वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इकॉनमी को पटरी पर लाने के लिए आज कई बड़े ऐलान कर सकती हैं

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आर्थिक सुस्ती को लेकर पिछले कुछ दिनों से आलोचना का सामना कर रही केंद्र सरकार अब कमर कसती दिखाई दे रही है. अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए मोदी सरकार एक बार फिर कई अहम घोषणा कर सकती है. नेशनल मीडिया सेंटर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज कई अहम घोषणा का ऐलान कर सकती हैं.

आर्थिक मंदी को लेकर चिंता के बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सरकार के कुछ महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगी. सीतारमण की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस दोपहर 2.30 बजे दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर में होगी. पीआईबी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर यह घोषणा की है. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस का विषय यही बताया गया है कि वो “सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा करेंगी.”

बता दें कि इससे पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटो सेक्टर में आई मंदी के पीछे ओला और उबर को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था कि आज युवा गाड़ी खरीदने की बजाय टैक्सी सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए ऑटो सेक्टर में नरमी आई है. चेन्नई में वित्तमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये बात कही थी.

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ऑटोमोबाइल सेक्टर संबंधित रिपोर्ट गाड़ियों के उत्पादन, बिक्री और निर्यात पर नजर रखने वाली संस्था सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटो मैनुफैक्चरर्स (सियाम) के मुताबिक सभी पैसेंजर वाहनों की बिक्री अगस्त महीने में 31.57 फीसदी की गिरावट आई है जिसमें पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट कारों की बिक्री में 41.09 फीसदी की गिरावट हुई है.

आर्थिक वृद्धि दर घटकर पांच फीसदी हुई
बता दें कि देश की आर्थिक वृद्धि दर (जीडीपी ग्रोथ रेट) 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में घटकर पांच फीसदी रह गयी. यह पिछले छह साल से ज्यादा वक्त में न्यूनतम स्तर है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट और कृषि उत्पादन की सुस्ती से जीडीपी वृद्धि में यह गिरावट आई है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी है.

गौरतलब है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार ने जिस तरह से नोटबंदी की और जीएसटी जैसी नीतियों को लाने का काम किया है उसके कारण ही अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है. उन्होंने कहा कि सरकार यह तक स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि देश की अर्थव्यवस्था संकट में घिर गई है. पूर्व प्रधानमंत्री ने सरकार से कहा है कि वह अखबारों की सुर्खियों से बाहर निकलकर आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए.

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मनमोहन सिंह ने सलाह देते हुए कहा है कि जीएसटी को तर्कसंगत करना होगा, भले ही थोड़े समय के लिए टैक्स का नुकसान हो. ग्रामीण खपत बढ़ाने और कृषि को पुनर्जीवित करने के लिए नए तरीके खोजने होंगे. कांग्रेस के घोषणा-पत्र में ठोस विकल्प हैं, जिसमें कृषि बाजारों को फ्री करके लोगों के पास पैसा लौट सकता है.

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