राज्य में पूर्ण शराबबंदी से अपराध में 24 से 28 फीसद कमी, समाज सुधार के कार्यक्रम तत्परता से लागू हों : राज्यपाल

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PATNA - BIHAR VIDAN SAVA KE BUDGET SESSON ME RAJ PAL KA SWAGAT KARTA NITISH KUMAR AND VIJAY CHOUDARI

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार समाज में समरसता के माहौल को कायम रखकर प्रदेश के विकास और जन कल्याण के लिए समर्पित है। राज्य सरकार सामाजिक कुरीतियों को दूर करते हुए राज्य के चहुंमुखी विकास, जन कल्याण तथा सामाजिक समरसता के माहौल को कायम रखने के लिए समर्पित है। राज्य सरकार का दृढ़ मत है कि विकासात्मक कायरे का लाभ समाज के सभी तबकों को प्रभावी रूप से तभी प्राप्त हो सकता है, जब समाज सुधार के कार्यक्रम भी पूरी तत्परता से लागू हों। राज्यपाल ने कहा कि समाज में व्याप्त अधिकतर कुरीतियों से सबसे अधिक प्रभावित महिलाएं ही होती हैं। इसको ध्यान में रखकर शराबबंदी के बाद पूर्ण नशाबंदी का संकल्प लिया गया। सरकार ने सामाजिक सुधार की इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए बाल विवाह और दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया है। पूर्ण शराबबंदी से समाज अधिक सशक्त, स्वस्थ और संयमी हुआ है। इसके कारण पारिवारिक ¨हसा और सामाजिक अपराध में कमी आयी है। बाल विवाह और दहेज प्रथा उन्मूलन अभियान शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, लैंगिक असमानता, कुपोषण एवं बौनापन, लड़कियों में असुरक्षा की भावना तथा अशिक्षा जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होगा। श्री मलिक ने कहा कि राज्य सरकार न्याय के साथ विकास का नजरिया रखते हुए सभी क्षेत्रों में और सभी वगरें को साथ लेकर चलने के लिए कृत संकल्पित है। सरकार की प्राथमिकता न सिर्फ मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की है, बल्कि आधारभूत संरचनाओं का विस्तार करना भी है। सरकार युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके लिए उच्च, व्यावसायिक तथा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास की व्यवस्था कर रही है। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून व्यवस्था को सुदृढ़ और कानून का राज स्थापित कर लोगों को भयमुक्त समाज प्रदान करने की रही है। सरकार के प्रयास का ही नतीजा है कि संगठित अपराध पर अंकुश लग सका है। राज्यपाल ने राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के 2016 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दर्ज सं™ोय अपराधों की राष्ट्रीय औसत दर प्रति एक लाख की जनसंख्या पर 233.6 है जबकि बिहार की अपराध दर 157.4 है। पूर्ण शराबबंदी के बाद राज्य में अपराध में 24 से 28 प्रतिशत की कमी आयी है। इसी तरह सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रही है। वर्ष 2017 में सतर्कता अन्वेषण ब्यूरो ने रिश्वत लेने से संबंधित 83, आय से अधिक सम्पत्ति के 13, पद के दुरुपयोग से संबंधित 23 मामले समेत 119 कांड दर्ज किये हैं। श्री मलिक ने कहा कि राज्य में महिला सशक्तिकरण नीति लागू की गयी है। पंचाययती राज संस्थाओं और नगर निकाय के चुनाव तथा प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। इसी तरह सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिये 50 प्रतिशत की आरक्षण की व्यवस्था की गयी है। इसके अतिरिक्त महिला पुलिस थानों की स्थापना और महिला बटालियन का गठन तथा सभी जिलों में महिला हेल्प लाइन की स्थापना की गयी है। श्री मलिक ने कहा कि राज्य में पर्यटक स्थलों के विकास के लिये कई योजनाएं शुरू की गयी है। वर्ष 2017 में घरेलू पर्यटकों की संख्या तीन करोड़ 24 लाख थी जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या दस लाख 82 हजार थी। वित्त वर्ष 2018-19 में नालंदा में तेल्हाड़ा तथा नवादा में देवनगढ़ में पुरातात्विक सथलों का उत्खनन और दरभंगा जिला का पुरातात्विक अन्वेषण कराने की योजना है। राज्यपाल के करीब 55 मिनट के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के सदस्य शांति से अपनी सीट पर बैठे रहे। वहीं, सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस दौरान सरकार की उपलब्धियां गिनाये जाने के समय मेज थप-थपाकर स्वागत किया। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद जब सभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तब सभाध्यक्ष ने पीठासीन पदाधिकारियों और कार्यमंतण्रा समिति के सदस्यों के नामों की घोषणा की। इसके बाद उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने वित्त वर्ष 2017-18 का आर्थिक सव्रेक्षण प्रतिवेदन सदन पटल पर रखा। सदन में पूर्व मंत्री देवनाथ प्रसाद, शाहिद अली खान, रघुनाथ झा, पूर्व सांसद जलालुद्दीन अंसारी, बिहार विधान परिषद् के पूर्व सदस्य जयमंगल सिंह, सत्येन्द्र नारायण सिंह, अवध कुमार सिंह और विधानसभा के पूर्व सदस्य रामाकांत यादव के निधन पर शोक व्यक्त करने के बाद सभा की कार्यवाही कल 11 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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