लोकतंत्र में वादाखिलाफी से बड़ा कोई जुर्म नहीं : शरद यादव

0
11

जनता के विास को तोड़ने वालों को इतिहास कभी माफ नहीं करता। लोकतंत्र में जनता मालिक होती है। अत: जनता के विास को तोड़ने वाले को यदि लोकतंत्र का सबसे बड़ा गुनाहगार कहा जाय, तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। उक्त बातें स्थानीय मवेशी हाट के समीप लोक संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने कही। उन्होंने कहा कि जहां भाजपा पूरे देश में सरकार बनाने में सफल हो रही थी वहीं हमने आरजेडी के साथ महागठबंधन कर भाजपा के विजय रथ को बिहार में रोका। परन्तु वोट लेने के बाद महागठबंधन को ठेंगा दिखाते हुए हमारे कुछ नेता उस पार्टी के साथ मिल गये, जिसके विरोध में बिहार की जनता ने वोट दिया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वादाखिलाफी से बड़ा कोई जुर्म नहीं होता। अत: जनता के विास को तोड़ने वाले विासघाती नेताओं को सबक सिखाना ही होगा। अन्यथा लोकतंत्र को बचा पाना मुश्किल हो जायेगा। उन्होंने बिहार में महागठबंधन को जारी रहने की बात बतलाते हुए कहा कि यह लड़ाई उसूलों की है तथा जब तक मेरे शरीर में सांस रहेगी मैं इस लड़ाई को जारी रखूंगा। कार्यक्रम को बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रमई राम, पूर्व सांसद अजरुन राय, वनवारी यादव, मो. यूसुफ आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन योगेन्द्र यादव ने किया। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार व कवि गौरी प्रसाद ने किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here