विधानमंडल का मानसून सत्र आज शोक प्रकाश के बाद सोमवार तक स्थगित , विपक्ष ने किया प्रदर्शन , नही पहुचे तेजस्वी

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बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई।उसके बाद कुछ महत्वपूर्ण कामकाज के बाद भूतपूर्व विधायकों के निधन पर शोक जताया गया। साथ हीं मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मासूमों की मौत, लू से दक्षिण बिहार में सैकड़ों लोगों की जान जाने को लेकर सदन में एक मिनट का मौन रखकर मृत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सदन को सोमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी ने सदन को बताया कि हमारे कई पूर्व सदस्यों का निधन हो गया है। वे हैं-स्व. रामलाल सिंह, स्व. संजय कुमार, स्व अंबिका प्रसाद, रमानिका गुप्ता, यमुना राम, महेश पासवान, महेन्द्र बैठा, नीता चौधरी। सभी सदस्यों ने इन पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक जताया।

पटना: बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र का आगाज हो गया है. सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की. मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से हुई मौतों के खिलाफ विपक्षी विधायकों ने विधानसभा के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. CPIML के तीनों विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को बर्खास्त करने, चमकी बुखार को बिहार का आपदा घोषित करने, मृतक बच्चों के परिजनों को 10–10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांगों के साथ विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया।

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ढते रह गए मीडिया के कैमरे लेकिन नहीं पहुंचे तेजस्वी यादव
सत्र में सभी की निगाहें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की तरफ थी लेकिन वो नहीं पहुंच सके. सदन की कार्यवाही में भाग लेने सीएम नीतीश कुमार, पूर्व सीएम राबड़ी देवी भी पहुंची लेकिन तेजस्वी यादव नहीं पहुंच सके. बिहार विधानसभा का शुक्रवार से मानसून सत्र शुरू हुआ तो सबकी नजरें तेजस्वी यादव पर थी कि वह सदन की कार्यवाही में भाग लेने के लिए आते है कि नहीं। लेकिन जब सत्र शुरू हुआ तो तेजस्वी नहीं पहुंचे। बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद से तेजस्वी यादव कहां गए है वह किसी को पता नहीं है।

इस सत्र में होंगे शामिल

राजद विधायक भाई विरेंद्र ने कहा कि आज तेजस्वी आएंगे या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन मानसून सत्र में वह जरूर शामिल होंगे। वही, वीरेंद्र ने कहा कि धारा 370 से कोई समझौता नहीं होगा। जदयू यदि इसका विरोध करती है तो अच्छा है।

इस कड़ी में शुक्रवार से शुरू हुए बिहार विधानमंडल के सत्र से भी तेजस्वी यादव नदारद दिख रहे हैं. सत्र के पहले दिन पत्रकारों ने तेजस्वी यादव को लेकर सवाल पूछे तो उनकी मां और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी झल्ला उठीं. इस दौरान मीडिया ने जब राबड़ी से पूछा, ‘मैडम तेजस्वी कहां हैं’. तो इस सवाल पर राबड़ी का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने मीडिया के लोगों को कहा कि तेजस्वी आपके ही घर में हैं.

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तेजस्वी के गायब होने के बहाने सत्ता पक्ष ने विपक्ष को घेरा

करारी हार के बाद तेजस्वी यादव ने पूरी तरह से मैदान छोड़ दिया है। उनके विधायक सदन में तो पहुंचे लेकिन बिना सेनापति के। अपने सेनापति के गायब रहने से राजद बचाव की मुद्रा में है। उनके नेता कहां हैं? पार्टी इसका जवाब देने में सक्षम नहीं हो पा रही है। विधायक यह नहीं बता रहे कि उनके नेता कहां हैं और कब आ रहे हैं।

 

बिहार विधानमंडल के शुक्रवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में कानून व्यवस्था और मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से बच्चों की मौत समेत अन्य मुद्दों को लेकर हंगामे के आसार हैं ।बिहार विधानसभा और विधान परिषद में एक और जहां विपक्ष सरकार को विधि व्यवस्था और चमकी बुखार से लगभग 150 बच्चों की मौत का मुद्दा जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है, वहीं सरकार भी विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार है । विधानमंडल का मानसून सत्र 26 जुलाई तक चलेगा और इस दौरान वर्ष 2019-20 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट तथा ततसंबंधी विनियोग विधेयक पर र्चचा कर उसे पारित कराया जाएगा । इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में लाया जाना है। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारून रशीद ने कहा कि मानसून सा के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है तथा उन्हें उम्मीद है कि सदन को चलाने में सभी सदस्य सहयोग करेंगे । उन्होंने कहा कि मॉनसून सा में कई महत्वपूर्ण कार्य निपटाए जाने हैं और इसमें सभी सदस्यों से सहयोग की अपेक्षा है । राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधान परिषद के सदस्य रामचंद्र पूव्रे ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में गिरती विधि व्यवस्था और चमकी बुखार से लगभग डेढ़ सौ बच्चों की हुई मौत का मामला सदन में पुरजोर तरीके से उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चमकी बुखार के रोकथाम और इलाज की व्यवस्था करने में विफल रही है। वहीं संसदीय कार्य मंी श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है । उन्होंने कहा कि विपक्ष नियम एवं प्रावधान के तहत किसी मुद्दे को उठाएगा तो सरकार उनके सवालों का निश्चित रूप से जवाब देगी।

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