लालू और रामविलास के बिना सूना है पांचवां चरण

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बिहार में पांचवें चरण में छह मई को पांच संसदीय सीटों सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण और हाजीपुर (सु.) में होने वाला मतदान कई मायने में खास है। इन क्षेत्रों में 1974 के छात्र आंदोलन के बाद 1977 में हुए आम चुनाव से लेकर 2014 तक हुए चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान और समाजवादी नेता से कट्टर भाजपाई बने हुकुमदेव नारायण यादव की धमक दिखती थी, लेकिन 2019 में हो रहे आम चुनाव में इन तीनों के बिना मैदान पूरी तरह सूना-सूना नजर आ रहा है। लालू प्रसाद जेल में होने के कारण इस बार न चुनाव लड़ रहे हैं और न ही चुनाव प्रचार कर करे हैं। जबकि केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान और पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकुमदेव नारायण यादव चुनाव नहीं लड़े रहे हैं पर वे अपने-अपने परिजनों के लिए चुनाव प्रचार जरूर कर रहे हैं।1974 के छात्र आंदोलन के बाद 1977 में हुए आम चुनाव में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद सारण से, रालोसपा सुप्रीमो रामविलास पासवान हाजीपुर (सु.) से और हुकुमदेव नारायण यादव मधुबनी संसदीय सीट से जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंचे थे, लेकिन इस बार के चुनाव में ये तीनों मैदान से बाहर हैं। लालू प्रसाद की परंपरागत सीट सारण से जहां राजद से लालू प्रसाद के समधी चंद्रिका राय मैदान में हैं तो रामविलास पासवान की परंपरागत सीट हाजीपुर (सु.) से उनके भाई व बिहार सरकार के मंत्री पशुपति कुमार पारस लोजपा के टिकट पर मैदान में उतरे हैं। मधुबनी संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी ने निवर्तमान सांसद हुकुमदेव नारायण यादव का टिकट काटकर उनके पुत्र व पूर्व विधायक अशोक कुमार यादव को मैदान में उतारा है।सीतामढ़ी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में राजद के अजरुन राय, जदयू के सुनील कुमार पिन्टू सहित 20 उम्मीदवार चुनावी दंगल में हैं। मुख्य मुकाबला रहां राजद और जदयू उम्मीदवार के बीच है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में यहां रालोसपा के रामकुमार शर्मा ने जीत दर्ज की थी, लेकिन वे मैदान में नहीं हैं। मधुबनी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के अशोक कुमार यादव, विकासशील इंसान पार्टी के बद्री कुमार पूव्रे सहित 17 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. शकील अहमद ने कांग्रेस से बगावत करते हुए निर्दलीय दावेदारी पेश कर दी है। डॉ. अहमद को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी समर्थन दिया है। मधुबनी में लड़ाई त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गयी है। 2014 में हुए आम चुनाव में मधुबनी से भाजपा के हुकुमदेव नारायण यादव ने जीत दर्ज की थी। मुजफ्फरपुर संसदीय सीट से भाजपा के अजय निषाद, विकासशील इंसान पार्टी के राजभूषण चौधरी सहित 22 उम्मीदवार मैदान में खम ठोक रहे हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा के अजय निषाद और विकासशील इंसान पार्टी के राजभूषण चौधरी के बीच ही माना जा रहा है। 2014 में हुए आम चुनाव में मुजफ्फरपुर से भाजपा के अजय निषाद ने जीत दर्ज की थी। सारण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से राजद के चंद्रिका राय, भाजपा के राजीव प्रताप रूडी सहित 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला राजद के चंद्रिका राय और भाजपा के राजीव प्रताप रूड्डी के बीच ही माना जा रहा है। 2014 में हुए आम चुनाव में सारण से भाजपा के राजीव प्रताप रूडी राजद की राबड़ी देवी को हराकर लोकसभा पंहुचे थे। हाजीपुर (सु.) लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से बिहार सरकार के मंत्री व लोक जनशक्ति पार्टी के पशुपति कुमार पारस, राजद के शिवचंद्र राम सहित 11 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। यहां मुख्य मुकाबला राजद के शिवचंद्र राम और लोजपा के पशुपति कुमार पारस के बीच ही माना जा रहा है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में हाजीपुर से लोजपा के रामविलास पासवान ने जीत दर्ज की थी।

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