शिक्षकों पर लाठीचार्ज को लेकर विधान परिषद् में भारी शोरगुल

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Patna-July.19,2019-RJD legislators are demonstrating outside of Bihar Assembly in Patna during Monsoon Session.

राजधानी में प्रदर्शनकारी नियोजित शिक्षकों पर राजधानी में हुए लाठीचार्ज के विरोध में विपक्षी सदस्यों ने आज विधान परिषद् में जमकर शोरगुल और नारेबाजी की। बाद में विपक्षी सदस्य वेल में चले आये जिसके कारण प्रश्नकाल लगभग आठ मिनट तक बाधित रहा।कार्यकारी सभापति हारून रशीद ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की राजद के सुबोध कुमार ने कार्यस्थगन की सूचना देते हुए कहा कि कल राज्य के कोने-कोने से नियोजित शिक्षक समान काम समान वेतन की मांग को लेकर राजधानी में शांतिपूर्ण धरना एवं प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार शिक्षक प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनकी न्यायोचित मांगों को मानने की बजाय दमनकारी तरीके अपनाते हुए पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले और बर्बर तरीके से लाठीचार्ज की गई। इसमें कई शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए तथा वैशाली की शिक्षिका फूल कांति देवी का निधन भी हो गया। इस पर राजद, कांग्रेस और भाकपा के सदस्य अपनी-अपनी सीटों के समक्ष जोर-जोर से बोलने लगे। इसी दौरान सत्तारूढ़ जदयू और भाजपा के सदस्य भी अपनी सीटों के समक्ष खड़े होकर जोर-जोर से बोलने लगे। इसके बाद राजद विधानमंडल दल की नेता पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में राजद और कांग्रेस के सदस्य सदन के बीच में आ गए और शिक्षकों पर लाठी चलाना बंद करो बंद करो और ज्ञान का सागर सूखा है, जब तक शिक्षक भूखा है जैसे नारे लगाये। राजद और कांग्रेस के सदस्यों की नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल लगभग आठ मिनट तक बाधित रहा। बाद में कार्यकारी सभापति के आग्रह पर राजद और कांग्रेस के सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर लौट आए। इसके बाद श्रीमती राबड़ी देवी ने कहा कि पुलिस ने महिला शिक्षकों को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, यह शर्म की बात है। राजद के ही रामचंद्र पूव्रे ने कहा कि शिक्षकों ने घोषणा की है कि अब वह ‘‘करो या मरो’ पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह नारा देना ठीक नहीं है। भाकपा के प्रो. संजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार को नियोजित शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से बात करनी चाहिए। पुलिस लाठीचार्ज में महिला शिक्षक फूल कांति देवी का निधन हुआ है। उनके परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता राशि सरकार को देनी चाहिए। भाकपा के ही केदारनाथ पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र में धरना और प्रदर्शन करने का सभी को अधिकार है। पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है और इसके लिए दोषी पुलिस पदाधिकारी को दंडित किया जाना चाहिए।सत्तारूढ़ जदयू के दिलीप चौधरी ने कहा कि इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। भाजपा के प्रो. नवल किशोर यादव ने कहा कि नियोजित शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से सरकार को समझौता वार्ता करनी चाहिए। साथ ही लाठीचार्ज के लिए दोषी पदाधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई भी होनी चाहिए। इससे पूर्व कार्यकारी सभापति ने परिषद के कार्य संचालन नियमावली का हवाला देकर राजद के श्री कुमार के कार्यस्थगन सूचना को अस्वीकृत कर दिया था।

शिक्षिका फुलकांती देवी की मौत के मामले में सूचना एवं जन संपर्क मंत्री नीरज कुमार ने कहा है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। वे पिछले तीन दिनों से छुट्टी पर थीं। विपक्ष शिक्षिका फुलकांती देवी की मौत 18 जुलाई को राजधानी में शिक्षक संघ के प्रदर्शन के दौरान हुई लाठीचार्ज से होने की बातें कर रहा है। मंत्री ने शुक्रवार को विधान परिषद में कहा कि शिक्षिका फुलकांती देवी वैशाली जिले के सह्दय बुजुर्ग में पदस्थापित थीं। वह नियोजित नहीं नियमित शिक्षिका थीं। पिछले छह महीने से उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि यह सूचना वैशाली के आरक्षी अधीक्षक और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने दी है। मालूम हो कि प्रश्नोत्तरकाल के दौरान कांग्रेस के प्रेमचंद्र मिश्रा ने पुलिस लाठीचार्ज में शिक्षिका की मौत का मामला उठाया था। इसको लेकर विपक्षी सदस्यों ने बेल में आकर जमकर हंगामा किया था।

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