विपक्ष के हंगामे के बीच सवर्ण आरक्षण बिल पारित, प्राइवेट स्कूल रेग्यूलेशन-2019 बिल पेश

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने बजट सत्र के छठे दिन जमकर हंगामा किया. राजद ने मुजफ्फरपुर बालिका आवास गृह यौन शोषण मामले को लेकर हंगामा किया. विपक्ष के हंगामे के कारण सभा की कार्यवाही करीब शुरू होने के पांच मिनट के अंदर ही स्थगित कर दी गयी. दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष एक बार फिर हंगामा करने लगे. हंगामा करते हुए विपक्षी सदस्य वेल तक पहुंच गये. वहीं, विपक्ष के भारी हंगामे के बीच विधायी कार्य निबटाये गये. विपक्ष के भारी हंगामे के बीच कई महत्वपूर्ण बिल सदन में पेश किये गये. प्राइवेट स्कूल रेग्यूलेशन बिल 2019 और आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण का बिल भी सदन में पेश किया गया.

बिहार विधानसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच सवर्ण आरक्षण बिल पारित कर दिया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सर्वसम्मति से बिल पारित होना चाहिए था. सवर्ण आरक्षण बिल पारित किये जाने के बाद अब शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में आरक्षण का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को मिल सकेगा.

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वहीं, निजी स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी में जुटी सरकार ने सदन में सोमवार को प्राइवेट स्कूल रेगुलेशन बिल 2019 पेश कर दिया है. बिल के पास हो जाने पर निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी. अब निजी स्कूल मनमाने ढंग से ना तो फीस बढ़ा पायेंगे और ना ही किताब-कॉपियों के नाम पर लूट की जा सकेगी. साथ ही नामांकन के नाम पर मोटी रकम की वसूली पर भी अंकुश लगेगा. शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा के मुताबिक, निजी स्कूल अब अधिकतम सात फीसदी ही फीस की वृद्धि कर पायेंगे. नये कानून के पास होने से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी. साथ ही बिल में प्रावधान किया गया है कि अगर कोई स्कूल प्रशासन नियमों को उल्लंघन करता है, तो सरकार उस स्कूल का निबंधन भी रद्द कर सकती है.

इससे पहले बिहार विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन विपक्षी दलों ने सदन के बाहर और अंदर दोनों जगह हंगामा करते हुए नारेबाजी की. वाम दल के सदस्य जहां धान खरीदारी में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग कर रहे थे, वहीं राजद ने मुजफ्फरपुर बालिका आवास गृह यौन शोषण मामले को लेकर हंगामा किया. विपक्ष के हंगामे के कारण सभा की कार्यवाही करीब शुरू होने के पांच मिनट के अंदर ही स्थगित कर दी गयी.

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राजद के भाई विरेंद्र, ललित यादव और आलोक कुमार मेहता ने कहा कि पोक्सो अधिनियम की विशेष अदालत ने मुजफ्फरपुर बालिका आवास गृह यौन शोषण मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ संज्ञान लिया है. इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राजद सदस्य हंगामा करने लगे.

इस पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने हंगामा कर रहे सदस्यों से पूछा कि क्या अदालत का ऐसा कोई आदेश है क्या? उन्होंने कहा कि किसी आरोपित द्वारा अदालत में आवेदन देने पर अदालत द्वारा अग्रसारित किये जाने को संज्ञान लेना नहीं कहा जाता. इसके बाद राजद सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में आ गये. भारी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही दो बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी.

सभा स्थगित होने के बाद विपक्षी दलों के सदस्य कर्पूरी ठाकुर की आदमकद प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गये. मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर वे नारे लगाने लगे. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा है कि बालिका गृह मामले की जांच निष्पक्ष हो. सरकार पूरी निष्पक्षता से जांच करे. उन्होंने कहा है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में मुख्यमंत्री का नाम जांच में आने पर कथित नैतिकताधारी मुख्यमंत्री को अविलंब इस्तीफा देना चाहिए. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पर मामले में हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया है.

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