शत-प्रतिशत बाढ़ पीड़ितों को सहायता राशि उपलब्ध करायें :मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को सीतामढ़ी, दरभंगा और कटिहार जिले में बाढ़ राहत शिविर और सामुदायिक रसोईघर का निरीक्षण कर पीड़ितों के लिए किये जा रहे राहत कायरे का जायजा लिया।मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर में टोल प्लाजा के निकट स्थित बाढ़ राहत शिविर और सामुदायिक रसोई घर का निरीक्षण करने के बाद निर्देश दिया कि जिन शिविरों में सात सौ से अधिक लोग रह रहे हों, वहां दो सामुदायिक रसोईघर चलाया जाये। उन्होंने भोजन बनाने के स्थान को भी देखा और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़ राहत शिविर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। स्वास्य शिविर के निरीक्षण के क्रम में उपलब्ध दवाओं एवं स्वास्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने बाढ़ राहत शिविर में रह रहे कई बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गौर से सुना। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि शत-प्रतिशत बाढ़ पीड़ितों को सहायता राशि उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने जिलाधिकारी से जिले में चलाये जा रहे राहत कायरे की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार एयर ड्रॉप द्वारा तीव्र गति से सुदूर एवं दुर्गम स्थानों पर राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाये। मुख्यमंत्री रून्नीसैदपुर में निरीक्षण के बाद दरभंगा जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मिर्जापुर स्थित बाढ़ राहत शिविर पहुंचे और वहां चलाये जा रहे बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर स्थित सामुदायिक रसोईघर का जायजा लिया और वहां तैयार किये जा रहे भोजन, खाद्य सामग्री एवं साफ-सफाई का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने शिविर के प्रभारी एवं रसोइयों से भोजन के मेन्यू की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने विद्यालय के अलग-अलग कमरों में शरण लेने वाले बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम पूछा। बाढ़ पीड़ितों ने उन्हें बताया कि खाना समय पर मिल रहा है और बीमार लोगों की चिकित्सा भी हो रही है। मुख्यमंत्री ने वरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार बाढ़ पीड़ितों के बीच सहायता का वितरण जारी रखा जाये और इसमें कोई कमी नहीं होनी चाहिये। नकद सहायता राशि का भुगतान सार्वजनिक वित्त प्रबंधन पण्राली (पीएफएमएस) द्वारा प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि इसमें और तेजी लायी जाये ताकि पीड़ितों को सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध हो सके। (पेज-9 भी देखें) मुख्यमंत्री दरभंगा जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मिर्जापुर स्थित बाढ़ राहत शिविर के निरीक्षण के बाद कटिहार जिले के कदवां प्रखंड स्थित दुखीराम उत्क्रमित मध्य विद्यालय चांदपुर पहुंचे। उन्होंने यहां सामुदायिक रसोईघर एवं चलंत चिकित्सा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने चलंत चिकित्सा केंद्र को आगे भी जारी रखने का निर्देश दिया।

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मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने प्रखंड क्षेत्र के चांदपुर मध्य विद्यालय में संचालित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान शिविर में संचालित मेडिकल कैम्प का भी निरीक्षण किया ।उन्हौने सामुदायिक किचन में भोजन कर रहें पीड़ितों से प्राप्त सुविधाओं के बारे में पूछताछ की तथा शिविर प्रभारी सहित अन्य पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ आपदा विभाग के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत,सांसद दुलालचन्द्र गोस्वामी, सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद, कदवा विधायक डा.शकील अहमद खान, बलरामपुर विधायक कॉ महबूब आलम, कोढा विधायक पूनम पासवान, आयुक्त एन शकीना डीआईजी राजेश कुमार त्रिपाठी ,जिला पदाधिकारी श्रीमति मति पूनम,एसपी विकास कुमार सहित जिले के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों तथा राजनीतिक दलों से बातचीत कर विभागीय पदाधिकारियों को कई निर्देश दिये।विधायक डा.शकील अहमद खान तथा महबूब आलम ने बाढ पीड़ित अपने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराते हुए तत्काल समाधान कराने की माँग की।विधानसभा में प्रत्याशी रहे डा.चन्द्रभूषण ठाकुर ने शिवगंज कटिंग और धुसमर पुल की समस्या रखी। वहीं कदवा और बलरामपुर विधायक ने जिला प्रशासन द्वारा बाढ पीड़ितों के बीच राहत नहीं बांटे जाने का मामला रखा। मुख्यमंत्री ने बाढ नियंतण्रविभाग मुख्य अभियंता को बांध पर शिवगंज के पास ब्रीज बनाने या फिर स्लूइस गेट निर्माण का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियो को आास्त किया किया कि सरकार बाढ पीड़ितों के साथ है।उन्हौने कहा कि बॉध बाधा रहने से भीतर के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है,जबकि खुला रहने से बाहर के लोगों को।उन्हौने बताया कि विभाग को निर्देश दिया गया है कि ऐसी व्यवस्था किया जाना चाहिए कि पानी भी निकल जाये लेकिन उससे दूसरा क्षेत्र भी प्रभावित नही हो।मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था।विभिन्न थानों की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में लगी थी। पीड़ितों तथा पंचायती राज प्रतिनिधियों को विद्यालय के मुख्यद्वार से अन्दर नहीं जाने दिये जाने को लेकर काफी आक्रोश देखा गया।पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि जिला प्रशासन अपने नाकामयाबी छिपाने के लिए पीड़ित तथा प्रतिनिधियों को उनसे मिलने नहीं दिया।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीतामढ़ी के बाढग्रस्त क्षेत्र के रुन्नीसैदपुर टॉल प्लाजा स्थित बाढ़ राहत केंद्र का जायजा लिया। उन्होंने राहत केंद्र स्थित सामुदायिक रसोई का निरीक्षण किया। निर्देश दिया कि जहाँ सात सौ लोग से ज्यादा हो तो वहां दो रसोई चलाये। मुख्यमंत्री ने खाना बनाने का स्थान को भी देखा और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। राहत केंद्र स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी मुख्यमंत्री द्वारा निरीक्षण किया गया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र स्थित बच्चों से भी बातचीत किया। स्वास्य शिविर के निरीक्षण के क्रम में उपलब्ध दवाओं एवं स्वास्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। बाद में उन्होंने राहत शिविर में रह रहे कई बाढ़ पीड़ितों से मिले एवं उनकी समस्याओं को जाना। गौरतलब हो कि रुन्नीसैदपुर टॉल प्लाजा स्थित बाढ़ राहत केंद्र में 825 लोग पंजीकृत है। राहत केंद्र स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में 69 बच्चे है। 7 दिव्यांग भी है। उन्होंने डीएम को निर्देश दिया कि शत प्रतिशत बाढ़ पीड़ितों को राहत राशि मिले, इसे हर हाल में सुनिश्चित करें। उन्होंने डीएम सहित वरीय पदाधिकारियों से जिले में चलाए जा रहे राहत कायरे की विस्तृत जानकारी लिया। उन्होंने अब तक जिले में चलाए जा रहे राहत कायरे पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर एयर ड्रॉप के द्वारा तीव्र गति से सुदूर एवं दुर्गम स्थानों पर राहत सामग्री उपलब्ध करवायें। इस अवसर पर सीतामढ़ी सांसद सुनील कुमार ¨पटू, विधान सभा सदस्या रंजू गीता, गायर्त्ी देवी, विधान परिषद सदस्य देवेश चंद्र ठाकुर, रामेश्वर महतो, जिला परिषद अध्यक्षा उमा देवी, पूर्व विधायक खलील अंसारी, जयनंदन प्रसाद यादव, मुख्य सचिव, बिहार सरकार दीपक प्रसाद, प्रधान सचिव, आपदा प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, चंचल कुमार, आईजी गणोश कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त तिरहुत, नर्मदेश्वर लाल, डीआईजी रविन्द्र कुमार, डीएम डॉ. रणजीत कुमार सिंह, एसपी अनिल कुमार सहित कई वरीय पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

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