राज्य मंत्रिमंडल का फैसला

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Patna-July.31,2018-Bihar Chief Minister Nitish Kumar is holding review meeting of flood & drought situation with officials through video conferencing at his residence in Patna.

बिहार सरकार ने विविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की वेतन असंगति मामलों पर विचार करने के लिए एक समिति गठित करने के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी।मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मांिपरिषद् की बैठक में राज्य के विविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन असंगति मामलों पर विचार करने के लिए वेतन विसंगति निराकरण समिति के गठन को स्वीकृत प्रदान की गई है। श्री सिंह ने बताया कि सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं का लाभ विवि एवं महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को देने के लिए इस समिति का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस समिति के अध्यक्ष राजस्व परिषद् के सदस्य होंगे। साथ ही सदस्य के रूप में शिक्षा विभाग के विशेष सचिव एवं वित्त विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। समिति को छह माह के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

बिहार सरकार ने नमी के कारण धान की खरीद में आ रही दिक्कत को समाप्त करने के उद्देश्य से राज्य में तीसरे कृषि रोडमैप के तहत प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) एवं व्यापार मंडल के माध्यम से ड्रायर के साथ कुल 260 चावल मिल लगाने का निर्णय लिया है।मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। श्री सिंह ने बताया कि कृषि रोडमैप के तहत वर्ष 2017-22 के दौरान पैक्स और व्यापार मंडल में दो मीट्रिक टन प्रति घंटा मिलिंग क्षमता वाले विद्युत आधारित कुल 260 चावल मिल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इन मिलों की खास बात यह होगी कि इनमें ड्रायर भी लगे होंगे ताकि नमी के कारण धान की खरीद में आने वाली कठिनाइयों को समाप्त किया जा सके। प्रधान सचिव ने बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 में ड्रायर के साथ 115 चावल मिल लगाये जाएंगे। प्रत्येक मिल के लिए पैक्स और व्यापार मंडलों को 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत चक्रीय पूंजी के रूप में 77.45 लाख रुपये दिये जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसमें केंद्र की 60 प्रतिशत और राज्य की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। श्री सिंह ने बताया कि राज्य में खाद्यान्न की भंडारण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से गोदामों के निर्माण के लिए कुल 560 करोड़ रुपये व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि तीसरे कृषि रोडमैप के तहत पैक्स और व्यापार मंडलों में वित्त वर्ष 2018-22 तक कुल आठ लाख मिट्रिक टन तक की भंडारण क्षमता का सृजन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधान सचिव ने बताया कि भंडारण क्षमता का विस्तार करने के लिए इस अवधि में 200 मिट्रिक टन, 500 मिट्रिक टन और 1000 मिट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए पैक्स और व्यापार मंडल को स्वीकृति की गई 560 करोड़ रुपये की राशि 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत चक्रीय पूंजी के रूप में प्रत्येक वर्ष के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में भंडारण क्षमता का विस्तार करने के लिए पिछले पांच-छह सालों से गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को अतिरिक्त आवंटन किया गया है। श्री सिंह ने बताया कि तीसरे कृषि रोडमैप (2017-22) की अवधि में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अनाजों की खरीद के लिए बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड को 800 करोड़ रुपये ऋण देने का निर्णय लिया गया है। योजना के तहत सहकारी बैंक को कार्यशील पूंजी के रूप में मिलने वाला इस ऋण को पूर्व निर्धारित या संशोधित ब्याज दर एवं अन्य शतरें के आधार पर स्वीकृत किया गया है।

सरकार ने सामान्य एवं कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषाहार उपलब्ध कराने के लिए चार अरब रुपये से अधिक के व्यय को मंजूरी दे दी। राशि डीबीटी और आंगन निधि ऐप के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। श्री सिंह ने बताया कि मधेपुरा के राजकीय मेडिकल कॉलेज का नामकरण जननायक कपरूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि भागलपुर के बरारी में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) की शाखा खोलने के लिए एसटीपीआई को 30 वर्ष की लीज पर नि:शुलक भूमि का हस्तांतरण करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि बैठक में कुल 15 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई है।

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नक्सल प्रभावित क्षेत्र जमुई में मेडिकल कालेज खुलेगा। मेडिकल कालेज के लिए 27 एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया है। अंचल-खैरा, मौजा-बेला में 27 एकड़ गैरमजरूआ मालिक परती कदीम भूमि स्वास्य विभाग को नि:शुल्क स्वीकृति गई दी है। ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवासों के निर्माण कार्य में प्रगति लाने हेतु ग्रामीण आवास कर्मियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किये जाने की स्वीकृति तथा ग्रामीण विकास विभाग के ही तहत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवासों के निर्माण कार्य में प्रगति लाने के लिए लाभुकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किये जाने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास प्रोत्साहन योजना’ की स्वीकृति प्रदान की है।

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