राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (तेलहन) योजना के कार्यान्वयन की स्वीकृति प्रदान : डॉ. प्रेम कुमार

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राज्य के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (तेलहन) योजना के कार्यान्वयन की स्वीकृति प्रदान की गई है। चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में इस योजना के संचालन हेतु 1236.10 लाख रुपये व्यय किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में इस योजना के कार्यान्वयन का मुख्य उद्देश्य कृषि विकास में तेलहनी फसल का उत्पादन तथा उत्पादकता में वृद्धि लाना है। कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में इस योजना के तहत प्रमाणित बीज कार्य के अंतर्गत अनुदानित दर पर मूंगफली/ सोयाबीन/ तीसी/ राई/ सरसों आदि का बीज अधिकतम 4,000 रुपये प्रति क्विंटल या मूल्य का 50 प्रतिशत, दोनों में जो कम हो, की दर से किसानों के बीच वितरित किया जायेगा। साथ ही, संकर प्रभेद बीज वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत सूर्यमुखी/कुसुम/अण्डी एवं तिल के बीज अधिकत्तम 8,000 रुपये प्रति क्विंटल अथवा मूल्य का 50 प्रतिशत दोनों में जो कम हो, की दर से किसानों के बीच वितरण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसान अक्सर बचाये गये बीज का उपयोग करते हैं। बचे हुए बीज की पर्याप्त देखभाल और सुरक्षा के साथ संग्रहित करने हेतु इस योजना के तहत किसानों को 5 क्विंटल धारित क्षमता वाले धातु कोठिला मूल्य का 25 प्रतिशत अधिकतम 1,000 रुपये प्रति इकाई की दर से अनुदान पर वितरित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कम समय में तकनीकी हस्तान्तरण का सबसे उत्तम विधि फसल प्रत्यक्षण कार्यक्रम है। इसके कारण ही यह कृषकों के बीच यह काफी लोकप्रिय है। एनएफएसएम तेलहन के अंतर्गत प्रौद्योगिकी स्थानान्तरण कार्यक्रम के तहत मधुमक्खीपालन के साथ राई/सरसों प्रत्यक्षण हेतु उपादान क्रय करने पर किसानों को 2,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जायेगा। साथ ही, सोयाबीन प्रत्यक्षण कार्यक्रम के लिए उपादान क्रय करने पर किसानों को 2,400 रुपये प्रति एकड़ अनुदान में दिये जायेंगे। डॉ. कुमार ने कहा कि राज्य में इस योजना के कार्यान्वयन से तेलहन फसल का उत्पादन तथा उत्पादकता में वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

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