विधानमंडल का सत्र आज से, हंगामेदार होने के आसार

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ग्यारह फरवरी से शुरू होने जा रहे विधानमंडल का सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं। हालांकि सत्र के पहले दिन विधानमंडल के नये भवन में राज्यपाल संयुक्त सदन को संबोधित करेंगे। साथ ही आर्थिक सव्रेक्षण भी प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य सरकार की तैयारी के बीच विपक्षी दलों ने एनडीए सरकार पर धावा बोलने की रणनीति तैयार की है। कानून व्यवस्था, सृजन घोटाले समेत कई मामलों पर सरकार को घेरने की तैयारी है। भाकपा माले विधायक दल ने 11 फरवरी से आरंभ हो रहे विधानसभा सत्र में विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। माले विधायक दल के नेता महबूब आलम, दरौली विधायक सत्यदेव राम और तरारी विधायक सुदामा प्रसाद ने आज इस संदर्भ में बैठक आयोजित की। माले विधायक दल ने कहा है कि अररिया में मॉब लिंचिंग, राज्य में बढ़ती अपराध की घटनाओं, महिलाओं की सुरक्षा, विगत एक महीने से जारी रसोइया संगठनों की हड़ताल, धान खरीद की गारंटी, गरीबों को जबरन उजाड़ने, स्कीम वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, सिकमी बटाईदारों को पुतैनी अधिकार, समान शिक्षा पण्राली लागू करने आदि सवालों पर सरकार को घेरा जाएगा। बिहार में पूरी तरह भाजपा का शासन चल रहा है। मॉब लिंचिंग की घटनाएं आम होती जा रही हैं जो दिखलाती हैं कि भाजपा-आरएसएस बिहार में सांप्रदायिक उन्माद की गहरी साजिश रच रही है और इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी साध रखी है। आशाकर्मियों की हड़ताल के बाद विगत सात जनवरी से रसोइया संगठनों की हड़ताल चल रही है, लेकिन इसके प्रति सरकार उदासीन रवैया अपनाए हुए है। रसोइयों की मांगें पूरी करने के सवाल को विधानसभा के अंदर उठाया जाएगा।इसी बीच उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 11 फरवरी से प्रारंभ होने वाले विधान मंडल के बजट सत्र को सफल बनाने की कोशिश सबको करनी चाहिए। सदन में जनता से जुड़े मुद्दे उठाने से कभी नहीं रोका जाता। सरकार हर सवाल का उत्तर देने के लिए तैयार रहेगी, लेकिन सवाल करने वालों को सदन की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। राज्यपाल का अभिभाषण, बजट भाषण व विभिन्न विधेयकों पर र्चचा तथा प्रश्नों का उत्तर सुनने के लिए विपक्ष यदि धैर्य रखेगा तो बजट सत्र काफी उपयोगी सिद्ध होगा।

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