राज्य में कई दूसरी जगहों पर भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे : मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने उन्नयन स्मार्ट क्लास का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दुहराते हुए कहा कि दूसरे स्थलों पर भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। श्री कुमार ने शुक्रवार को यहां ककवारा पंचायत के सोनारी गांव में 25 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दें। वर्ष 2015 में हमने निर्णय लिया और वर्ष 2016 से इसे शुरू कर दिया गया। साथ ही कई दूसरी जगहों पर भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे बिहार में हर घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनका पर्यावरण के प्रति गहरा लगाव है और वह चाहते हैं कि ताप विद्युत ऊर्जा, जो अक्षय ऊर्जा नहीं है, उसकी जगह वैकल्पिक ऊर्जा यानी सौर ऊर्जा का इस्तेमाल हो। पूरी धरती से यदि कोयला समाप्त हो जाएगा तो तो ताप विद्युत संयंत्र कैसे चलेंगे ? ऐसी स्थिति में यदि कोई अक्षय ऊर्जा है तो वो सौर ऊर्जा ही है। श्री कुमार ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में तालाब हैं और इसमें बड़े पैमाने पर मछलियों का उत्पादन हो रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से सुविधाएं प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में दूसरे प्रदेशों से मछलियां लायी जाती थीं, लेकिन अब इनका उत्पादन बढ़ने से उत्पादकों को अच्छी आमदनी भी हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘आज से 5-6 साल पहले मेरे मन में ये ख्याल आया कि तालाबों के नीचे मछली और ऊपर बिजली के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगा दिए जाएं तो कितना अच्छा होगा। इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। एक दो जगहों पर हमलोगों ने इसका प्रयोग भी किया है। मैने यहां भी कहा है कि आप पांच एकड़ के तालाब में एक मेगावाट की क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना कर सकते हैं। सौर ऊर्जा की तकनीक पहले बहुत महंगी थी लेकिन पिछले कुछ समय से इनकी कीमतें कम हुई हैं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नयन बांका योजना बहुत ही प्रभावी ढंग से काम कर रही है। इस तरह का उन्नयन कार्यक्रम अन्य जिलों में भी शुरू किया जाएगा। अभी 9वीं एवं 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए 40 मिनट का पाठ्यक्रम तैयार किया है और पढ़ा रहे हैं। पढ़ाने की यह तकनीक असरदार है और इससे नई पीढ़ी के बच्चे बहुत गहराई से किसी भी चीज को जान सकेंगे। बुनियादी तौर पर बच्चे अगर पूरी गहराई से जान लेंगे, समझ लेंगे तो शिक्षा का व्यापक असर होगा और उनका जीवन बेहतर होगा। उनके लिए रोजगार की अपार संभावनाएं होंगी। श्री कुमार ने कहा कि उन्होंने उन्नयन बांका योजना का विस्तार करने की सलाह दी है। एक साल तक पूरे बांका में इसको अच्छे ढंग से किया जाए तो बांका ज्ञान की भूमि हो जाएगी। उन्होंने इसके विस्तार की जरूरत बताई ताकि अन्य जगहों पर भी बच्चे इसका फायदा उठा सकें।

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मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वह कहा करते थे कि धरती इंसान की जरूरत को पूरा करने में सक्षम है, लालच को नहीं। बापू द्वारा बताए गए सात सामाजिक पापों को भी हर जगह लिखवाया जा रहा है। बच्चे इसे पढ़ेंगे, जानेंगे तो उनका मस्तिष्क और विकसित होगा। यदि नई पीढ़ी के 10 प्रतिशत लोगों पर भी इसका असर हो गया और उनके द्वारा इसे स्वीकार कर लिया गया तो समाज बदल जाएगा। समाज में झगड़े एवं टकराव के वातावरण से छुटकारा मिलेगा। इसमें ऐसी शिक्षा का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि जो समाज सुधार की बाते हैं, उसको बच्चे आत्मसात करें। श्री कुमार ने इससे पूर्व ककवारा स्थित ठाकुर रुद्रेश्वरी प्रसाद उच्च विद्यालय में उन्नयन के तहत चल रहे उन्नयन शिक्षा कार्यक्रम का भी जायजा लिया। बांका के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने उन्नयन शिक्षा कार्यक्रम के बारे मुख्यमंत्री को विस्तार से बताया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में लगे स्टॉल का भी अवलोकन किया। कक्षा में अच्छी उपस्थिति और अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को उन्होंने पुरस्कृत भी किया। उन्होंने नेशनल चाइल्ड साइंस कांग्रेस एंड नेशनल स्पोट्र्स के प्रतिभागी छात्रों से भी बातचीत की। एक छात्रा ने मासिक चक्र के दौरान अंधविास से जुड़ी जानकारियों पर किए गए अपने काम को विस्तार से बताया और स्वच्छता संबंधी जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने उन्नयन स्मार्ट क्लास रूम में बच्चों के साथ बैठकर कक्षा में पढ़ाए जाने के तरीके का अवलोकन किया। बच्चों ने उनके समक्ष उन्नयन शिक्षा से होने वाले फायदों के बारे में भी अपने अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ने उन्नयन स्मार्ट क्लास के अवलोकन के बाद सुझाव देते हुए कहा कि यह प्रभावकारी तरीका है, इससे ज्ञान और बढ़ेगा। उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। साथ ही कृषि फीडरों के लिए कुछ किसानों को कनेक्शन भी प्रदान किया।

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