शराबबंदी कानून में होगा संशोधन: मुख्यमंत्री

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Patna-June.11,2018-Bihar Chief Minister Nitish Kumar is addressing a press conference after Lok Samwad programme at his residence in Patna.

पटना – राज्य सरकार शराबबंदी कानून में जल्द ही संशोधन करेगी, ताकि इसके कुछ प्रावधानों के दुरुपयोग को रोका जा सके। यह बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने सरकारी आवास एक अणो मार्ग में आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के बाद कही। संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी कानून लागू करने के बाद बिहार में काफी हद तक इसमें सफलता मिली है। यह अलग बात है कि कुछ जगहों पर अवांक्षित तत्व चोरी छिपे गैरकानूनी रूप से शराब के रोजगार में लगे रहते हैं और सूचना मिलने पर उन पर कार्रवाई भी की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि शराबबंदी कानून में कुछ प्रावधान काफी सख्त हैं और इसका दुरुपयोग भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी कानून लागू करने पर सफलता शत-प्रतिशत नहीं होती। उन्होंने कहा कि पहले भी कई राज्यों में शराबबंदी लागू की गयी थी, लेकिन यह सफल नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में ही राज्य सरकार ने शराबबंदी कानून के संबंध में लोगों से राय मांगी थी और काफी लोगों ने अपनी-अपनी राय भी सरकार के समक्ष जाहिर की थी। इसका अध्ययन करने के लिए राज्य सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जो सरकार को अनुशंसा करेगी कि किसी तरह शराबबंदी कानून को और प्रभावी बनाने के लिए संशोधन किया जाये। सीएम ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट के बाद राज्य के महाधिवक्ता से विधिक परामर्श लिया जायेगा और इसके बाद सरकार उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमणयम से भी राय लेगी। उच्चतम न्यायालय में शराबबंदी कानून को लेकर एक मामला लंबित है और सरकार इसपर फैसले का इंतजार कर रही है। फैसला आने के बाद सरकार इसमें संशोधन करेगी, ताकि यह और प्रभावी बन सके जिससे बेहतर परिणाम सामने आये। मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार ने खैनी के सेवन पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है। सरकार चाहती है कि लोगों में जागृति आये और वह खैनी की खेती के बजाये कोई अन्य नगदी फसल ऊपजायें। उन्होंने कहा कि इससे किसानों के आमदनी में भी कोई कमी नहीं आयेगी और लोगों का स्वास्य भी सही रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशाबंदी के लिए पहले ही जागृति अभियान चला चुकी है और इसका अच्छा परिणाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने काफी सख्ती से शराबबंदी को लागू किया है और इसके चलते राजस्व में होने वाली कमी की आशंका भी निमरूल साबित हुई है। शराबबंदी से सरकार के कुल राजस्व में बहुत ही मामूली कमी आयी है जबकि लोगों को काफी पैसे की बचत हुई। इस पैसे से लोग अपने जरूरी सामान खरीद रहे हैं और आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से होने वाले क्षति की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गयी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर बिहार को अधिक से अधिक सहायता दिये जाने की मांग की गयी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से नये नियम के तहत सहायता बिहार को दी गयी है, लेकिन मैं चाहता हूं कि इसे शिथिल कर और अधिक सहायता दी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगहों पर किसानों के अपने उत्पादों को सड़क पर फेंके जाने की खबरें आती हैं और यह उनके उत्पाद का सही मूल्य नहीं मिल पाने के कारण होता है। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी किसानों के समस्या का सही समाधान नहीं है। बिहार सरकार किसानों को इनपुट सब्सिडी दे रही है और उनके फसलों के नुकसान होने पर आकलन कराकर क्षतिपूर्ति राशि भी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का इरादा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को नकारने का नहीं, बल्कि किसानों के हित में योजना शुरू किये जाने का है और यह राज्य सरकार का हक भी है। इसके तहत सरकार सीधे तौर पर किसानों को फसलों के नुकसान का भरपायी करती है।

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