाली ‘‘कॉमन इंट्रेंस परीक्षा’ को हर हालत में सफलता से आयोजित कराया जाना चाहिए। बैठक में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने कहा कि शिक्षा विभाग महाविद्यालयों के संबंद्धन को लेकर कुलसचिवों की एक बैठक अलग से आयोजित करेगा। इस बैठक में विविद्यालय को विभिन्न मदों में उपलब्ध करायी जाने वाली आवश्यक निधियों पर भी विचार होगा। राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि राज्यपाल सचिवालय स्तर पर होने वाली कुलपतियों की मासिक बैठक में अब माइक्रोलेवेल पर प्रतिवेदनों की समीक्षा की जाएगी तथा ऑनलाइन रिपोर्टिंग की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विविद्यालयों के अतिरिक्त महाविद्यालयों को भी ‘‘नोडल इनफॉरमेशन प्वाइंट’ के रूप में इस रिपोर्टिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि कॉलेज स्तर पर होने वाली प्रगति का भी सीधे मूल्यांकन हो सके। आज की बैठक में यह पाया गया कि ‘‘च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के कार्यान्वयन की दिशा में काफी संतोषप्रद प्रगति है एवं उसके अनुरूप नये पाठ्यक्रम को जून महीने में जारी कर दिया जाएगा, ताकि राज्य के सभी विविद्यालयों में यह पण्राली बेहतर ढंग से काम करने लगे। बैठक में अनधिकृत रूप से शिक्षकों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। सभी विविद्यालयीय विभागों एवं महाविद्यालयों में बायोमैट्रिक पण्राली एवं सीसीटीवी कैमरे के संस्थापन कार्य को भी यथीघ्र पूरा करने को कहा गया। बैठक में बीएड कॉलेज के नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया गया। विवविद्यालय एवं महाविद्यालयीय विभागों में स्वच्छता अभियान को एनसीसी/एनएसएस आदि के जरिये और तेज करने का भी निर्णय लिया गया। साथ ही ललित नारायण मिथिला विवविद्यालय, दरभंगा को अन्तरविविद्यालयीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘‘तरंग’ तथा मगध विवविद्यालय को अन्तर विवविद्यालय क्रीड़ा प्रतियोगिता ‘‘एकलव्य’ के आयोजन हेतु यथीघ्र तिथियाँ घोषित करने को कहा गया, ताकि सभी विविद्यालय एवं महाविद्यालय इसके लिए अपने यहां कार्यक्रम आयोजित करते हुए आवयक तैयारियां पूरी कर सकें। बैठक में वित्तीय अनुशासन बनाये रखने के लिए विविद्यालयों को भी सरकारी खरीददारी के लिए निर्धारित पोर्टल का इस्तेमाल करने को कहा गया। साथ ही महाविद्यालयों/विविद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतनादि भुगतान हेतु व्यवस्था के सफल कार्यान्वयन के निमित्त संबंधित कर्मियों के बैंक-खातों की इन्टरलिंकिंग का काम भी यथाषीघ्र पूरा करा लेने को कहा गया। बैठक में विविद्यालयों में ‘‘शिकायत निवारण कोषांग’ का सुदृढ़ीकरण करने को भी कहा गया। साथ ही सेवांत लाभ के मामलों को निष्पादित करने हेतु कुलपति स्तर पर ‘‘पेंशन अदालत’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया। जिसमें शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन, राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह सहितािक्षा विभाग एवं राज्यपाल सचिवालय के वरीय अधिकारियों ने भाग लिया।

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