राज्यभर में मेहरबान हुआ मानसून राहत के साथ आफत भी लेकर आयी बारिश

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 राजधानी समेत सूबे के विभिन्न जिलों में रविवार को मानसून पूरे रंग में नजर में आया। आसमान में दिनभर बादल छाए रहे तथा रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस बीच यहां के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों के पूर्वानुमान में कहा है कि अभी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अब तक राज्यभर में भीषण सुखाड़ की स्थिति थी। आलम यह था कि यहां सामान्य से 49 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश नहीं होने से राज्य के ज्यादातर जिलों में धान रोपाई का कार्य शुरू नहीं हो पाया है, इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई थी। धान का बिचड़ा बचाने के लिए किसानों को विभिन्न साधनों से सिंचाई का सहारा लेना पड़ रहा था। दूसरी ओर, बारिश नहीं होने की वजह से गर्मी भी काफी बढ़ गई थी। लेकिन रविवार से यहां मानसून के सक्रिय होने से किसानों के चेहरे की रंगत लौट आई है। रविवार की सुबह से ही राजधानी समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर झमाझम बारिश हो रही है। मानसून की सक्रियता से तापमान में भी गिरावट आई है। दो दिन पहले तक यहां का तापमान 39-40 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा था।मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को राज्यभर में बारिश दर्ज की गई है। बहरहाल यहां मानसून काफी अच्छी स्थिति में है तथा अगले सात दिनों तक यही स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा राज्यभर में औसत बारिश होगी। उधर, बारिश के बाद राजधानी समेत राज्य के अन्य हिस्सों के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 27.0 डिग्री सेल्सियस ददर्ज किया गया, जो सामान्य से भी तीन डिग्री सेल्सियस कम है। भागलपुर का अधिकतम 33.8 तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस जबकि गया का अधिकतम तापमान 28.5 तथा न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

झमाझम बारिश ने रविवार की शाम जहां उमस और गर्मी से राहत दी, वहीं कुछ निचले इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों को आफत भी झेलनी पड़ी। बारिश से किसानों के चेहरे भी खिले। बारिश के कारण आमजन से लेकर किसानों तक में खुशी दिखी। दूसरी और, कुछ निचले इलाकों में नाले की उड़ाही ठीक से नहीं होने के कारण जलजमाव का नजारा भी दिखा। बाकरगंज, गांधी मैदान, कंकड़बाग टेम्पो स्टैंड के पास, पत्थर की मस्जिद, करबिगहिया में जलजमाव हुआ। बारिश रुकने के बाद पानी धीरे-धीरे निकला। पटना सिटी में मंगल तालाब के पास नाले का निकास बाधित रहने के कारण मुख्य सड़क पर पानी जमा हो गया। यहां हल्की बारिश में भी जलजमाव हो जाता है। शहर के कई अन्य निचले इलाकों में भी जलजमाव कायम हो गया। जहां से बारिश का पानी निकला वहां के रास्ते कीचड़ से सन गए। 

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