शरद व अनवर की सदस्यता समाप्त करने का निर्णय उचित : आरसीपी सिंह

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पटना : राज्यसभा में जदयू के नेता आरसीपी सिंह ने कहा कि पार्टी में रहते हुए दल विरोधी गतिविधि में शामिल रहने के कारण जदयू के बागी सदस्य शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा की सदस्यता समाप्त करने का फैसला सभापति ने लिया है जो स्वागतयोग्य है। श्री सिंह ने बुधवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि शरद यादव और अली अनवर दल में रहते हुए पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल थे। उन्होंने कहा कि श्री यादव के आचरण को देखकर यह लगा कि वह जदयू में नहीं रहना चाहते हैं। राज्यसभा सांसद ने कहा कि इसी को देखते हुए पार्टी की ओर से सभापति को श्री यादव और श्री अनवर की सदस्यता रद्द करने के लिए एक पत्र सौंपा गया था। ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि इस संबंध में फैसला जल्द ही ले लिया जायेगा लेकिन निर्णय देर से आया, दुरुस्त आया। उन्होंने कहा कि श्री यादव और श्री अनवर किसी तरह राज्यसभा का सदस्य बने रहने के लिए तरह-तरह का हथकंडा अपना कर तारीख पर तारीख बढ़वाते रहे। श्री सिंह ने कहा कि श्री अनवर ने उन पर आरोप लगाया था कि उनकी सदस्यता रद्द किये जाने से संबंधित फैसले की जानकारी उन्हें पहले ही हो गयी थी, जो गलत है। जिस समय राज्यसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता रद्द किये जाने का फैसला दिया था उस समय वह राजकोट में किसी अन्य दल के प्रचार में व्यस्त थे। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि ऐसे में उन्हें फैसले की जानकारी कहां से हो पाती। राज्यसभा सांसद ने कहा कि श्री यादव और श्री अनवर ने तो उसी दिन स्वेच्छा से दल को छोड़ दिया था, जब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की ओर से पटना में आयोजित रैली में वे शामिल हुए थे। दोनों नेताओं को स्वयं ही अपना इस्तीफा दे देना चाहिए था लेकिन दोनों किसी तरह लम्बे समय तक राज्यसभा का सदस्य बने रहना चाहते थे। इसके लिए वे कभी चुनाव आयोग तो कभी कुछ और प्रमाण जुटाने में लगे रहे।

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