राज्य में किसान चौपाल 10 से 30 जून तक ,सीएम भी हो सकते हैं शामिल

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राज्य में 10 जून से लेकर 30 जून तक किसान चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इस चौपाल में राज्य के समस्त प्रतिनिधि भी भाग लेने। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी इस चौपाल में भाग लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। तिथि की सुनिश्चतता वे अपने सुविधानुसार तय करेंगे। इसके अलावा राज्य के सभी मंत्री, सांसद, विधायक व पंचायत प्रतिनिधि तक से इस चौपाल में भाग लेने का आग्रह किया है। कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने यह जानकारी आज कृषि विभाग द्वारा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सहयोग से ‘‘संवाद कक्ष’ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों को कृ़षि एवं संबद्ध क्षेत्रों की आधुनिक तकनीक, केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा विभागीय योजनाओं के बेहतर संचालन करने हेतु किसानों से सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों के प्रत्येक प्रखण्ड की सभी पंचायतों के चयनित गांवों में 10-30 जून के बीच किसान चौपाल का आयोजन किया जाएगा। किसान चौपाल के शुभारम्भ के अवसर पर उस क्षेत्र के स्थानीय सांसद, विधायक एवं पंचायत के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जायेगा। ताकि किसानों के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जा सके और जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।कृषि मंत्री ने कहा कि किसान चौपाल में प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी,कृषि विशेषज्ञ/वैज्ञानिक, पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक, प्रखण्ड/सहायक तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार सहित कृषि विभाग के पंचायत एवं प्रखंड स्तर के प्रसार कर्मी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों तथा नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को भी विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। डॉ. कुमार ने कहा कि किसान चौपाल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न फसलों के उत्पादकता एवं उत्पादन बढ़ाने के लिए मिट्टी जांच के आधार पर संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग, समय से फसल की बुआई, फफूंदनाशी एवं कीटनाशी से बीजोपचार, सिंचाई के लिए जल प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, दीमक एवं चूहा नियंत्रण, समेकित कीट प्रबंधन तथा समेकित पोषक तव प्रबंधन आदि के बारे में किसानों को जानकारी उपलब्ध कराना है। तेलहन-दलहन फसलों में कीट व्याधि के प्रकोप को कम करने के उद्देश्य से अनुशंसित बीजों की उपलब्धता के साथ-साथ किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती विशेषकर अंतवर्ती फसलों के साथ सब्जी आदि के उपयोग पर विशेष रूप से बताया जायेगा। किसान चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से किसान संगठन/कृषक हित समूह/स्वयं सहायता समूह आदि के निर्माण की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जायेगी और उन्हें बाजारोन्मुखी उत्पादन हेतु प्रेरित करने तथा कृषि विपणन में अधिक सहभागिता के लिए सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, किसानों को फसल अवशेषों को खेतों में न जलाने के प्रति जागरूक किया जायेगा और फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण, मिट्टी तथा मानव शरीर होने वाले नुकसान के बारे में बताया जायेगा। इस वर्ष किसान चौपाल में किसानों को ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के एडवाइजरी की जानकारी के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों के बारे में भी बताया जायेगा। उन्होंने बताया कि किसान चौपाल में किसानों के कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान किया जायेगा तथा कार्यक्रम में भाग ले रहे किसान/किसान सलाहकार/कृषि समन्वयक/सहायक तकनीकी प्रबंधक/प्रखंड कृषि पदाधिकारी/परियोजना निदेशक, आत्मा/जिला कृषि पदाधिकारियों से फीडबैक प्राप्त करने हेतु अलग-अलग फीडबैक का प्रारूप तैयार किया गया है। इस अवसर पर प्रधान सचिव, कृषि विभाग सुधीर कुमार, विशेष सचिव, कृषि विभाग रवीन्द्र नाथ राय, निदेशक उद्यान नंदकिशोर सहित कृषि विभाग के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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