राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा समीक्षा याचिका ऐतिहासिक फैसला है :शरद यादव

0
74

राजद नेता शरद यादव ने राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा समीक्षा याचिका स्वीकार करने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राफेल मामले में एक ऐतिहासिक फैसला है। जब 14 दिसम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने यह कह दिया था कि मोदी सरकार के राफेल जेट फाइटर निर्णय लेने की प्रक्रिया में कोई संदेह नहीं किया जा सकता है तब से अब तक न केवल प्रधानमंत्री बल्कि बीजेपी के और नेता अपनी पीठ थपथपा रहे थे कि उनकी की हुई अनियमितताओं पर सुप्रीम कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी है। मगर कल जो सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है वह सराहनीय है कि उसनें सरकार की दी हुई दलीलों से इत्तेफाक नहीं रखा जिसमें से मुख्य यह थी कि पीआईएल रक्षा मंत्रालय से चुराय हुए दस्तावेजों पर आधारित है जो आफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत स्वीकार्य नहीं है। मगर कोर्ट ने यह कहते हुए कि आरटीआई एक्ट 2005 के तहत इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करने में कोई मनाही नहीं है। श्री यादव ने कहा कि इस सरकार ने 2014 से ही देश को राफेल फाइटर जेट खरीदी में गुमराह करना शुरू कर दिया था। 2014 में अरुण जेटली जी ने कहा था कि 126 में से 18 जहाज 3-4 साल में आ जायेंगे और बाकी के 108 जहाज अगले सात साल में जैसा कि फ्रांस की कंपनी क्ेंनसज के बीच करार है। 2015 में इनका विदेश मंत्रालय कहता है कि बातचीत चल रही है मगर उसके दो दिन में एक नई खबर आती है और घोषणा की जाती है कि डील 126 की जगह 36 जहाज की है। इसी तरह से 2014 से आज तक मोदी सरकार ने कई बार अपने बयानों को बदला है। इस सरकार ने राफेल डील में धांधली की है जो कि अब साबित हो सकता है। क्योंकि अब तक तो ये सच्चाई देश के सामने रख ही नहीं रहे हैं। इन्होंने 126 से 36 जहाज खरीदने का निर्णय लिया और देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया। यूपीए के समय जिस जेट को 526 करोड़ रपए में लेना तय किया गया था उसे 1600 करोड़ रपए में इस सरकार ने लिया। यह सत्य है कि इस डील को एक तरफ पीएमओ देख रहा था और दूसरी तरफ दिखावे के लिए रक्षा मंत्रालय में एक प्रोक्योरमेंट कमिटी इसके बारे में बातचीत करती थी जो कि रक्षा मंत्रालयके अफसरों ने इस बात को कहा है और यह फाइलों में लिखा है। इससे 100 प्रतिशत जाहिर होता की इस राफेल सौदे में धांधली हुई है। इस राफेल सौदे से देश में हडकंप मचा है। चाहे वह सीएजी हो उसने अपनी रिपोर्ट सही नहीं दी हैऔर सीबीआई के निदेशक जिनको रातों रात बदला गया क्योंकि उनकी मेज पर राफेल सौदे की फाइल आ गयी थी जिसके ऊपर वह सही जाँच शुरू कर सकते थे।देश में जो बीजेपी वालों ने भ्रष्टाचार मुक्त देश का भ्रम फैला रखा है उसका भंडाफोड़ इस राफेल सौदे की जाँच से होना चाहिए और होगा। अब इस सरकार के वायदों, योजनाओं और निर्णयों की पोल खुल रही है और यह देश की राजनीती में एक नई दिशा तय करेगी।

यह भी पढ़े  सावन की दूसरी सोमवारी आज

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here