रालोसपा विधायक दल का जनता दल यू में विलय

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लोकसभा चुनाव समाप्त होने के साथ ही अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के विसात बिछने शुरू हो गये हैं। राष्ट्रवादी लोक समता पार्टी (रालोसपा) विधानमंडल दल का सत्ताधारी जदयू में विलय हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने रालोसपा विधायक दल को जदयू में विलय की स्वीकृति दे दी है। विधायक ललन पासवान, विधायक सुधांशु शेखर और विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से अलग होकर राष्ट्रवादी लोक समता पार्टी बना ली थी, जिसे भारत निर्वाचन आयोग ने मंजूरी भी दे दी है।रालोसपा के विधायक ललन पासवान और सुधांशु शेखर के अलावा विधान परिषद सदस्य संजीव श्याम सिंह रविवार को विधिवत जदयू के सदस्य हो गये। दोनों विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी को जदयू में विलय करने का आवेदन दिया था। वहीं विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह ने बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारूण रशीद को आवेदन देकर जदयू में विलय करने की मांग की थी। इन विधायकों ने 24 मई को जदयू में अपने गुट के विलय की अर्जी दी थी। मालूम हो कि उपेंद्र कुशवाहा और डॉ. अरुण कुमार के बीच जब खटपट हुआ था तो ये विधायक अरुण कुमार के साथ चले गये थे। जब डॉ.अरुण कुमार एनडीए पर हमलावर हुए तो इन लोगों ने उनका भी साथ छोड़कर अपना गुट बना लिया था। इस गुट को चुनाव आयोग ने भी राज्य स्तरीय दल की मान्यता दी थी। आज इसी गुट का जदयू में विलय हो गया। अब ये तीनों सदन के भीतर जदयू सदस्य की हैसियत से बैठेंगे। इसके साथ ही विधान मंडल के दोनों सदनों में रालोसपा का कोई नामलेवा नहीं बचा है। ललन पासवान चेनारी तथा सुधांशु शेखर हरलाखी के विधायक हैं। इन दोनों के शामिल होने के साथ विधानसभा में जदयू विधायकों की संख्या 72 हो गई है। 2014 के लोकसभा चुनाव में तीन सीटों पर जीत हासिल कर सौ फीसदी कामयाबी हासिल करने वाला राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का 17वीं लोकसभा में खाता नहीं खुल पाया। इसके अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा उजियारपुर और काराकाट से चुनाव लड़े थे। दोनों सीटों पर इनकी हार हुई। पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण तथा जमुई में भी रालोसपा उम्मीदवार की हार हो गई। अलग गुट बनाकर लड़ रहे डा. अरुण कुमार जहानाबाद में अपनी जमानत गंवा बैठे, जबकि 2014 में सीतामढ़ी से लोकसभा का चुनाव जीते राम कुमार शर्मा चुनाव ही नहीं लड़े। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक सुधांशु शेखर ने बताया कि हमने संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष सह मंत्री श्रवण कुमार व विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारूण रशीद और विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी से मिलकर विलय का पत्र सौंपा है। उन्होंने यह भी कहा कि हम सभी बिहार के बेहतर विकास को लेकर प्रतिबद्ध हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास को लेकर अपनी सहभागिता देंगे। उन्होंने कहा कि रालोसपा (ललन पासवान गुट) का जदयू में विलय हो गया है।

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