शराबबंदी में ढिलाई हुई तो थानेदारों की खैर नहीं : नीतीश

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अब तक थानों या अन्य जगहों पर जो देसी और विदेशी शराब बरामद कर रखी गई हैं, उसे हर हाल में 30 सितम्बर तक नष्ट करें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक गड़बड़ी करने वाले थानेदारों पर तत्काल कार्रवाई करें। गड़बड़ी करने वाले थानेदारों को सरकारी सेवा में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। जरूरत होने पर और भी चेक पोस्ट बनाने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस काम में नदी थानों की भी जिम्मेदारी तय की जाए।उन्होंने शनिवार को 1-अणो मार्ग स्थित नेक संवाद में मद्य निषेध से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अब तक देसी एवं विदेशी शराब की बरामदगी, वाहनों की जब्ती, शराब के धंधे में लिप्त लोगों की गिरफ्तारी, गिरफ्तार अभियुक्तों के प्रोफाइल, आपूत्तर्िकर्ता गिरोह, प्राप्तकर्ता गिरोह, वितरणकर्ता गिरोह, भंडारणकर्ता गिरोह, अनुसंधान में प्रगति, सीमावर्ती जिलों में स्थित चेकपोस्ट की स्थिति, शराब के आगत स्रेत, शराब विनष्टीकरण की मात्रा, गड़बड़ करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों पर कार्रवाई सहित शराबबंदी से जुड़े अन्य कई मसलों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक थानों या अन्य जगहों पर जो देसी और विदेशी शराब बरामद कर रखी गई हैं, उसे हर हाल में 30 सितम्बर तक नष्ट करें। शराब बरामद होने के 15 दिनों के अंदर उसे नष्ट करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से पूर्व जितने लोग (डिस्ट्रीब्यूटर, रिटेलर, परचूनिया) शराब के धंधे में लगे हुए थे, उन पर निगरानी रखी जाए कि शराबबंदी के बाद अब वे क्या कर रहे हैं ? मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस महानिदेशक, प्रधान सचिव (गृह), अपर पुलिस महानिदेशक (आर्थिक अपराध इकाई) एवं आईजी (प्रोहिबिशन) हर महीने नियमित रूप से मीटिंग करें। अगर नियमित रूप से हर महीने बैठक होगी तो मद्य निषेध से संबंधित कोई भी मुद्दा सामने आने पर उसे तत्काल दूर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पांच-सात जिलों से जो रिपोर्ट आ रही है, उसे देखते हुए अगर और चेक पोस्ट बनाना पड़े तो इस संबंध में कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नदी के माध्यम से भी शराब का धंधा चल रहा है। इसकी रिपोर्ट विशेष कर वैशाली, छपरा और पटना से आ रही है तो तीनों जिलों के एसपी आपस में मीटिंग कर इस पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि इस काम में नदी थानों की भी जिम्मेदारी तय की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश या अन्य राज्यों से शराब की जो खेप आ रही है, उसके स्रेत तक पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू कर बिहार में सामाजिक सुधार की बुनियाद रखी गई है और इससे कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जाएगी, इसलिए समर्पण की भावना के साथ निषेध को देखना होगा। शराबबंदी के बाद कानून के दुरूपयोग से संबंधित जो समस्या आ रही थी, उसे देखते हुए कानून में संशोधन कर उसे दूर किया गया है। उन्होंने कहा कि निचले स्तर पर जो अधिकारी इस काम में लगे हुए हैं, उन पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को कड़ी निगरानी रखनी होगी ताकि वे गड़बडी़ नहीं कर सकें। सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर 15 दिन पर बैठक कर प्रोहिबिशन की स्थिति की जानकारी ली जाए। उन्होंने कहा कि सभी थानाध्यक्षों ने वचन लिखकर दिया था कि वे अपने इलाके में कोई गड़बडी़ नहीं होने देंगे। अभी जो नये थानाध्यक्ष बनाए गए हैं, उनसे भी लिखवाइए कि उनके इलाके में शराब का अवैध कारोबार नहीं होगा।

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