लंबित योजनाओं को लेकर पीएम से मिलेंगे मुख्यमंत्री

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में विकास को गति देने के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी से मिलेंगे। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को लेकर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने सभी विभागों को वर्तमान में केन्द्र सरकार के पास राज्य के लंबित महत्वपूर्ण मुद्दों को उपलब्ध कराने को कहा है।हाल में ही हुई विभागीय कायरे की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आयी है कि केन्द्र प्रायोजित स्कीम अंतर्गत वर्ष 2017-18 में मूल उद्व्यय/बजट उपबंध 31654.68 करोड़ के विरुद्ध केंद्र सरकार से 13 सितम्बर तक 6247 करोड़ रुपये ही विमुक्त हुआ है जो बजट उपबंध का 19.73 प्रतिशत है। विगत वर्ष इस अवधि तक केंद्र सरकार से 693.15 करोड़ रुपये विमुक्त हुआ था। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का करीब चौदह सौ करोड़ विमुक्त नहीं होने से सड़क निर्माण का कार्य प्रभावित है। अब तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में 8.14 प्रतिशत राशि प्राप्त हुई है। जल संसाधन विभाग को केन्द्रीय योजनाओं के लिए कोई राशि अभी तक नहीं मिली है जबकि उपयोगिता प्रमाण पत्र सहित राशि विमुक्ति का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। कृषि विभाग के लिए केन्द्र प्रायोजित स्कीम के तहत केन्द्रांश में बजट उपबंध 528.90 करोड़ के विरुद्ध 55.76 करोड़ प्राप्त हुआ है। इसी तरह ग्रामीण विकास विभाग के लिए केन्द्रांश के बजट उपबंध 6242.80 करोड़ के विरुद्ध 1298.59 करोड़ राशि केन्द्र सरकार द्वारा विमुक्त कर दी गयी है। उल्लेखनीय है कि राज्य केन्द्रीय योजनाओं के खर्च में आगे है जबकि राज्य योजनओं के खर्च में फिसड्डी साबित हो रहा है। कई केन्द्रीय योजनाओं की राशि राज्य सरकार तक नहीं पहुंचने के कारण केन्द्रीय योजनायें लंबित पड़ी हुई हैं। राज्य सरकार विमुक्त केन्द्रीय योजनाओं की राशि 5772.07 करोड़ का 93.38 प्रतिशत खर्च कर चुकी है। इसके ठीक उलट राज्य योजना में कई विभाग अभी सरक रहे हैं। राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और विभागों को गति तेज करने का निर्देश दिया है। अगस्त तक व्यय का लक्ष्य 40 प्रतिशत पार करने वाले विभागों में पथ निर्माण विभाग (43.10 प्रतिशत), लोक स्वास्य अभियंतण्रविभाग (57.87 प्रतिशत) तथा योजना एवं विकास विभाग (40.70 प्रतिशत) शामिल है।यह बात भी सामने आयी है कि अगस्त तक वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य स्कीम के अंतर्गत राज्य स्कीमों का कुल स्वीकृत उदव्यय 80891.61 करोड़ रुपये तथा अतिरिक्त उदव्यय के साथ कुल उदव्यय 85945.17 करोड़ के विरूद्ध 21993.12 करोड़ व्यय हुआ है। जो मूल उद्व्यय का 27.18 प्रतिशत तथा अतिरिक्त उद्व्यय के साथ कुल उद्व्यय का 25.59 प्रतिशत है। शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 में कुल उद्व्यय 11677.92 करोड़ के विरूद्ध 4192.79 करोड़ का व्यय हुआ है। जो करीब 35.90 प्रतिशत है। समाज कल्याण विभाग द्वारा कुल उदव्यय 7619.35 करोड़ के विरूद्ध अद्यतन व्यय 1729.95 करोड़ हुआ है जो करीब 22.70 प्रतिशत है। ऊर्जा विभाग अभी तक 34.33 प्रतिशत राशि खर्च कर पायी है। जबकि पंचायती राज विभाग मात्र दो प्रतिशत ही राशि खर्च कर पायी है। इस विभाग के कुल उदव्यय 2589.21 करोड़ के विरुद्ध व्यय मात्र 51.78 करोड़ है। राशि स्वीकृत करने में कृषि विभाग अव्वल रहा है उसने 60 प्रतिशत राशि खर्च करने की स्वीकृति दे दी है। विभाग के कुल उदव्यय 2402.76 करोड़ के विरूद्ध स्वीकृति 1438.86 करोड़ हुई है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में अधिकतर स्कीमें छात्रवृत्ति से संबधित है जिनकी स्वीकृति दे दी गयी है। अभी तक स्वीकृति की स्थिति 71 प्रतिशत है।

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