शहीद पिंटू की पत्नी को मिलेगी सरकारी नौकरी : मुख्यमंत्री

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बेगूसराय : जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में पिछले 1 मार्च को शहीद हुए राटन ध्यान चक्की गांव निवासी स्व. चक्रधर सिंह के पुत्र सीआरपीएफ इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह के घर बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे। उन्होंने सर्वप्रथम शहीद पिंटू के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। सीएम के साथ शहीद पिंटू को श्रद्धांजलि देने वालों में विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिंह, सरकार के मुख्य सचिव दीपक कुमार गृह सचिव अमीर सुभानी डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे मुंगेर के कमिश्नर पंकज पाल मुंगेर के डीआईजी मनु महाराज, डीएम राहुल कुमार, एसपी अवकाश कुमार ने भी उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण किया। सीएम नीतीश ने शहीद पिंटू के पैतृक आवास पर बैठकर शहीद के परिजनों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उसके बाद सीएम ने शहीद पिंटू कुमार सिंह की पत्नी अंजू सिंह से मुलाकात कर उनके दर्द को साझा करने का प्रयास किया।मुख्यमंत्री को देखते ही उनकी पत्नी अंजू दहाड़ मारकर रोने लगी। इस बीच कुछ बोल न सकी। यह देख कर सीएम कुमार के आंखों में भी आंसू भर आए। शहीद पिंटू की 5 वर्षीय पुत्री पीहू भी उस समय अपनी मां के पास बगल में सोए हुई थी। इस दौरान उन्होंने शहीद पिंटू के सभी भाईयों एवं उनके अपने साले से भी बातचीत की। शहीद पिन्टू के परिजन से मिलने के लिए मुख्यमंत्री दोपहर बाद करीब 1:56 बजे हेलीकॉप्टर से बखरी थाना के निकट रामपुर के मैदान में बने हेलीपैड पर उतरे। वहां से उनका काफिला सड़क मार्ग से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में राटन ध्यान चक्की गांव शहीद के घर पहुंचा । इस दौड़ान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहीद के अपने सहोदर भाई मिथिलेश सिंह से मिलकर कहा कि पूरा बिहार के लोग शहीद पिन्टू कुमार सिंह के परिवार के साथ है। सीएम नीतीश ने सहित पिंटू की पत्नी अंजू सिंह को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। तथा जिले के जिलाधिकारी राहुल कुमार को सीएम ने निर्देश दिया के शहीद के चारों भाई बहुत ही गरीब हैं। इसलिए जो कुछ संभव हो सकता है इनके चारों भाई को मदद करने का निर्देश दिया। इस दौरान जदयू के जिला अध्यक्ष सह पूर्व विधान पार्षद भूमि पाल राय, रुदल राय पूर्व विधायक श्री कृष्ण सिंह जदयू के जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह पूर्व जिला अध्यक्ष भोला कांत झा जदयू के युवा जिला अध्यक्ष विकास कुशवाहा, विनोद तांती, राम विनय सिंह, राटन पंचायत के पूर्व मुखिया सरोजिनी भारती, समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित थे। सीएम नीतीश कुमार कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी कि शहीद पिंटू के घर पर जब सीएम नीतीश कुमार उनके घर के आंगन में पहुंचे तो जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया कर्मियों को अंदर प्रवेश करने से मना कर दिया। जिसके कारण मीडिया कर्मियों को प्रवेश द्वार के बाहर रुकना पड़ा।

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