विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

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 कैमूर पहाड़ी की गोद में बसे वनवासियों और पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए रोहतासगढ़ किला और मुंडेश्वरी धाम को रोप-वे से जोड़ा जायेगा। रोप-वे बनाने के लिए वन प्रमंडल व पर्यटन विभाग को जिम्मेवारी दी गयी है। यह घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कैमूर पहाड़ी पर बसे रेहल गांव में आयोजित कार्यक्रम ‘‘चौपाल’ में की। इस मौके पर उन्होंने कई विकास योजनाओं का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों की तरह पहाड़ी क्षेत्रों में भी विकास की धारा बहेगी। विकास के लिए मैं कोई कसर नहीं छोडूंगा। इस क्षेत्र में रहने वाले वनवासियों को पेयजल और बिजली समेत कई अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका शुभारंभ रेहल गांव से कर दिया गया है।

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उन्होंने कहा कि रेहल गांव में आजादी के बाद पहली बार सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) से विद्युत आपूत्तर्ि की जा रही है। अब पेयजल और मिड डे मील भी सोलर एनर्जी से संचालित होंगे। सोलर एनर्जी के अलावा ग्रिड के जरिये भी पहाड़ी क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले भी मैं रोहतास गढ़ आया था। उस समय मनु महराज यहां के पुलिस अधीक्षक थे। उन्होंने हमें बताया था कि नक्सलग्रस्त इस पहाड़ी क्षेत्र में आजादी के बाद से अब तक किसी भी मुख्यमंत्री ने दौरा नहीं किया। आप बिहार के पहले सीएम हैं, जिन्होंने इस क्षेत्रों का दौरा किया है। हमें यह बात सुनकर अजीब लगा और उसी वक्त हमने फैसला किया कि एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों का दौरा हम करेंगे। उसी उद्देश्य से फिर इस गांव में आया हूं। यहां आने के बाद विकास कायरे को देखकर हमें अत्यंत खुशी हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैमूर पहाड़ी पर बसे लगभग तीस हजार वनवासी अब विकास कायरे और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहेंगे। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की तरह आप सभी वनवासियों का भी विकास योजनाओं पर हक है। उन्होंने कहा कि पहले पहाड़ी क्षेत्रों के लोग अपने घरों में रोशनी के लिए दीया व ढिबरी का इस्तमाल करते थे, लेकिन अब इससे छुटकारा मिलेगा। पहाड़ी क्षेत्र के प्रत्येक गांव बिजली से रोशन होंगे। और इसकी शुरुआत इस गांव से कर दी गयी है। सौर ऊर्जा के दो पावर प्वाईंट का आज उद्घाटन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सौर उर्जा से मिलने वाली बिजली बरसात दिनों के समाप्त हो जाने की सम्भवना रहती है। इसके लिए भी तैयारी की गयी है। सौर उर्जा के साथ-साथ पावर ग्रिड का भी निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, प्रभारी मंत्री प्रेम कुमार, करगहर विधायक वशिष्ठ सिंह, चेनारी विधायक ललन पासवान, जदयू जिला अध्यक्ष नागेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पार्षद महेन्द्र पासवान और पूर्व विधायक श्याम बिहारी राम सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।

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नक्सली लगाते थे जन अदालत, सीएम लगाए चौपाल

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रेहल में कभी नक्सलियों द्वारा जन अदालत लगाई जाती थी। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यहां विकास की अदालत हैं। महज एक दशक में स्थितियां बदली, लोगों में पुलिस-प्रशासन के प्रति विश्वास पैदा हुआ। आज नक्सली यहां से भाग खड़े हुए। अधिकारी बिना डर भय के यहां आसानी से आ जा रहे हैं। रेहल में शुक्रवार को मुख्यमंत्री के चौपाल कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों के मुंह से यह बात बरबस निकल पड़ी। स्थानीय मुखिया श्याम नारायण उरांव ने कहा कि 2012 से पूर्व रेहल गांव में नक्सलियों के द्वारा अदालत लगाकर फैसला किया जाता था। उनकी बात नहीं मानने पर लाठी-डंडे बरसाए जाते थे। लोग थाना में अपनी शिकायत तक दर्ज नहीं कराते थे। आज यहां मुख्यमंत्री द्वारा विकास कि अदालत लगाई गई। जिसके माध्यम से बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं पूर्व मुखिया चंद्रादीप उरांव, सलीका बीबी, रघुनाथ सेठ समेत अन्य लोगों ने कहा कि आज से पूर्व हमलोग अपने आप को समाज से अलग महसूस कर रहे थे। किन्तु अब हमलोग के बीच सूबे के मुखिया ही आ गए हैं। पेयजल यातायात,शिक्षा चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधा भी धीरे धीरे उपलब्ध हो रही है। मुख्य मंत्री ने आश्वस्त भी किया कि अब जब हम आ गए हैं, तो पहाड़ी गांव का विकास होगा ही न। पहाड़ी गांव का विकास निश्चित होगा। कैमूर पहाड़ी के ऊपर शैलाश्रयों के साथ-साथ रोहतास गढ़ किला, गुप्ता धाम, रोहितेश्वर धाम, ताराचंडी धाम को धार्मिक व पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

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मांदर की थाप पर वनवासियों ने किया सीएम का स्वागत

सीएम के स्वागत में रेहलवासी भी कोई कोर कसर नहीं छोड़े। शुक्रवार को जैसे ही मुख्यमंत्री हेलीपैड से उतर विशेष गाड़ी से गांव में पहुंचे, रेहलवासी परंपरागत तरीके से उनका स्वागत किया। मांदर की थाप पर गांव की पुरुष व महिला आदिवासी नृत्य प्रस्तुत कर उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया। इसके अलावा आरती उतार व माला भेंट की गई। साथ ही उनके स्वागत में पुलिस संवाद कक्ष से ले कार्यक्रम स्थल तक स्वच्छता ध्वज व दीप रखे गए थे। जहां मुख्यमंत्री ने स्वच्छता दीप जला राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को अनवरत जारी रखने का आह्वान किया।कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह का समापन अगले कुछ दिनों में होने वाला है। उन्होंने जो स्वच्छ भारत का जो सपना देखा था, उसे पूरा करने का दायित्व हम सब पर है। गंदगी रहने से कई तरह की बीमारियां फैलती हैं।

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