शव घर पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम,दो वर्ष पूर्व गश्ती के दौरान हुई थी तीन पुलिस कर्मियों की मौत

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बिहार पुलिस के आरक्षी की सड़क दुर्घटना में मौत होने के बाद उसका शव नगर पंचायत के वार्ड नंबर 15 स्थित उसके आवास पर पहुंचते ही परिजनों के बीच चीख पुकार मच गयी। मृतआरक्षी श्रीकांत यादव स्व. कृष्णनंदन यादव पूर्व मुखिया चिरैयां का पुत्र था। सन् 2003 में उसने बिहार पुलिस में आरक्षी पद पर योगदान दिया था। चेनारी थाने में पदस्थापित आरक्षी जब एनएच 2 पर रात्रि गश्ती में था, तभी एक पिकअप वैन की टक्कर से गश्ती वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गयी था। इस घटना में चार आरक्षी घायल हो गये थे। सदर अस्तपताल में चिकित्सा के क्रम में देर रात श्रीकांत की मौत हो गयी। आज जैसे ही यह समाचार उसके परिजनों को मिली उनके करुण क्रंदन से पूरे मोहल्ले के लोग जुट गये। राजद नेता जितेन्द्र यादव सहित अन्य सामाजिक एवं राजनैतिक कार्यकर्ता देर रात तक वहां पहुंच शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने में जुटे रहे। घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।

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सासाराम : जिले में एनएच टू हो या फिर कोई अन्य सड़कें, रात्रि गश्ती के दौरान चेनारी थाना क्षेत्र के टेकारी के पास सड़क हादसे में पुलिस कर्मियों की मौत की यह घटना पहली नहीं है। इसके पहले भी पेट्रोलिंग के दौरान शिवसागर व करगहर थाना क्षेत्र में वाहन की चपेट में आने से पुलिस कर्मियों की मौत हो चुकी है। लगभग दो वर्ष पूर्व 15 दिसंबर 2015 को शिवसागर थाना क्षेत्र के टोल गेट के समीप गश्ती के दौरान ट्रक ने छह जवानों को रौंद दिया था। जिसमें एक दारोगा समेत तीन पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि तीन सैप जवान घायल हो गए थे। मृतकों में झारखंड के देवघर जिला के सरांव थाना क्षेत्र के जोगिया टिकर निवासी सब इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय, सारण जिला के सोनपुर थाना के भड़कुडा निवासी सैप जवान उमेश ठाकुर व शिवसागर थाना के रोझईं निवासी चौकीदार अशोक कुमार त्रिपाठी शामिल थे। जबकि मार्च 2014 में करगहर थाना क्षेत्र के खड़ारी के पास वाहन चेकिंग के दौरान ट्रक से कुचलकर एक सैप जवान की मौत हुई थी। इन घटनाओं के पीछे पुलिस चाहे जो भी दलील दे, लेकिन इस तरह की कई घटनाएं सवालों के घेरे में हैं। शनिवार की रात फोरलेन सड़क पर सड़क दुर्घटना में एक पुलिस कर्मी की हुई मौत व दो के घायल होने को ले लोगों में तरह-तरह की चर्चा है। हालांकि शिवसागर थाने की पुलिस घटना अपने क्षेत्र में होने की बात कह रही है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शी घटना चेनारी थाना क्षेत्र के टेकारी गांव के पास की बता रहे हैं। अब यह सवाल उठता है कि शिवसागर थाने की पुलिस दूसरे थाना क्षेत्र में गश्ती करने क्यों गई। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो पुलिस ओवरलोडेड एक ट्रक का पीछा कर रही थी, इसी क्रम में पुलिस वाहन का चालक नियंत्रण खो दिया व गाड़ी सड़क के किनारे गड्ढे में पलट गई।

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